जो चाहोगे वो मिलेगा! लेकिन मूलांक-भाग्यांक से जुड़ी इन 2 दिशाओं को रखें दूर
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Dharma Aastha: कहते हैं कि वास्तु में दिशाओं का काफी महत्व होता है. खासतौर पर मूलांक और भाग्यांक से जुड़ी दिशाएं यदि असंतुलित हों तो जीवन में बार-बार रुकावटें आने लगती हैं. इसलिए घर की सही दिशा और सकारात्मक ऊर्जा को बनाए रखना बेहद जरूरी माना गया है. आइए पुजारी से इस सबके बारे में जानते हैं.
ऋषिकेश: वास्तु शास्त्र में दिशाओं का विशेष महत्व बताया गया है. माना जाता है कि घर की हर दिशा अपने साथ एक खास ऊर्जा लेकर आती है, जो व्यक्ति के जीवन, करियर, रिश्तों और आर्थिक स्थिति को प्रभावित कर सकती है. आज के समय में लोग मेहनत तो खूब करते हैं, लेकिन कई बार मनचाहे परिणाम नहीं मिलते. ऐसे में वास्तु शास्त्र यह मानता है कि इसकी एक वजह घर में मौजूद वास्तु दोष भी हो सकते हैं. खासतौर पर मूलांक और भाग्यांक से जुड़ी दिशाएं यदि असंतुलित हों तो जीवन में बार-बार रुकावटें आने लगती हैं. इसलिए घर की सही दिशा और सकारात्मक ऊर्जा को बनाए रखना बेहद जरूरी माना गया है.
लोकल 18 के साथ बातचीत के दौरान पुजारी शुभम तिवारी ने बताया कि उत्तर-पूर्व दिशा यानी ईशान कोण को सबसे पवित्र और सकारात्मक दिशा माना जाता है. यह दिशा ज्ञान, शांति, आध्यात्म और नई संभावनाओं से जुड़ी होती है. यदि इस दिशा में गंदगी, टूटा सामान, भारी फर्नीचर या अंधेरा रहता है तो घर में नकारात्मक ऊर्जा बढ़ने लगती है. इसका असर व्यक्ति की सोच, मानसिक शांति और निर्णय लेने की क्षमता पर भी पड़ सकता है. वहीं यदि इस दिशा को साफ-सुथरा और हल्का रखा जाए तो घर में सुख-समृद्धि और सकारात्मकता बनी रहती है. कई लोग इस दिशा में पूजा घर या ध्यान करने की जगह बनाना शुभ मानते हैं.
आत्मविश्वास और रिश्तों की मजबूती वाली दिशा
दूसरी महत्वपूर्ण दिशा दक्षिण-पश्चिम यानी नैऋत्य कोण मानी जाती है. वास्तु शास्त्र में इसे स्थिरता, आत्मविश्वास और रिश्तों की मजबूती से जोड़ा गया है. माना जाता है कि यदि इस दिशा में वास्तु दोष हो तो व्यक्ति को मेहनत के बावजूद स्थिर सफलता नहीं मिल पाती. बार-बार आर्थिक समस्याएं, तनाव या रिश्तों में दूरी जैसी परेशानियां सामने आ सकती हैं. इस दिशा में भारी सामान रखना अच्छा माना जाता है, लेकिन यहां टूट-फूट, गंदगी या गलत निर्माण नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है. इसलिए इस हिस्से को व्यवस्थित रखना जरूरी माना जाता है.
इंटीरियर डिजाइन में भी वास्तु का ध्यान
आजकल लोग अपने घर को सुंदर बनाने पर तो ध्यान देते हैं, लेकिन दिशाओं की ऊर्जा को नजरअंदाज कर देते हैं. कई बार छोटी-छोटी गलतियां भी जीवन में बड़ी परेशानियों का कारण बन सकती हैं. जैसे घर के किसी कोने में कबाड़ जमा करना, टूटी चीजों को लंबे समय तक संभालकर रखना या घर में पर्याप्त रोशनी और सफाई न होना. वास्तु शास्त्र के अनुसार ऐसी चीजें सकारात्मक ऊर्जा को रोक सकती हैं. यही वजह है कि लोग अब घर बनवाते समय या इंटीरियर डिजाइन करवाते समय भी वास्तु का ध्यान रखने लगे हैं.
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आर्यन ने नई दिल्ली के जामिया मिलिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई की और एबीपी में काम किया. उसके बाद नेटवर्क 18 के Local 18 से जुड़ गए.
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