गाड़ी-स्कूटर की चाबी कहीं भी मत रखिए, जानिए वास्तु के हिसाब से सही दिशा
Last Updated:
फरीदाबाद के महंत कामेश्वरानंद वेदांताचार्य के अनुसार घर, दुकान, तिजोरी या वाहन की चाबियां कभी भी इधर-उधर नहीं रखनी चाहिए. वास्तु शास्त्र में उत्तर दिशा को चाबी रखने के लिए सबसे शुभ माना गया है. इस दिशा में लकड़ी के होल्डर पर चाबी रखने से सकारात्मक ऊर्जा, सुख-समृद्धि और धन वृद्धि का संचार होता है.
फरीदाबाद: घर में गाड़ी, बाइक या स्कूटर की चाबी अक्सर लोग कहीं भी रख देते हैं. घर लौटते ही कभी डाइनिंग टेबल पर कभी किचन में तो कभी किसी दराज में चाबी फेंक दी जाती है. कई लोग दरवाजे के पीछे बने होल्डर पर भी चाबी टांग देते हैं, लेकिन वास्तु शास्त्र में चाबी रखने को लेकर कुछ खास नियम बताए गए हैं. मान्यता है कि चाबी को सही दिशा में रखने से घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और सुख-समृद्धि बनी रहती है.
वास्तु के अनुसार घर में चाबी कहां रखें
Local18 से बातचीत में बल्लभगढ़ के महंत कामेश्वरानंद वेदांताचार्य बताते हैं घर दुकान, गाड़ी या तिजोरी की चाबी को कभी भी लापरवाही से नहीं रखना चाहिए. डाइनिंग टेबल, किचन या किसी भी जगह पर चाबी फेंक देना वास्तु के अनुसार उचित नहीं माना जाता. दरवाजे के पीछे होल्डर बनाकर चाबी टांगने की आदत भी सही नहीं है. चाबी को हमेशा एक निश्चित स्थान पर सम्मान के साथ रखना चाहिए.
चाबी रखने के लिए सबसे उत्तम दिशा कौन सी है
महंत कामेश्वरानंद वेदांताचार्य बताते हैं वास्तु के अनुसार चाबी रखने के लिए सबसे उत्तम दिशा उत्तर दिशा मानी गई है. उत्तर दिशा को धन के देवता कुबेर की दिशा कहा जाता है. इस दिशा में लकड़ी का एक होल्डर लगाकर चाबी टांगनी चाहिए. लकड़ी को सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है और यह नकारात्मकता को कम करने में सहायक मानी जाती है. चाबी रखने का स्थान ऐसा होना चाहिए जो सीधे दिखाई न दे और किसी पर्दे या अन्य वस्तु से ढका हुआ रहे.
महंत कामेश्वरानंद वेदांताचार्य बताते हैं चाबी को वास्तु में कुबेर कुंजी कहा गया है. चाहे वह तिजोरी की चाबी हो घर की हो, दुकान की हो या फिर गाड़ी की, सभी को धन और लक्ष्मी का स्वरूप माना जाता है. पुराने समय में घोड़े और हाथी को संपत्ति का प्रतीक माना जाता था जबकि आज के समय में वाहन भी व्यक्ति की संपत्ति का हिस्सा हैं. इसलिए इनकी चाबियों का भी सम्मान करना चाहिए और उन्हें इधर-उधर नहीं रखना चाहिए.
पूर्व दिशा भी बेहतर
महंत कामेश्वरानंद वेदांताचार्य बताते हैं यदि किसी घर में उत्तर दिशा में चाबी रखने की व्यवस्था नहीं हो तो पूर्व दिशा का भी उपयोग किया जा सकता है. पूर्व दिशा को सूर्य भगवान की दिशा माना जाता है. हालांकि दक्षिण दिशा में चाबी रखने से बचना चाहिए. दुकानों की चाबी या अन्य महत्वपूर्ण चाबियां पश्चिम और उत्तर दिशा के कोने वाले कमरे में भी स्थायी रूप से रखी जा सकती हैं.
झाड़ू और चाबी दोनों को लक्ष्मी का प्रतीक
महंत कामेश्वरानंद वेदांताचार्य बताते हैं झाड़ू और चाबी दोनों को लक्ष्मी का प्रतीक माना गया है. इसलिए इनका आदर करना चाहिए. चाबी को व्यवस्थित तरीके से साफ-सुथरे स्थान पर और ढककर रखने से घर में सुख, शांति और समृद्धि बनी रहती है. उत्तर दिशा में लकड़ी के होल्डर पर प्रेम और सम्मान के साथ चाबी टांगना सबसे शुभ माना गया है.
About the Author
विवेक कुमार एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें मीडिया में 10 साल का अनुभव है. वर्तमान में न्यूज 18 हिंदी के साथ जुड़े हैं और हरियाणा, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की लोकल खबरों पर नजर रहती है. इसके अलावा इन्हें देश-…और पढ़ें


