Saraswati Puja Vidhi 2026: 4 शुभ संयोग में वसंत पंचमी आज, 5 घंटे का है मुहूर्त, जानें सरस्वती पूजा विधि, मंत्र, पूजन सामग्री
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Saraswati Puja Vidhi 2026: आज 4 शुभ संयोग में वसंत पंचमी है. आज के दिन सरस्वती पूजा का विधान है. सरस्वती पूजा के लिए 5 घंटे से अधिक का मुहूर्त है. सरस्वती पूजा करने से ज्ञान, बुद्धि आदि में बढ़ोत्तरी होती है. आइए जानते हैं सरस्वती पूजा विधि, पूजन सामग्री, मुहूर्त, मंत्र आदि.
Saraswati Puja Vidhi 2026: आज वसंत पचंमी है. इस अवसर पर सरस्वती पूजा के लिए 5 घंटे से अधिक का शुभ मुहूर्त है. सरस्वती पूजा पर 4 शुभ संयोग हैं. आज का दिन वसंत ऋतु के आगमन का प्रतीक है. इस दिन विधि विधान से सरस्वती पूजा करते हैं, जिससे ज्ञान और बुद्धि में बढ़ोत्तरी होती है. माघ शुक्ल पंचमी तिथि को माता सरस्वती का प्रकाट्य हुआ था, इसलिए हर साल वसंत पंचमी पर सरस्वती जयंती मनाते हैं और सरस्वती पूजा करते हैं. आइए जानते हैं सरस्वती पूजा विधि, पूजन सामग्री, मुहूर्त, मंत्र आदि के बारे में.
- माघ शुक्ल पंचमी तिथि का प्रारंभ: आज, 23 जनवरी, शुक्रवार, 02:28 एएम से
- माघ शुक्ल पंचमी तिथि का समापन: कल, 24 जनवरी, शनिवार, 01:46 एएम पर
- सरस्वती पूजा मुहूर्त: आज, सुबह 7 बजकर 13 मिनट से दोपहर 12 बजकर 33 मिनट तक
सरस्वती पूजा पर बने 4 शुभ संयोग
- पहला: आज सरस्वती पूजा पर रवि योग है. रवि योग दोपहर में 02:33 पी एम से लेकर कल सुबह 07:13 ए एम तक है.
- दूसरा: आज के दिन परिघ योग प्रात:काल से बना है और यह दोपहर में 03 बजकर 59 मिनट तक है. यह एक शुभ योग है.
- तीसरा: आज दोपहर 03 बजकर 59 मिनट से शिव योग बन रहा है, जो कल दोपहर 2 बजकर 2 मिनट तक रहेगा.
- चौथा: आज सरस्वती पूजा के दिन शुक्रवार व्रत और लक्ष्मी पूजा का भी संयोग बना है. आज आप ज्ञान, बुद्धि के साथ धन और वैभव की भी प्राप्ति कर सकते हैं.
सरस्वती पूजा सामग्री लिस्ट
- देवी सरस्वती की एक मूर्ति या तस्वीर
- श्रृंगार सामग्री
- पीले रंग की चुनरी या साड़ी
- लकड़ी की चौकी, कलावा या रक्षा सूत्र
- कलश, आम के पत्ते, पीले फूल और इनकी माला
- पीले रंग का वस्त्र, धूप, दीप, इत्र
- अक्षत्, हल्दी, कुमकुम, रोली, पीला गुलाल
- नारियल, मालपुआ, मौसमी फल
- गाय का घी, दूध, मिठाई, तिल के लड्डू
- बेसन के लड्डू, केसर भात, पीले चावल
- सरस्वती वंदना, आरती, कथा की एक पुस्तक
सरस्वती पूजा का मंत्र
या देवी सर्वभूतेषु बुद्धि-रूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥
या
ऐं महासरस्वत्यै नमः
सरस्वती पूजा विधि
- वसंत पंचमी पर ब्रह्म मुहूर्त 05:26 ए एम से 06:20 ए एम के बीच उठकर दैनिक क्रिया से निवृत हो जाएं और स्नान कर लें. उसके बाद पीले रंग के वस्त्र पहनें. उसके बाद सूर्य देव को जल चढ़ाएं. सरस्वती पूजा का संकल्प करें.
- सुबह में सरस्वती पूजा के लिए मंडप तैयार करें. शुभ मुहूर्त में लकड़ी की चौकी पर देवी सरस्वती की मूर्ति या तस्वीर और कलश की स्थापना करें. फिर देवी को सफेद और पीले फूल, माला, अक्षत्, धूप, दीप, इत्र, पीला गुलाल आदि अर्पित करें.
- माता सरस्वती को श्रृंगार सामग्री, पीले रंग की चुनरी, साड़ी आदि चढ़ाएं. मौसमी फल, मिठाई, मालपुआ, बताशे, बेसन के लड्डू, केसर भात, पीले चावल आदि का भोग लगाएं.
- उसके बाद सरस्वती वंदना, सरस्वती चालीसा, सरस्वती मंत्र पढ़ें. फिर हवन आदि करें. सबसे अंत में माता सरस्वती की आरती करें. पूजा के समापन के समय कलावा या रक्षा सूत्र बांधें. लोगों को केसर, पीले चंदन या पीले गुलाल का तिलक लगाएं और प्रसाद दें.
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कार्तिकेय तिवारी
कार्तिकेय तिवारी Hindi News18 Digital में Deputy News Editor के पद पर कार्यरत हैं. वर्तमान में धर्म, ज्योतिष, वास्तु और फेंगशुई से जुड़ी खबरों पर काम करते हैं. पत्रकारिता में 12 वर्षों का अनुभव है. डिजिटल पत्रक…और पढ़ें


