नौतपा में हो गई बारिश, थरी रह गईं सभी भविष्यवाणियां, ये आंधी-बूंदाबांदी किस अशुभ संकेत की
नौतपा में हो गई बारिश, ये आंधी-बूंदाबांदी किस अशुभ संकेत की तरह इशारा!
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Rain in Nautapa Astro Meaning: नौतपा खत्म होने में अभी कुछ दिन बचे थे लेकिन मौसम का यह बदला हुआ रूप चर्चा का विषय बना हुआ है. कोई इसे प्रकृति का संकेत मान रहा है तो कोई जलवायु परिवर्तन का असर. लेकिन इतना तय है कि बदलता मौसम अब लोगों की चिंता बढ़ाने लगा है. पारंपरिक मान्यताओं में कहा जाता है कि अगर नौतपा पूरी तरह से नहीं तपे, तो मानसून कमजोर हो सकता है और खेती पर असर पड़ सकता है. आइए जानते हैं नौतपा में अगर बारिश हो जाए तो यह भविष्य में किस घटना के संकेत मिलते हैं…
Rain in Nautapa Astro Meaning: सूर्य के रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करते ही नौतपा शुरू हो जाता है और साल 2026 में 25 मई से शुरू हुआ नौतपा 2 जून तक चलने वाला है. आमतौर पर नौतपा के दौरान भीषण गर्मी पड़ती है और सूरज की तपिश अपने चरम पर होती है, लेकिन इस बार कई राज्यों में नौतपा के बीच अचानक बारिश, तेज आंधी और बूंदाबांदी देखने को मिली. मौसम के इस बदले मिजाज ने लोगों को हैरान कर दिया है. वहीं ज्योतिष और पारंपरिक मान्यताओं में इसे कई तरह के संकेतों से जोड़कर देखा जा रहा है. सोशल मीडिया पर भी लोग सवाल पूछ रहे हैं कि आखिर नौतपा में बारिश होना किस बात की ओर इशारा कर रहा है.
नौतपा के फायदे
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, नौतपा के नौ दिन बेहद महत्वपूर्ण माने जाते हैं. मान्यता है कि इस दौरान सूर्य की तेज गर्मी धरती को तपाती है, जिससे आने वाले मानसून का संतुलन बनता है. मान्यता है कि नौतपा जितना ज्यादा तपता है, उतना ही अच्छा मानसून माना जाता है. विशेषज्ञों के अनुसार नौतपा की तेज गर्मी से वातावरण में मौजूद कई हानिकारक बैक्टीरिया और कीटाणु खत्म होते हैं. इससे फसलों को फायदा मिलता है और बारिश का चक्र भी संतुलित रहता है. किसानों का मानना है कि अच्छी गर्मी पड़ने से खेत मानसून के लिए तैयार हो जाते हैं. वहीं आम, लीची और दूसरी गर्मी की फसलों को भी इसका लाभ मिलता है.
नौतपा में बारिश के नुकसान
अगर नौतपा के दौरान बार-बार बारिश, आंधी या बूंदाबांदी हो जाए तो इसे अच्छा संकेत नहीं माना जाता. पुराने जानकारों का मानना है कि अगर नौतपा के दौरान लगातार बारिश या आंधी-तूफान हो जाए तो इसका असर बारिश के पूरे सीजन पर पड़ सकता है. अगर अगली फसल के लिए सही से बारिश ना हुई तो यह किसान समेत सभी आमजन के लिए नुकसान की खबर हो सकती है. ऐसा करने से मंहगाई बढ़ेगी, जो पहले से ही काफी है. कुछ लोग इसे प्राकृतिक असंतुलन और मौसम में बदलाव का संकेत भी मानते हैं. तेज गर्मी नहीं पड़ने से खेती और फसलों पर असर पड़ने की आशंका रहती है. कई बार अचानक बारिश से सब्जियों और फलों की फसल खराब हो जाती है.
मौसम का तेजी से बदलता पैटर्न
विशेषज्ञों के मुताबिक नौतपा में बारिश होने का सीधा संबंध वेस्टर्न डिस्टर्बेंस और बदलते जलवायु चक्र से भी हो सकता है. पिछले कुछ वर्षों में मौसम का पैटर्न तेजी से बदला है, जिसकी वजह से गर्मी, बारिश और तूफान का समय भी प्रभावित हो रहा है. यही कारण है कि मई-जून जैसे गर्म महीनों में भी कई इलाकों में तेज बारिश देखने को मिल रही है.
बारिश से लोगों को राहत
इस बीच तेज हवाओं और बूंदाबांदी से लोगों को गर्मी से राहत जरूर मिली है, लेकिन किसानों की चिंता भी बढ़ गई है. कई जगहों पर तेज हवा और बारिश के कारण फसलों को नुकसान पहुंचने की खबरें सामने आई हैं. मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी कई राज्यों में आंधी और बारिश की संभावना जताई है. फिलहाल नौतपा के दौरान मौसम का यह बदला हुआ रूप चर्चा का विषय बना हुआ है. कोई इसे प्रकृति का संकेत मान रहा है तो कोई जलवायु परिवर्तन का असर. लेकिन इतना तय है कि बदलता मौसम अब लोगों की चिंता बढ़ाने लगा है.
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पराग शर्मा Hindi News18 Digital में Chief Sub Editor के पद पर कार्यरत हैं. वर्तमान में धर्म, ज्योतिष, ग्रह-नक्षत्र, राशि और वास्तु से जुड़ी खबरों पर काम कर रहे हैं. भारतीय धार्मिक परंपराओं, ज्योतिष शास्त्र, मेद…और पढ़ें


