घर की तुलसी सूख गई? जल्दबाजी में न करें यह एक बड़ी गलती

घर की तुलसी सूख गई? जल्दबाजी में न करें यह एक बड़ी गलती

अंबाला: घर के आंगन या बालकनी में लगा तुलसी का पौधा हिंदू धर्म में केवल एक औषधीय पौधा नहीं, बल्कि आस्था, सुख-समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है. यही वजह है कि लगभग हर हिंदू परिवार में तुलसी की पूजा की जाती है. दरअसल, मान्यता है कि जिस घर में तुलसी का पौधा हरा-भरा रहता है, वहां मां लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है. लेकिन जब यही पौधा अचानक सूख जाता है तो कई लोग उसे सामान्य पौधा समझकर कूड़ेदान में फेंक देते हैं. धार्मिक मान्यताओं और वास्तु शास्त्र के अनुसार यह शुभ नहीं माना जाता. विशेषज्ञों का कहना है कि तुलसी का पौधा सूखने के पीछे मौसम, देखभाल की कमी, पानी की मात्रा या अन्य प्राकृतिक कारण हो सकते हैं, लेकिन वास्तु में इसे एक संकेत के रूप में भी देखा जाता है. ऐसे में सबसे जरूरी बात यह होती है कि सूखे हुए पौधे के साथ सम्मानजनक व्यवहार किया जाए. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार तुलसी को कभी भी कचरे में नहीं डालना चाहिए, क्योंकि इसे माता तुलसी का स्वरूप माना गया है.

शुक्रवार को करें तुलसी का सम्मानपूर्वक विसर्जन

इस बारे में लोकल 18 को जानकारी देते हुए अंबाला के ज्योतिषाचार्य पंडित दीपलाल जयपुरी बताते हैं कि यदि तुलसी का पौधा पूरी तरह सूख जाए और उसमें दोबारा नई पत्तियां आने की संभावना न हो, तो उसे शुक्रवार के दिन गमले से निकालकर किसी पवित्र नदी, सरोवर या तालाब में विसर्जित करना शुभ माना जाता है. वहीं रविवार के दिन तुलसी को गमले से हटाने से बचना चाहिए. उनका कहना है कि तुलसी का सम्मान करना धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना गया है.

सूखी मंजरी को ऐसे करें सुरक्षित

पंडित दीपलाल जयपुरी के अनुसार सूखी तुलसी की मंजरी भी बेहद पवित्र मानी जाती है. इसे फेंकने के बजाय लाल कपड़े में बांधकर घर की तिजोरी या पूजा स्थान पर रखा जा सकता है. मान्यता है कि इससे घर में धन और समृद्धि का आगमन होता है. इसके अलावा यदि सूखी मंजरी को किसी खाली गमले में डाल दिया जाए तो बरसात के मौसम में उससे नया पौधा निकल सकता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार ऐसा होना बेहद शुभ संकेत माना जाता है और इसे परिवार के लिए सौभाग्य का प्रतीक समझा जाता है.

हवन में भी किया जा सकता है उपयोग

उन्होंने बताया कि वास्तु शास्त्र में सूखी तुलसी की लकड़ियों का भी विशेष महत्व बताया गया है. जब भी घर में हवन या धार्मिक अनुष्ठान हो, तब इन लकड़ियों को हवन सामग्री के साथ अग्नि में अर्पित किया जा सकता है. ऐसा करने से घर का वातावरण शुद्ध रहता है और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होने की मान्यता है.

उसी गमले में लगाएं नई तुलसी

उन्होंने कहा कि तुलसी का पौधा सूखने के बाद उसी गमले को खाली छोड़ना भी उचित नहीं माना जाता. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार उसी गमले में नया तुलसी का पौधा लगाना शुभ होता है. यदि यह कार्य पूर्णिमा, सावन के महीने या गुरुवार के दिन किया जाए तो इसे और भी मंगलकारी माना गया है.

ईशान दिशा में रखें नया पौधा

इसके साथ ही नए पौधे को घर की उत्तर-पूर्व यानी ईशान दिशा में रखना सबसे उपयुक्त माना जाता है. उन्होंने बताया कि वास्तु के अनुसार यही दिशा तुलसी के लिए शुभ मानी जाती है और इससे घर में सुख, शांति तथा समृद्धि का वास बना रहता है. उनका कहना है कि धार्मिक मान्यताओं में तुलसी केवल एक पौधा नहीं, बल्कि श्रद्धा और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक है. ऐसे में यदि घर की तुलसी सूख जाए तो जल्दबाजी में उसे कूड़े में फेंकने के बजाय परंपराओं और वास्तु नियमों का पालन करते हुए सम्मानपूर्वक विदा करना और उसकी जगह नया पौधा लगाना शुभ माना जाता है.

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