कब है अक्टूबर की अंतिम एकादशी? पंडित जी से जानें पूजा का मुहूर्त, पारण समय और महत्व

कब है अक्टूबर की अंतिम एकादशी? पंडित जी से जानें पूजा का मुहूर्त, पारण समय और महत्व

इस साल अक्टूबर की अंतिम एकादशी कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को है, जो धनतरेस से एक या दो दिन पहले पड़ती है. इस एकादशी को रमा एकादशी के नाम से जानते हैं. जो लोग रमा एकादशी का व्रत रखकर भगवान विष्णु की पूजा करते हैं, उनके सभी पाप मिट जाते हैं और उसे विष्णु लोक में स्थान प्राप्त होता है. तिरुपति के ज्योतिषाचार्य डॉ. कृष्ण कुमार भार्गव से जानते हैं कि रमा एकादशी यानी अक्टूबर की अंतिम एकादशी कब है? पूजा का मुहूर्त और पारण समय क्या है?

अक्टूबर की अंतिम एकादशी 2024 तारीख
दृक पंचांग के अनुसार, इस साल कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि 27 अक्टूबर रविवार को सुबह 5 बजकर 23 मिनट से शुरू होगी. इस तिथि का समापन 28 अक्टूबर दिन सोमवार को सुबह 10 बजकर 31 मिनट पर होगा. ऐसे में उदयातिथि और एकादशी युक्त द्वादशी तिथि के आधार पर अक्टूबर की अंतिम एकादशी यानी रमा एकादशी का व्रत 28 अक्टूबर को रखा जाएगा.

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2 शुभ योग में रमा एकादशी 2024
इस साल रमा एकादशी के दिन दो शुभ योग बन रहे हैं. पहला ब्रह्म योग सुबह में 6 बजकर 48 मिनट तक रहेगा. उसके बाद से इंद्र योग शुरू होगा. यह पूरे दिन रहेगा. रमा एकादशी के दिन पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र दोपहर में 3 बजकर 24 मिनट तक तक है, उसके बाद से उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र है.

रमा एकादशी 2024 मुहूर्त
रमा एकादशी के दिन आप भगवान विष्णु की पूजा सूर्योदय के समय 06:30 बजे से कर सकते हैं. हालांकि पूरे दिन शुभ योग बने हैं. हालांकि उस दिन राहुकाल सुबह में 07:54 बजे से सुबह 09:18 बजे तक है.

रमा एकादशी 2024 दिन का शुभ चौघड़िया मुहूर्त
चर-सामान्य मुहूर्त: 06:24 ए एम से 07:49 ए एम तक
लाभ-उन्नति मुहूर्त: 07:49 ए एम से 09:15 ए एम तक
अमृत-सर्वोत्तम मुहूर्त: 09:15 ए एम से 10:40 ए एम तक
शुभ-उत्तम मुहूर्त: 12:06 पी एम से 01:31 पी एम तक
चर-सामान्य मुहूर्त: 04:23 पी एम से 05:48 पी एम तक

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रमा एकादशी 2024 पारण समय
जो लोग 28 अक्टूबर को रमा एकादशी का व्रत रखेंगे, वे पारण 29 अक्टूबर मंगलवार को करेंगे. पारण का समय सुबह में 6 बजकर 31 मिनट से सुबह 8 बजकर 44 मिनट तक है. पारण वाले दिन द्वादशी तिथि का समापन सुबह 10 बजकर 31 मिनट पर होगा.

रमा एकादशी का महत्व
रमा एकादशी व्रत और भगवान विष्णु की पूजा विधि विधान से करने पर ब्रह्म हत्या का दोष भी मिट जाता है. जो लोग रमा एकादशी की व्रत कथा सुनते हैं या पढ़ते हैं, उनके सभी पाप मिट जाते हैं. जीवन के अंत में व्यक्ति को स्वर्ग की प्राप्ति होती है.

Tags: Dharma Aastha, Lord vishnu, Religion

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