Makar Sankranti 2026 Shubh Sanyog: मकर संक्रांति पर 6 शुभ संयोग, किस वाहन पर सवार होंगे भगवान सूर्य? पंचांग से जानें प्रभाव से लेकर सबकुछ

Makar Sankranti 2026 Shubh Sanyog: मकर संक्रांति पर 6 शुभ संयोग, किस वाहन पर सवार होंगे भगवान सूर्य? पंचांग से जानें प्रभाव से लेकर सबकुछ

Makar Sankranti 2026 Shubh Sanyog: मकर संक्रांति का पावन पर्व 15 जनवरी गुरुवार को मनाया जाएगा. मकर संक्रांति का क्षण 14 जनवरी को रात के समय में हो रहा है, इस वजह से मकर संक्रांति का पुण्य काल 15 जनवरी को प्रात:काल से लेकर दोपहर तक है. इस वजह से मकर संक्रांति का स्नान और दान 15 जनवरी को होगा. इस बार मकर संक्रांति पर 6 शुभ संयोग बन रहे हैं, जिसकी वजह से मकर संक्रांति पर्व और भी पुण्य फलदायी बन गया है. मकर संक्रांति के दिन सूर्य देव का वाहन, अस्त्र, भोजन, दिशा आदि का भी अपना महत्व होता है, जिसका प्रभाव सब पर होता है. आइए पंचांग से जानते हैं मकर संक्रांति पर बनने वाले 5 शुभ संयोग, प्रभाव आदि.

6 शुभ संयोग में मकर संक्रांति

मकर संक्रांति के दिन कुल 5 शुभ संयोगों का निर्माण होने वाला है.
1. वृद्धि योग: इस बार की मकर संक्रांति के दिन वृद्धि योग बन रहा है. यह एक शुभ योग है. इस योग में आप जो भी पुण्य कर्म या शुभ कर्म करेंगे, उसके फल में बढ़ोत्तरी होती है. मकर संक्रांति का स्नान और दान वृद्धि योग में ही होगा.

2. ध्रुव योग: मकर संक्रांति पर ध्रुव योग रात के समय में बन रहा है. यह भी एक शुभ योग माना गया है. इसमें आप शुभ कार्य कर सकते हैं.

3. ज्येष्ठा नक्षत्र: मकर संक्रांति के अवसर पर ज्येष्ठा नक्षत्र है. उस दिन पूरे समय ज्येष्ठा नक्षत्र है. इसके स्वामी ग्रह बुध और देवता इंद्र हैं. इस नक्षत्र को नेतृत्व, बुद्धि और शक्ति का प्रतीक माना जाता है.

4. षट्तिला एकादशी पारण: मकर संक्रांति के दिन षट्तिला एकादशी का पारण भी है. जो लोग व्रत होंगे, वे सूर्योदय के बाद स्नान दान करके पारण करेंगे. उनको पुण्य लाभ होगा.

5. गुरुवार व्रत: मकर संक्रांति पर गुरुवार का दिन भगवान विष्णु की कृपा प्राप्ति का माध्यम भी है. इस दिन सूर्य देव की पूजा के साथ विष्णु आराधना करके पुण्य लाभ प्राप्त कर सकते हैं.

6. तिल द्वादशी या भीष्म द्वादशी: मकर संक्रांति के दिन माघ कृष्ण द्वादशी तिथि है. इसे तिल द्वादशी या भीष्म द्वादशी भी कहते हैं. इस दिन पितरों के लिए तर्पण, दान आदि करते हैं. इससे पितरों की कृपा प्राप्त होती है. तिल द्वादशी पर तिल का दान करना उत्तम होता है.

मकर संक्रांति का नाम, भगवान सूर्य का वाहन

इस साल की मकर संक्रांति का नाम मन्दाकिनी है. इस दिन ग्रहों के राजा सूर्य पीले रंग का वस्त्र पहने बाघ पर सवार होंगे, उनका उपवाहन घोड़ा होगा. वे ईशान दृष्टि करके पश्चिम में गमन करेंगे. मकर संक्रांति पर उनका अस्त्र गदा है और वे भोग की अवस्था में होंगे. चांदी के पात्र में उनका भोज्य पदार्थ पायस है.

मकर संक्रांति का प्रभाव

  • इस बार की मकर संक्रांति लोगों के सेहत में सुधार और अरोग्य प्रदान करने वाली होगी.
  • मकर संक्रांति के बाद से देशों के बीच संबंधों में सुधार होने की संभावना है.
  • सूर्य देव की कृपा से लोगों के घरों में धन और धान्य में वृद्धि होने की उम्मीद है.
  • यह मकर संक्रांति सरकारी नौकरी करने वाले या सरकार से जुड़े काम करने वाले लोगों के लिए शुभ होगा.
  • हालांकि इस मकर संक्रांति से लोगों के अंदर अपने भविष्य को लेकर चिंता हो सकती है. कुछ लोग भय भी महसूस कर सकते हैं.

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