Shivratri September 2025 Date: आश्विन शिवरात्रि कब है? सिद्ध योग में होगी पूजा, रात में भद्रा का साया, जानें तारीख और मुहूर्त

Shivratri September 2025 Date: आश्विन शिवरात्रि कब है? सिद्ध योग में होगी पूजा, रात में भद्रा का साया, जानें तारीख और मुहूर्त

आश्विन शिवरात्रि का पावन पर्व आश्विन माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी ति​थि को मनाया जाता है. इस बार आश्विन शिवरात्रि के दिन सिद्ध योग बन रहा है. साध्य योग और अश्लेषा नक्षत्र भी है. हालांकि आश्विन शिवरात्रि की रात भद्रा का साया रहेगा. लेकिन शिव पूजा में भद्रा और राहुकाल की मान्यता नहीं है क्योंकि महादेव स्वयं महाकाल हैं, उनकी पूजा किसी भी काल में की जा सकती है. आश्विन शिवरात्रि की निशिता पूजा के आधार पर दिन तय होता है. आइए जानते हैं कि आश्विन शिवरात्रि कब है? आश्विन शिवरात्रि का मुहूर्त क्या है?

आश्विन शिवरात्रि तारीख

दृक पंचांग के अनुसार, इस साल आश्विन कृष्ण चतुर्दशी ति​थि 19 सितंबर को रात 11 बजकर 36 मिनट पर प्रारंभ होगी. यह तिथि 20 सितंबर की देर रात 12 बजकर 16 मिनट पर खत्म हो रही है. ऐसे में निशिता मुहूर्त के आधार पर आश्विन शिवरात्रि 19 सितंबर शुक्रवार को है.

आश्विन शिवरात्रि मुहूर्त

19 सितंबर को आश्विन शिवरात्रि की निशिता पूजा मुहूर्त 11 बजकर 51 मिनट से देर रात 12 बजकर 38 मिनट तक है. निशिता मुहूर्त मंत्रों की सिद्धि के लिए उत्तम माना गया है.

आश्विन शिवरात्रि ब्रह्म मुहूर्त 04:34 ए एम से 05:21 ए एम तक है. वहीं उस दिन का शुभ मुहूर्त यानि अभिजीत मुहूर्त दिन में 11 बजकर 50 मिनट से दोपहर 12 बजकर 39 मिनट तक है.

सिद्ध योग में आश्विन शिवरात्रि

इस बार आश्विन शिवरात्रि के दिन सिद्ध योग और साध्य योग बन रहे हैं. सिद्ध योग प्रात:काल से लेकर रात 08 बजकर 41 मिनट तक रहेगा. उसके बाद साध्य योग बनेगा. ये दोनों ही शुभ योग माने जाते हैं. सिद्ध योग सिद्धियों की प्राप्ति के लिए अच्छा माना जाता है. उस दिन अश्लेषा नक्षत्र प्रात:काल से लेकर सुबह 7 बजकर 05 मिनट तक है.

आश्विन शिवरात्रि पर भद्रा

आश्विन शिवरात्रि की रात भद्रा रहेगी. भद्रा रात में 11 बजकर 36 मिनट से शुरू होगी और 20 सितंबर को सुबह 6 बजकर 8 मिनट तक रहेगी. इस समय में कोई शुभ कार्य न करें. इस भद्रा का वास पृथ्वी लोक पर है.

आश्विन शिवरात्रि पर शिव वास

आश्विन शिवरात्रि के दिन शिव वास भोजन में प्रात:काल से लेकर रात 11 बजकर 36 मिनट तक है. उसके बाद से शिव वास श्मशान में है. रुद्राभिषेक के लिए शिव वास का होना जरूरी है.

आश्विन शिवरात्रि का महत्व

आश्विन शिवरात्रि के अवसर पर व्रत रखकर भगवान शिव की पूजा करनी चाहिए. आश्विन शिवरात्रि की पूजा में बेलपत्र, भांग, धतूरा, गंगाजल, फल, फूल, शहद आदि चढ़ाएं. शिव कृपा से आपके कार्य सफल होंगे. महादेव आपकी मनोकामनाएं पूरी करेंगे.

(Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य जानकारियों पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.)

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