पुरुष साल भर में बड़े मंगल के साथ ये 5 व्रत अवश्य करें, चिंता से मिलेगी मुक्ति और धन, करियर समेत हर क्षेत्र में होगा लाभ
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शास्त्रों में पुरुषों के लिए ऐसे कुछ व्रत बताए गए हैं, जिनको अवश्य करने चाहिए. पूजा-पाठ सिर्फ स्त्रियों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि गृहस्थ जीवन से जुड़े पुरुषों के लिए भी इनका विशेष महत्व बताया गया है. हिंदू कैलेंडर में ऐसे कई व्रत-त्योहार आते हैं, जिनमें पुरुष समाज बढ़ चढ़कर पूजा-पाठ में शामिल होता है. आइए जानते हैं पुरुषों के लिए बताए गए व्रत के बारे में…
ज्यादातर घरों में आपने देखा होगा कि पुरुषों के अपेक्षा घर की महिलाएं ज्यादा पूजा-पाठ और व्रत करती हैं. लेकिन शास्त्रों में पुरुषों के लिए कुछ ऐसे व्रत और उपवास बताए हैं, जिनको अवश्य करना चाहिए. हिंदू धर्म में व्रत और उपवास का विशेष महत्व है और यह एक विश्वास भी है, जो एक भक्त और ईश्वर के बीच स्थापित है. व्रत और उपवास केवल धार्मिक आस्था से नहीं बल्कि आत्मबल, अनुशासन और ग्रह शांति से भी जोड़ा गया है. अगर पुरुष ये व्रत और उपवास श्रद्धा और नियमपूर्वक करते हैं तो उनके जीवन में सकारात्मकत ऊर्जा के संचार के साथ साहस, आर्थिक स्थिरता और पारिवारिक सुख में वृद्धि होती है. ज्योतिषाचार्यों का मानना है कि ये व्रत पुरुषों के जीवन से ग्रह दोष, मानसिक तनाव और बाधाओं को दूर करने में भी सहायक होते हैं. साथ ही भौतिक चीजों से दूर आत्मा का परमात्मा से भी मिलन होता है. आइए जानते हैं शास्त्रों द्वारा पुरुषों के लिए बताए गए इन व्रत के बारे में…

बड़ा मंगल का व्रत 2026 – ज्येष्ठ माह में आने वाला बड़ा मंगल हनुमानजी को समर्पित होता है. मान्यता है कि इस दिन व्रत रखने और हनुमान चालीसा का पाठ करने से पुरुषों को बल, निर्भयता और साहस प्रदान करता है. यह व्रत विशेष रूप से मंगल ग्रह को मजबूत करता है, जो पुरुषत्व और साहस का कारक माना जाता है. बड़े मंगल का व्रत सभी चिंताएं और शत्रुओं से मुक्ति मिलती हैं और सभी कार्य बनने लगते हैं. हर पुरुष को ज्येष्ठ माह में आने वाले बड़े मंगल का व्रत अवश्य करना चाहिए.

हनुमान जयंती का व्रत 2026 – हनुमान जयंती का व्रत पुरुषों के लिए अत्यंत फलदायी माना गया है, यह व्रत हर साल चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि को रखा जाता है. इस दिन व्रत रखकर बजरंगबली की पूजा करने से आत्मविश्वास बढ़ता है और जीवन की कठिन परिस्थितियों में स्थिरता आती है. शास्त्रों में कहा गया है कि हनुमान जयंती का व्रत करने वाले पुरुषों को अकाल मृत्यु और भय से रक्षा मिलती है. साथ हनुमान जयंती का व्रत करने से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है. इस व्रत में ब्रह्मचर्य का विशेष रूप से पालन किया जाता है, यह व्रत भी खासतौर से पुरुषों द्वारा किया जाता है. हनुमान जंयती पर हनुमान चालीसा, सुंदरकांड और बजरंग बाण का पाठ विशेष फलदायी माना गया है, इस साल 2026 में हनुमान जयंती का व्रत 2 अप्रैल को रखा जाएगा.
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चैत्र और शारदीय नवरात्र 2026 – पुरुषों को चैत्र माह और आश्विन माह में आने वाले नवरात्र का व्रत अवश्य करना चाहिए. इन व्रत में कम से कम प्रतिपदा यानी नवरात्रि का पहला दिन और अष्टमी तिथि का व्रत अवश्य करना चाहिए और नवमी के दिन कन्या पूजन करना चाहिए. साल 2026 में चैत्र नवरात्र 19 मार्च से शुरू हो रहे हैं, जबकि शारदीय नवरात्र 11 अक्टूबर से प्रारंभ होंगे. इन नवरात्रि में आपने देखा होगा कि पुरुष बड़े पैमाने में शामिल होते हैं, बच्चों के साथ मेले देखने जाते हैं. यही व्रत से जुड़ी छोटी-छोटी चीजों से इंसान का ईश्वर पर विश्वास मजबूत होता है.

सावन सोमवार व्रत 2026 – शास्त्रों में पुरुषों के लिए सावन के सोमवार का व्रत भी बताया गया है. सावन माह के सोमवार भगवान शिव को समर्पित होते हैं और आपने देखा होगा कि पुरुष बड़ी संख्या में सावन सोमवार का व्रत करते भी हैं. सावन मास के पवित्र दिनों में भक्त कांवड़ यात्रा पर भी जाते हैं और महाशिवरात्रि के दिन शिवलिंग का गंगाजल से अभिषेक करते हैं. सावन सोमवार के व्रत करने से इंसान की हर इच्छा पूरी हो जाती है, साल 2026 में सावन सोमवार के व्रत 3 अगस्त, 10 अगस्त, 17 अगस्त और 24 अगस्त को रखे जाएंगे.

प्रदोष व्रत 2026 – पुरुषों को भगवान शिव को समर्पित प्रदोष व्रत अवश्य करना चाहिए. इस व्रत को करने से जीवन के सभी चिंताएं दूर होती हैं और भाग्य का भी पूरा साथ मिलता है. जब प्रदोष व्रत मंगलवार के दिन पड़ता है, तो उसे भौम प्रदोष व्रत कहा जाता है. यह व्रत मंगल ग्रह से जुड़े दोषों को शांत करने में अत्यंत प्रभावी माना जाता है. शास्त्रों के अनुसार इस व्रत से क्रोध, दुर्घटना और रक्त विकार से मुक्ति मिलती है. इस साल तीन भौम प्रदोष व्रत होंगे, 28 अप्रैल को पहला भौम प्रदोष व्रत होगा, इसके बाद 25 अगस्त, फिर 8 सितंबर को भौम प्रदोष व्रत होगा.


