Shanichari Amavasya 2025: शनिश्चरी अमावस्या पर आज रात इन 4 जगहों पर जरूर जलाएं दीपक, शनिदेव की रहेगी हमेशा कृपा
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जब अमावस्या शनिवार के दिन पड़ती है, तो उसे शनिश्चरी अमावस्या कहा जाता है. यह दिन विशेष रूप से शनि दोष, पितृ दोष और कालसर्प दोष निवारण के लिए उत्तम माना गया है. शास्त्रों और ज्योतिषीय ग्रंथों में बताया गया है कि…और पढ़ें

पीपल के पेड़ के नीचे
आज रात आप पीपल के पेड़ के नीच दीपक अवश्य जलाएं. पीपल को शनि और पितृ का वास स्थल माना गया है. शनिश्चरी अमावस्या की शाम को सरसों के तेल का दीपक पीपल के नीचे जलाने से शनि प्रसन्न होते हैं और पितृदोष भी शांत होता है.
आज रात आप शनिदेव के मंदिर में जाएं और शनि देव के सामने तिल या सरसों के तेल का दीपक जलाना चाहिए. साथ ही शनि चालीसा का पाठ करें और 11 बार परिक्रमा करें. इससे शनि दोष, साढ़ेसाती और ढैय्या के कष्ट कम होते हैं.

शनिश्चरी अमावस्या की रात घर के मेन गेट पर दीपक अवश्य जलाएं. मेन गेट पर दीपक जलाने से घर में नकारात्मक शक्तियां प्रवेश नहीं करती हैं. यह घर की लक्ष्मी स्थिर रखने और रोग-व्याधि दूर करने में सहायक होता है.
तुलसी के पौधे के पास
तुलसी मां को विष्णुप्रिय माना गया है और जिस घर में तुलसी का पौधा होता है, वहां कई दोषों से राहत भी मिलती है. तुलसी के पास दीपक जलाने से पारिवारिक कलह मिटती है और घर में सुख-शांति व धन-धान्य की वृद्धि होती है.
मैं धार्मिक विषय, ग्रह-नक्षत्र, ज्योतिष उपाय पर 8 साल से भी अधिक समय से काम कर रहा हूं। वेद पुराण, वैदिक ज्योतिष, मेदनी ज्योतिष, राशिफल, टैरो और आर्थिक करियर राशिफल पर गहराई से अध्ययन किया है और अपने ज्ञान से प…और पढ़ें
मैं धार्मिक विषय, ग्रह-नक्षत्र, ज्योतिष उपाय पर 8 साल से भी अधिक समय से काम कर रहा हूं। वेद पुराण, वैदिक ज्योतिष, मेदनी ज्योतिष, राशिफल, टैरो और आर्थिक करियर राशिफल पर गहराई से अध्ययन किया है और अपने ज्ञान से प… और पढ़ें


