कछुए की अंगूठी पहनने में न करें जल्दबाजी, इन राशियों के लोग रहें सावधान
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कछुए की अंगूठी पहनने से पहले जानिए इसके धार्मिक और ज्योतिषीय नियम. किस उंगली में पहनें, किस दिन धारण करें और किन राशियों के लोगों को बिना कुंडली जांच के इसे नहीं पहनना चाहिए.
अंबाला: सुख-समृद्धि, आर्थिक उन्नति और सकारात्मक ऊर्जा की चाह में लोग आजकल ज्योतिष और वास्तु से जुड़े उपायों को तेजी से अपना रहे हैं. दरअसल, इन्हीं उपायों में कछुए की अंगूठी का चलन भी लगातार बढ़ रहा है.बता दे कि अंबाला में भी बड़ी संख्या में लोग इसे शुभ मानकर धारण कर रहे हैं. हालांकि, ज्योतिषाचार्यों का कहना है कि कछुए की अंगूठी हर व्यक्ति के लिए लाभकारी नहीं होती है. यदि इसे बिना सोच-समझे या ज्योतिषीय सलाह के बिना पहन लिया जाए, तो लाभ की जगह नुकसान का सामना भी करना पड़ सकता है.
कछुआ भगवान विष्णु के कच्छप अवतार का प्रतीक
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार कछुए को भगवान विष्णु के कच्छप अवतार का प्रतीक माना जाता है. वहीं माता लक्ष्मी का भी कछुए से विशेष संबंध बताया गया है. इसी कारण कछुए की प्रतिमा, तस्वीर और अंगूठी को धन, समृद्धि और सौभाग्य का प्रतीक माना जाता है.मान्यता है कि इसे धारण करने से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है, आत्मविश्वास बढ़ता है और आर्थिक उन्नति के नए रास्ते खुलते हैं. कई लोग इसे करियर में सफलता और धन आकर्षित करने का भी माध्यम मानते हैं.
कछुए की अंगूठी को हमेशा चांदी में ही धारण करें
वहीं इस बारे में लोकल 18 को ज्यादा जानकारी देते हुए अंबाला के ज्योतिषाचार्य पंडित दीपलाल जयपुरी ने बताया कि कछुए की अंगूठी को हमेशा चांदी में ही धारण करना चाहिए, क्योंकि चांदी को शुभ और सात्विक धातु माना गया है. उन्होंने कहा कि इस अंगूठी को दाएं हाथ की तर्जनी या मध्यमा उंगली में पहनना शुभ माना जाता है. इसके लिए गुरुवार या शुक्रवार का दिन सबसे उपयुक्त माना गया है, अंगूठी पहनने से पहले उसे दूध या गंगाजल से शुद्ध कर माता लक्ष्मी के चरणों में अर्पित करना चाहिए और श्री सूक्त का पाठ करने के बाद ही धारण करना चाहिए.
ऐसा करने से इसकी शुभता और बढ़ जाती है.वही पंडित दीपलाल जयपुरी ने यह भी बताया कि केवल अंगूठी पहन लेने से जीवन में चमत्कार होने की उम्मीद नहीं करनी चाहिए.धार्मिक उपाय तभी सार्थक माने जाते हैं, जब व्यक्ति अपने कर्म, मेहनत और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़े. उन्होंने कहा कि कछुए की अंगूठी आस्था का प्रतीक है और इसे पूरी श्रद्धा एवं विधि-विधान के साथ ही धारण करना चाहिए.
हर व्यक्ति के लिए कछुए की अंगूठी शुभ नहीं मानी जाती
उन्होंने यह भी बताया कि हर व्यक्ति के लिए कछुए की अंगूठी शुभ नहीं मानी जाती. ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार मेष, सिंह, कन्या, वृश्चिक और मीन राशि के लोगों को बिना कुंडली का विश्लेषण कराए इसे धारण नहीं करना चाहिए.यदि ग्रहों की स्थिति अनुकूल न हो तो इस उपाय का अपेक्षित लाभ नहीं मिलता और विपरीत परिणाम भी सामने आ सकते हैं. विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी धार्मिक या ज्योतिषीय उपाय को अपनाने से पहले योग्य ज्योतिषाचार्य से सलाह लेना सबसे उचित रहता है.आज के समय में सोशल मीडिया और इंटरनेट पर मिलने वाली अधूरी जानकारी के आधार पर ऐसे उपाय अपनाने के बजाय सही मार्गदर्शन लेना जरूरी है, ताकि आस्था के साथ-साथ सही निर्णय भी लिया जा सके.
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विवेक कुमार एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें मीडिया में 10 साल का अनुभव है. वर्तमान में न्यूज 18 हिंदी के साथ जुड़े हैं और हरियाणा, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की लोकल खबरों पर नजर रहती है. इसके अलावा इन्हें देश-…और पढ़ें


