भगवान सूर्य देव के पिता का नाम क्या है? उनके परिवार में हैं कौन-कौन, जानिए भाष्कर की सवारी में 7 घोड़े ही क्यों

भगवान सूर्य देव के पिता का नाम क्या है? उनके परिवार में हैं कौन-कौन, जानिए भाष्कर की सवारी में 7 घोड़े ही क्यों

Last Updated:

Surya Dev Ke Pita Ka Naam: सूर्य देव के पिता महर्षि कश्यप थे और माता अदिति थीं. सूर्य देव ने अदिति के गर्भ से जन्म लिया और असुरों का संहार किया. उनकी सवारी में सात घोड़े सप्ताह के सात दिनों का प्रतीक हैं.

जानिए, कौन हैं भगवान सूर्य देव के पिता? (Image- AI)

हाइलाइट्स

  • सूर्य देव के पिता महर्षि कश्यप थे.
  • सूर्य देव की माता अदिति थीं.
  • सूर्य देव की सवारी में 7 घोड़े सप्ताह के 7 दिनों का प्रतीक हैं.
Surya Dev Ke Pita Ka Naam: कलयुग में प्रत्यक्ष रूप से देवता के रूप में गिने जाने वाले एकमात्र भगवान सूर्य देव ही हैं. शास्त्रों में इनकी पूजा के लिए रविवार का दिन समर्पित किया गया है. भगवान सूर्यदेव को भाष्कर, रवि और आदित्य समेत कई नामों से जाना जाता है. भगवान भाष्कर ने ही असुरों का संहार किया था. माता अदिति के गर्भ से सूर्य देव ने पुत्र रूप में जन्म लिया था. लेकिन, सवाल है सूर्य देव के पिता कौन हैं? सूर्य देव के परिवार में कौन-कौन हैं? भगवान भाष्कर की सवारी में 7 घोड़े ही क्यों हैं? इस बारे में News18 को बता रहे हैं उन्नाव के ज्योतिषाचार्य ऋषिकांत मिश्र शास्त्री-

सूर्य देव के माता पिता और परिवार?

ज्योतिषाचार्य बताते हैं कि, सूर्य देव के पिता बहुत ही बड़े ज्ञानी ऋषि यानी महर्षि कश्यप थे. एक कथा के अनुसार, ब्रह्मा जी के पुत्र मरिचि और मरिचि के पुत्र महर्षि कश्यप का विवाह प्रजापति दक्ष की कन्या दीति और अदिति से हुआ. अदिति के गर्भ से सूर्यदेव ने पुत्र रूप में जन्म लिया. सभी देवता अदिति के ही पुत्र थे और सूर्य उनके नायक बने और असुरों का संहार किया था.

कैसे हुआ भगवान सूर्य देव का जन्म?

पौराणिक कथाओं के अनुसार, एक बार की बात है देव और दानव में युद्ध छिड़ गया, इस युद्ध में देवता पराजित हो गए थे. जिससे देवमाता अदिति बेहद उदास हो गई थी. उन्होंने घोर तपस्या की कि सभी देवताओं की स्वर्ग में वापसी हो जाए. इस तपस्या से उन्हें वरदान प्राप्त हुआ कि सूर्यदेव उन्हें विजय प्राप्त करवाएंगे और वह खुद अदिति के पुत्र के रूप में जन्म लेंगे. एक समय ऐसा आया जब सूर्य देव ने अदिति के घर जन्म लिया और देवताओं को असुरों पर विजय प्राप्त करवाई.

सूर्य देव की सवारी में सात घोड़े ही क्यों?

धार्मिक ग्रंथों के अनुसार सूर्य देव का वाहन सात घोड़ों वाला है, जिसका साथी अरुण देव माने जाते हैं. सूर्य देव के रथ में सात घोड़े सप्ताह के 7 दिनों के प्रतीक माने जाते हैं. यह भी मान्यता है कि हर घोड़ा अलग रंग का है. जो एक साथ मिलकर पूरे सात रंग वाले इंद्रधनुष का निर्माण करते हैं.

homedharm

भगवान सूर्य देव के पिता का नाम क्या है? जानिए उनके परिवार में हैं कौन-कौन

Source link

Previous post

Sawan 2025 Grishneshwar Jyotirlinga: घृष्णेश्वर ज्योतिर्लिंग की यात्रा बिना शिवालय दर्शन के पूरी नहीं, संतान प्राप्ति के लिए लोग करते हैं दर्शन

Next post

Last Sawan Sunday 2025: सावन के अंतिम रविवार को कई शुभ योग, इस मुहूर्त में पूजा करने से मिलेगी सफलता, जानें व्रत के लाभ

You May Have Missed