इन तिथियों में जन्मे लड़के मां के होते हैं लाडले, लेकिन यही प्यार-दुलार वैवाहिक जीवन में क
इन तिथियों में जन्मे लड़के मां के हैं लाडले, दुनिया कहते हैं इनको ममाज बॉय
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कहते हैं मां का लाडला बेटा घर की जान होता है, लेकिन ज्योतिष मानता है कि कुछ खास तिथियों में जन्मे लड़के मां के और भी ज्यादा चहेते होते हैं. बचपन से मिला यही ज्यादा प्यार, परवरिश में मिली ढील और हर बात पर मां की ढाल बन जाना, आगे चलकर उनकी शादीशुदा जिंदगी में टकराव की वजह बन जाता है. आखिर क्यों मां का दुलारा पति बनते ही विवादों का कारण बन जाता है, आइए समझते हैं…
अंक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, किसी व्यक्ति की जन्मतिथि उसके व्यक्तित्व, व्यवहार और पारिवारिक संबंधों पर गहरा प्रभाव डालती है. कुछ विशेष जन्मतिथि वालों का स्वभाव जन्म से ही अपने परिवार के प्रति बहुत जिम्मेदार और भावुक होते हैं. उनका अपनी माता के साथ संबंध विशेष रूप से गहरा और सच्चा होता है. कई मामलों में, वे जीवन के महत्वपूर्ण निर्णय लेने से पहले अपनी मां की सलाह को अत्यधिक महत्व देते हैं इसलिए दुनिया इनको ममाज बॉय कहते हैं. लेकिन माता के प्रति यही लगाव उनके वैवाहिक जीवन में तनाव का कारण बन जाता है. आइए जानते हैं किन तिथियों में जन्मे लड़के अपनी मां के होते हैं लाड़ले…

किसी भी महीने की 2, 11, 20 या 29 तारीख को जन्मे लड़कों का मूलांक 2 होता है. इस मूलांक का स्वामी ग्रह चंद्रमा हैं. वैदिक ज्योतिष में चंद्रमा को मातृ प्रेम, भावनाओं और भावनात्मक जुड़ाव का प्रतीक माना जाता है. मूलांक 2 वाले लड़के बहुत संवेदनशील होते हैं और ज्यादातर समय अपनी माता ही पर निर्भर होते हैं. वे जीवन में हर सुख-दुख, सफलता-असफलता में अपनी माता की उपस्थिति और समर्थन चाहते हैं. उनका अपनी माता के साथ भावनात्मक बंधन इतना गहरा होता है कि लंबे समय तक दूर रहने पर भी वे नियमित संपर्क के बिना नहीं रह सकते.

किसी भी महीने की 3, 12, 21 या 30 तारीख को जन्मे लोगों का मूलांक 3 होता है. इस अंक का स्वामी बृहस्पति ग्रह हैं. मूलांक 3 वाले लड़कों के लिए माता की बात ही सर्वोपरि होती है और उनकी सलाह को बहुत महत्व देते हैं. ये लोग परिवार को महत्व देने वाले, जिम्मेदार और मूल्यों पर चलने वाले माने जाते हैं. वे अक्सर कोई भी बड़ा निर्णय लेने से पहले अपनी माता की राय लेते हैं. विवाह के बाद भी परिवार के प्रति उनकी प्रतिबद्धता अटूट रहती है, जिसकी वजह से कभी-कभी जीवनसाथी से मतभेद होने की आशंका बनी रहती है.
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किसी भी महीने की 7, 16 या 25 तारीख को जन्मे लड़कों का मूलांक 7 होता है और इस अंक के स्वामी छाया ग्रह केतु हैं. मूलांक 7 वाले लड़के काफी इंट्रोवर्ट, संवेदनशील और भावुक स्वभाव के होते हैं. मूलांक 7 वाले लड़के अपनी मां का बहुत सम्मान करते हैं और जीवनभर उनके सपनों को पूरा करने के लिए काम करते हैं. काम या पढ़ाई के कारण दूर रहने पर भी वे अपनी मां का हालचाल पूछना और उनकी खुशी-खुशी का ध्यान रखना कभी नहीं भूलते. उनका अपनी मां के साथ रिश्ता समय और दूरी की सीमाओं से परे होता है. लेकिन जब इनका विवाह हो जाता है तब कभी-कभी यही प्रेम वैवाहिक जीवन में परेशानी भी लाता है.

किसी भी महीने की 9, 18 या 27 तारीख को जन्मे लड़को का मूलांक 9 होता है. इस अंक का स्वामी मंगल ग्रह हैं. मूलांक 9 वाले लड़के काफी साहसी, आत्मविश्वासी और परिवार से प्रेम करने वाले होते हैं. मूलांक 9 वाले लड़के जीवन के हर महत्वपूर्ण मोड़ पर अपनी माता के आशीर्वाद और सलाह को बहुत महत्व देते हैं. उनका मानना है कि माता के सहयोग से किसी भी कठिन परिस्थिति का आसानी से सामना किया जा सकता है. यही कारण है कि उनके करीबी दोस्त अक्सर मजाक में उन्हें ममाज बॉय कहते हैं. हालांकि कभी-कभी वैवाहिक जीवन में ममाज बॉय की छवि विवाद का कारण भी बनती है.

वैवाहिक जीवन में मतभेद क्यों उत्पन्न होते हैं? ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, माता के प्रति अत्यधिक स्नेह और निर्भरता कभी-कभी वैवाहिक जीवन में छोटी-मोटी गलतफहमियों का कारण बन सकती है. जब कोई व्यक्ति हर निर्णय में माता की राय को प्राथमिकता देता है, तो जीवनसाथी उपेक्षित महसूस कर सकती है. हालांकि, आपसी समझ, सम्मान और संतुलन बनाए रखने से इस स्थिति को आसानी से संभाला जा सकता है. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, मूल संख्या 2, 3, 7 और 9 के लड़के अपनी माता के प्रति गहरे प्रेम और सम्मान के लिए जाने जाते हैं. उनके बीच का यह भावनात्मक संबंध उनके व्यक्तित्व की सबसे बड़ी ताकत में से एक माना जाता है.


