Pitru Paksha 2025: पितृ पक्ष में किस तिथि पर करना है अपने पितरों के लिए तर्पण-श्राद्ध? कैसे करें पता? यहां जानें सही तरीका
पितरों के तपर्ण-श्राद्ध की तिथि कैसे पता करें?
हिंदू धर्म शास्त्रों में पितरों की पूजा, तर्पण, श्राद्ध आदि के लिए एक निश्चित समय निर्धारित है, जो पितृ पक्ष कहलाता है. पितृ पक्ष 14 से 16 दिनों का हो सकता है. पितृ पक्ष में कुल 15 तिथियां होती हैं. जो आश्विन कृष्ण प्रतिपदा से लेकर आश्विन कृष्ण अमावस्या तक हैं. इसमें लोग अपने पिता, मां, दादा, दादी, नाना, नानी आदि रिश्तेदारों और परिवार के सदस्यों के लिए तर्पण, श्राद्ध, दान आदि करते हैं.
सालभर में किसी भी माह के किसी भी पक्ष की किसी भी तिथि को में निधन हुआ हो, उस व्यक्ति के लिए तर्पण, श्राद्ध आदि पितृ पक्ष की उस तिथि पर ही होगी, अगर उस व्यक्ति की अकाल मृत्यु न हुई हो तो.
2025 पितृ पक्ष में कौन सी तिथि कब है?
पितृ पक्ष की प्रतिपदा तिथि श्राद्ध- 8 सितंबर, सोमवार
पितृ पक्ष की द्वितीया तिथि श्राद्ध- 9 सितंबर, मंगलवार
पितृ पक्ष की तृतीया तिथि श्राद्ध- 10 सितंबर, बुधवार
पितृ पक्ष की चतुर्थी तिथि श्राद्ध- 10 सितंबर, बुधवार
पितृ पक्ष की पंचमी तिथि श्राद्ध- 11 सितंबर, गुरुवार
पितृ पक्ष की षष्ठी तिथि श्राद्ध- 12 सितंबर, शुक्रवार
पितृ पक्ष की सप्तमी तिथि श्राद्ध- 13 सितंबर, शनिवार
पितृ पक्ष की अष्टमी तिथि श्राद्ध- 14 सितंबर, रविवार
पितृ पक्ष की नवमी तिथि श्राद्ध- 15 सितंबर, सोमवार
पितृ पक्ष की दशमी तिथि श्राद्ध- 16 सितंबर, मंगलवार
पितृ पक्ष की एकादशी तिथि श्राद्ध- 17 सितंबर, बुधवार
पितृ पक्ष की द्वादशी तिथि श्राद्ध- 18 सितंबर, गुरुवार
पितृ पक्ष की त्रयोदशी तिथि श्राद्ध- 19 सितंबर, शुक्रवार
पितृ पक्ष की चतुर्दशी तिथि श्राद्ध- 20 सितंबर, शनिवार
पितृ पक्ष की अमावस्या तिथि या सर्व पितृ अमावस्या श्राद्ध तिथि- 21 सितंबर, रविवार
(Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य जानकारियों पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.)


