Somvati Amavasya के दिन भूलकर भी ना करें इन दाल और सब्जियों का सेवन, जानें इस दिन क्या खाए
Somvati Amavasya 2026: हिंदू धर्म में सोमवती अमावस्या का विशेष महत्व माना गया है और इस बार यह शुभ तिथि 15 जून दिन सोमवार को है. जब अमावस्या तिथि सोमवार के दिन पड़ती है, तब उसे सोमवती अमावस्या के नाम से जाना जाता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यह दिन पितरों के तर्पण, पूजा-पाठ, दान और भगवान शिव की आराधना के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है. मान्यता है कि इस दिन किए गए पुण्य कर्मों से पितरों की कृपा प्राप्त होती है और जीवन की कई बाधाएं दूर होती हैं. धार्मिक ग्रंथों और परंपराओं के अनुसार, सोमवती अमावस्या के दिन खान-पान में भी विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है. माना जाता है कि कुछ खाद्य पदार्थों का सेवन करने से पितृ दोष बढ़ सकता है और पितर नाराज हो सकते हैं. वहीं सात्विक भोजन ग्रहण करने से पितरों का आशीर्वाद प्राप्त होता है. आइए जानते हैं सोमवती अमावस्या के दिन किन चीजों को सेवन करना चाहिए और किन चीजों का नहीं…
सोमवती अमावस्या पर ना खाएं ये चीजें
सोमवती अमावस्या के दिन मांस, मछली और अंडे जैसे तामसिक भोजन का सेवन वर्जित माना गया है. धार्मिक मान्यता है कि इस दिन ऐसे भोजन से नकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है और पितरों की कृपा प्राप्त नहीं होती. इस दिन शराब, तंबाकू और अन्य नशीले पदार्थों का सेवन करने से बचना चाहिए, शास्त्रों में इसे अशुभ माना गया है. माना जाता है कि ऐसे पदार्थ आध्यात्मिक शुद्धता को प्रभावित करते हैं.
ना खाएं दूसरे के घर का खाना
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, अमावस्या के दिन किसी दूसरे के घर का बना खाना नहीं खाना चाहिए, ऐसा करने से पुण्य का क्षय होता है. साथ ही ध्यान रखें कि इस दिन तिल के तेल का प्रयोग करना वर्जित माना गया है. लेकिन पूजा-पाठ में दीपक जलाने के लिए तिल के तेल का प्रयोग किया जा सकता है. इस दिन जमीन के अंदर उगने वाले कंदमूल और फल खाने से बचना चाहिए.
इस चीजों को खरीदने से बचें
कई मान्यातओं के अनुसार, सोमवती अमावस्या तिथि पर चना, मसूर दाल, सरसों का साग और मूली खाना भी वर्जित माना गया है. साथ ही इस दिन बैंगन, लौकी, खीरा, चना, जीरे का सेवन भी वर्जित माना गया है. खाने के साथ-साथ इस शुभ दिन पर गेहूं का आटा या चावल जैसे खादान्न को नहीं खरीदना चाहिए. बहुत अधिक तैलीय और तला-भुना भोजन भी इस दिन उचित नहीं माना जाता. धार्मिक दृष्टि से सादा और सात्विक भोजन को श्रेष्ठ माना गया है.
सोमवती अमावस्या पर क्या खाएं?
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सोमवती अमावस्या के दिन सात्विक भोजन करना शुभ माना जाता है. फल, दूध, दही, खीर, साबूदाना, सिंघाड़े का आटा, कुट्टू का आटा और मौसमी फलों का सेवन किया जा सकता है. जो लोग व्रत नहीं रखते, वे भी सादा और शुद्ध शाकाहारी भोजन ग्रहण कर सकते हैं. इसके अलावा दान-पुण्य के उद्देश्य से जरूरतमंदों को अन्न, वस्त्र और फल दान करना भी शुभ माना जाता है. मान्यता है कि इससे पितरों की आत्मा को शांति मिलती है और परिवार पर उनकी कृपा बनी रहती है.
पितरों को प्रसन्न करने के अचूक उपाय
सोमवती अमावस्या के दिन पितरों के निमित्त तर्पण, पिंडदान और जल अर्पित करना विशेष फलदायी माना गया है. पीपल के वृक्ष की पूजा, भगवान शिव का अभिषेक और गरीबों को भोजन कराना भी शुभ माना जाता है. धार्मिक मान्यता है कि इन उपायों से पितृ दोष कम होता है और परिवार में सुख-समृद्धि का आगमन होता है. सोमवती अमावस्या केवल एक तिथि नहीं, बल्कि पितरों के प्रति श्रद्धा और कृतज्ञता व्यक्त करने का महत्वपूर्ण अवसर मानी जाती है इसलिए यह दिन बेहद शुभ माना जाता है.


