Shaligram Aarti Lyrics: तुलसी विवाह पर करें भगवान शालिग्राम की आरती, शालिग्राम सुनो विनती मेरी, यह वरदान दयाकर पाऊं
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Shaligram Aarti Lyrics Hindi: आज तुलसी विवाह पर शाम में पूजा के समय श्री शालिग्राम जी की आरती करते हैं. इस आरती की शुरूआत शालिग्राम सुनो विनती मेरी…से होती है. इस आरती से तुलसी विवाह संपन्न होता है. गाय के घी वाले दीपक से आरती करनी चाहिए. आइए जानते हैं शालिग्राम जी की आरती.
श्री शालिग्राम जी की आरती (Shaligram Ji Ki Aarti)
शालिग्राम सुनो विनती मेरी।
यह वरदान दयाकर पाऊं॥
शालिग्राम सुनो विनती…
प्रात: समय उठी मंजन करके।
प्रेम सहित स्नान कराऊँ॥
शालिग्राम सुनो विनती…
चन्दन धुप दीप तुलसीदल।
वरन -वरण के पुष्प चढ़ाऊँ॥
शालिग्राम सुनो विनती…
तुम्हरे सामने नृत्य करूँ नित।
प्रभु घंटा शंख मृदंग बजाऊं॥
शालिग्राम सुनो विनती…
चरण धोय चरणामृत लेकर।
कुटुंब सहित बैकुण्ठ सिधारूं॥
शालिग्राम सुनो विनती…
जो कुछ रुखा सूखा घर में।
भोग लगाकर भोजन पाऊं॥
शालिग्राम सुनो विनती…
मन वचन कर्म से पाप किए।
जो परिक्रमा के साथ बहाऊँ॥
शालिग्राम सुनो विनती…
ऐसी कृपा करो मुझ पर।
जम के द्वारे जाने न पाऊं॥
शालिग्राम सुनो विनती…
माधोदास की विनती यही है।
हरी दासन को दास कहाऊं॥
शालिग्राम सुनो विनती…
(Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य जानकारियों पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.)
कार्तिकेय तिवारी Hindi News18 Digital में Deputy News Editor के पद पर कार्यरत हैं. वर्तमान में धर्म, ज्योतिष, वास्तु और फेंगशुई से जुड़ी खबरों पर काम करते हैं. पत्रकारिता में 12 वर्षों का अनुभव है. डिजिटल पत्रक…और पढ़ें
कार्तिकेय तिवारी Hindi News18 Digital में Deputy News Editor के पद पर कार्यरत हैं. वर्तमान में धर्म, ज्योतिष, वास्तु और फेंगशुई से जुड़ी खबरों पर काम करते हैं. पत्रकारिता में 12 वर्षों का अनुभव है. डिजिटल पत्रक… और पढ़ें


