गुरु दोष दूर करने को लगाना है पीला तिलक, जानें बनाने की विधि, मंत्र, किस अंगुली से लगाएं
गुरु दोष दूर करने के लिए लगाना है पीला तिलक, जानें बनाने की विधि और मंत्र
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How To Make Peela Tilak At Home: कुंडली के गुरु दोष को मिटाने के लिए माथे पर पीले रंग का तिलक लगाना चाहिए. पीले रंग का यह तिलक कैसे बनता है, क्या मंत्र पढ़ना चाहिए और किस अंगुली से तिलक लगाना चाहिए? आइए जानते हैं पीला तिलक बनाने की विधि और सबकुछ.
पीले रंग का तिलक बनाने की विधि. (Photo: AI)
Peela Tilak Banane Ki Vidhi: गुरुवार का दिन भगवान विष्णु और देव गुरु बृहस्पति की पूजा का है. कुंडली के गुरु दोष को दूर करने के लिए इस दिन लोग अपने माथे पर पीले रंग का तिलक करते हैं. कोई पीला चंदन प्रयोग में लाता है तो कोई केसर या फिर हल्दी का सामान्य तिलक करता है. सवाल यह है कि गुरु दोष को मिटाने के लिए पीले रंग का तिलक घर पर कैसे बनाएं? इसको बनाना बेहद आसान है. आइए जानते हैं इसकी विधि और तिलक लगाने का मंत्र.
पीले तिलक के लिए सामग्री
- केसर
- हल्दी
- चंदन
- पवित्र जल या गुलाब जल
- एक छोटी कटोरी या प्लेट
- चम्मच
पीला तिलक बनाने की आसान विधि
- सबसे पहले स्नान करने के बाद पीला तिलक बनाने की सामग्री का प्रबंध कर लें. पूजा से पहले आप यह तिलक बना लें, ताकि पूजा भगवान विष्णु और देव गुरु के लगाने के बाद स्वयं के माथे पर लगा सकें.
- एक कटोरी में थोड़ा सा पवित्र जल लें और उसमें 5 से लेकर 7 केसर डालें. फिर उसे 5 से 10 मिनट तक छोड़ दें. उसमें जल बहुत मात्रा में नहीं डालना है. उतना ही डालें, जितने में आपका तिलक बन जाए. ज्यादा पानी डाल देंगे तो उसका केसरिया रंग गाढ़ा नहीं होगा, पतला हो जाएगा.
- केसर जब अच्छी तरह से अपना रंग छोड़ दे यानि कटोरी का जल लाल नारंगी रंग का हो जाए. तब आप उसमें सफेद चंदन का पाउडर डालें.
- अब आप उसे चम्मच या एक छोटी लकड़ी से अच्छे से मिला दें, ताकि वह चंदन केसर के जल में पूरी तरह मिल जाए और गाढ़ा पीला तिलक तैयार हो जाए.
- यदि आपके पास चंदन पाउडर नहीं है तो उसकी जगह पर साफ हल्दी पाउडर का उपयोग कर सकते हैं. इससे यह तिलक और पीला हो जाएगा. हालांकि चंदन मिलाएंगे तो पूरे दिन उसकी सुगंध आपको मिलेगी.
तिलक लगाने का मंत्र
जब आप स्वयं को तिलक लगाएं तो नीचे दिए गए मंत्र का उच्चारण करें.
ॐ चन्दनस्य महत्पुण्यं पवित्रं पापनाशनम्।
आपदां हरते नित्यं, लक्ष्मीस्तिष्ठति सर्वदा॥
यदि किसी और को तिलक लगा रहे हैं तो इस मंत्र का उच्चारण करें.
पुण्यं यशस्यमायुष्यं तिलकं मे प्रसीदतु।
कान्ति लक्ष्मीं धृतिं सौख्यं सौभाग्यमतुलं बलम्॥
ददातु चन्दनं नित्यं सततं धारयाम्यहम्॥
कैसे लगाएं तिलक?
जब आपको तिलक लगाना है तो अपना मुख उत्तर या पूर्व दिशा की ओर कर लें. फिर केसर और चंदन को लेकर अपने दाहिने हाथ की अनामिका अंगुली यानि रिंग फिंगर, जो सबसे छोटी अंगुली के बगल में होती है, उससे तिलक करें. इस अंगुली से तिलक करने से मान-सम्मान, सुख और समृद्धि में वृद्धि होती है. मानसिक शांति मिलती है.
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कार्तिकेय तिवारी Hindi News18 Digital में Deputy News Editor के पद पर कार्यरत हैं. वर्तमान में धर्म, ज्योतिष, वास्तु और फेंगशुई से जुड़ी खबरों पर काम करते हैं. धर्म में पचांग, पुराणों और शास्त्रों के आधार पर व्…और पढ़ें


