क्या पितृपक्ष में पैदा होने वाले बच्चे भाग्यशाली नहीं होते, अगर नहीं तो क्या करना चाहिए, पंडित जी से जानिए क्या कराएं

क्या पितृपक्ष में पैदा होने वाले बच्चे भाग्यशाली नहीं होते, अगर नहीं तो क्या करना चाहिए, पंडित जी से जानिए क्या कराएं

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Pitru Paksha Baby Birth : अगर आपके घर में पितृ पक्ष के समय किसी बच्चे ने जन्म लिया है तो इसे केवल एक संयोग न समझें. यह एक संकेत हो सकता है कि आपके घर को पूर्वजों का आशीर्वाद मिला है. इस दौरान जन्मा बच्चा न सिर्फ घर में खुशियां लाता है, बल्कि पूरे परिवार के लिए सौभाग्य का प्रतीक भी बन सकता है.

क्या पितृपक्ष में पैदा होने वाले बच्चे भाग्यशाली नहीं होते, जानें रायपितृ पक्ष में बच्चे का जन्म शुभ या अशुभ?
Pitru Paksha Baby Birth : पितृ पक्ष एक ऐसा समय होता है जब लोग अपने पूर्वजों को याद करते हैं, उन्हें श्राद्ध और तर्पण के ज़रिए श्रद्धांजलि देते हैं. यह 15 दिनों की एक विशेष अवधि होती है जो भाद्रपद पूर्णिमा से शुरू होकर अमावस्या तक चलती है. इस साल पितृ पक्ष की शुरुआत 7 सितंबर से हुई और इसका समापन 21 सितंबर को होगा. इस दौरान लोग पूजा-पाठ के अलावा अपने खानपान और व्यवहार में भी कई नियमों का पालन करते हैं. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि अगर इस पवित्र समय में किसी घर में बच्चे का जन्म हो जाए तो इसका क्या मतलब होता है? क्या यह सिर्फ एक संयोग है या फिर इसके पीछे कोई गहरा संकेत छिपा होता है? ज्योतिष और परंपराओं के अनुसार, पितृ पक्ष में बच्चे का जन्म केवल एक संयोग नहीं, बल्कि एक विशेष संकेत माना जाता है. इस विषय में अधिक जानकारी दे रहे हैं भोपाल निवासी ज्योतिषी एवं वास्तु सलाहकार पंडित हितेंद्र कुमार शर्मा.

क्यों खास होता है इस समय जन्मा बच्चा?
मान्यता है कि पितृ पक्ष में जन्म लेने वाले बच्चे पर पूर्वजों की विशेष कृपा होती है. ऐसा कहा जाता है कि जब किसी घर में इस दौरान शिशु का आगमन होता है, तो वह घर सौभाग्य से भर जाता है. इस तरह के बच्चों को पूर्वजों का आशीर्वाद प्राप्त होता है और माना जाता है कि उनमें किसी पुरख़े की आत्मा का अंश हो सकता है.

क्या लाता है ऐसा जन्म भविष्य में?
ज्योतिष के जानकार मानते हैं कि पितृ पक्ष में जन्मे बच्चों का भविष्य आमतौर पर उज्ज्वल होता है. ये बच्चे मेहनती, बुद्धिमान और आत्मविश्वास से भरपूर होते हैं. इन्हें जीवन में संघर्ष तो मिलते हैं लेकिन इनका आत्मबल इतना मजबूत होता है कि ये हर चुनौती का सामना करके आगे बढ़ जाते हैं.

अक्सर देखा गया है कि ऐसे बच्चे अपने घर के लिए कुछ खास करते हैं. परिवार को जोड़कर रखने की कला इनमें स्वाभाविक रूप से होती है. इनके अंदर नेतृत्व करने की क्षमता भी होती है जो समय के साथ और निखरती है.

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इसे शुभ संकेत क्यों माना जाता है?
पितृ पक्ष में जन्म को शुभ संकेत इसलिए माना जाता है क्योंकि यह समय आत्माओं के धरती पर आने-जाने का होता है. जब इस दौरान किसी बच्चे का जन्म होता है तो इसे ऐसा समझा जाता है कि कोई पुराना आत्मा फिर से उसी परिवार में लौट आई है. इसलिए यह भी माना जाता है कि उस आत्मा ने अपना पुनर्जन्म उसी कुल में लेना चाहा, जिससे उसका पुराना नाता रहा हो.

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क्या पितृपक्ष में पैदा होने वाले बच्चे भाग्यशाली नहीं होते, जानें राय

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