Mahalaxmi Vrat 2025: घर-घर इस समय माता लक्ष्मी करती हैं भ्रमण, भूलकर इन 2 घंटों ना करें ये काम

Mahalaxmi Vrat 2025: घर-घर इस समय माता लक्ष्मी करती हैं भ्रमण, भूलकर इन 2 घंटों ना करें ये काम

Last Updated:

Mahalaxmi Vrat 2025: राधा अष्टमी से शुरू होने वाला 16 दिन का महालक्ष्मी व्रत साधक को धन, सौभाग्य, दांपत्य सुख और आध्यात्मिक उन्नति प्रदान करता है. यह व्रत माता लक्ष्मी को प्रसन्न करने का सर्वोत्तम उपाय माना गया…और पढ़ें

घर-घर इस समय माता लक्ष्मी करती हैं भ्रमण, भूलकर इन 2 घंटों ना करें ये काम
Which Time Maa Laxmi Enters In House: राधा अष्टमी से 16 दिन का महालक्ष्मी व्रत का प्रारंभ हो जाता है. शास्त्रों और पुराणों में उल्लेख है कि भाद्रपद शुक्ल अष्टमी (राधा अष्टमी) से 16 दिनों तक चलने वाला महालक्ष्मी व्रत अत्यंत पुण्यदायी माना जाता है. साल 2025 में महालक्ष्मी व्रत की शुरुआत 31 सितंबर से 14 सितंबर तक होगा. यह व्रत माता लक्ष्मी को प्रसन्न करने और धन, ऐश्वर्य, सुख-संपत्ति और सौभाग्य की प्राप्ति के लिए किया जाता है. महालक्ष्मी व्रत के दौरान आज हम आपको बताते हैं कि माता लक्ष्मी घर-घर कब भ्रमण करती हैं और इस दौरान किन कार्यों को करने से बचना चाहिए, ताकि आपको भी माता लक्ष्मी का आशीर्वाद प्राप्त हो सके.

महालक्ष्मी व्रत का महत्व

भाद्रपद शुक्ल अष्टमी से 16 दिनों तक चलने वाला महालक्ष्मी व्रत अत्यंत पुण्यदायी माना जाता है. मान्यता है कि इस व्रत की परंपरा स्वयं भगवान श्रीकृष्ण ने युधिष्ठिर को बताई थी. इस व्रत का मूल उद्देश्य माता लक्ष्मी को घर में स्थायी रूप से स्थापित करना है. यह व्रत 16 दिन तक प्रतिदिन माता महालक्ष्मी की विशेष पूजा-अर्चना करके संपन्न किया जाता है. इस व्रत से माता लक्ष्मी की कृपा से घर में धन-धान्य की वृद्धि होती है. साथ ही माता की कृपा से दरिद्रता और आर्थिक संकट दूर होते हैं.

इस समय माता का होता है घर में प्रवेश

शास्त्रों और पुराणों में कहा गया है कि संध्या के समय यानी शाम 7 से 9 बजे के बीच माता लक्ष्मी पृथ्वी पर भ्रमण करती हैं और जो घर स्वच्छ, शांत और सात्त्विक होता है, वहां धन, समृद्धि और सौभाग्य का आशीर्वाद देती हैं. इस समय घर का वातावरण पवित्र और शांत होना चाहिए. दीप प्रज्वलन और लक्ष्मी स्तुति/भजन करने से देवी का आशीर्वाद सहज प्राप्त होता है.

इस दौरान अवश्य जलाएं दीपक

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जो घर इस दौरान स्वच्छ और शांत वातावरण से भरा होता है, वहां देवी लक्ष्मी का विशेष कृपा-प्रवेश होता है. यही वजह है कि लोग दीपक जलाकर, घर को साफ-सुथरा रखकर और मां लक्ष्मी की पूजा करके इस समय का इंतजार करते हैं. अंधेरे में घर को अलक्ष्मी का वास माना गया है. संध्या बेला में दीपक अवश्य जलाएं.

इन लोगों के घर पर नहीं होता है माता लक्ष्मी का प्रवेश

शाम के समय स्वच्छता, दीप प्रज्वलन और भजन से धन, सुख, ऐश्वर्य और समृद्धि की प्राप्ति होती है. वहीं इस समय झाड़ू लगाना, धन का लेन-देन या झगड़ा करने से अलक्ष्मी का वास होता है. मान्यताओं के अनुसार, जो व्यक्ति घर में गंदगी रखता है, लड़ाई झगड़ा करना, अपशब्द का प्रयोग करना, बड़ों का अपमान करना आदि अनैतिक कार्य करने वालों के घर पर माता लक्ष्मी का आगमन नहीं होता है.

authorimg

Parag Sharma

मैं धार्मिक विषय, ग्रह-नक्षत्र, ज्योतिष उपाय पर 8 साल से भी अधिक समय से काम कर रहा हूं। वेद पुराण, वैदिक ज्योतिष, मेदनी ज्योतिष, राशिफल, टैरो और आर्थिक करियर राशिफल पर गहराई से अध्ययन किया है और अपने ज्ञान से प…और पढ़ें

मैं धार्मिक विषय, ग्रह-नक्षत्र, ज्योतिष उपाय पर 8 साल से भी अधिक समय से काम कर रहा हूं। वेद पुराण, वैदिक ज्योतिष, मेदनी ज्योतिष, राशिफल, टैरो और आर्थिक करियर राशिफल पर गहराई से अध्ययन किया है और अपने ज्ञान से प… और पढ़ें

न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।
homedharm

घर-घर इस समय माता लक्ष्मी करती हैं भ्रमण, भूलकर इन 2 घंटों ना करें ये काम

Source link

Previous post

Lingaraja Temple Bhubaneswar: यहां एक साथ पूजते हैं हर और हरि, गैर-हिंदुओं का प्रवेश निषेध, ब्रह्म पुराण में मिलता है उल्लेख

Next post

Mahalaxmi Vrat 2025 Bhog: महालक्ष्मी व्रत जरूर अर्पित करें हरिप्रिया के ये 7 प्रिय भोग, हर कार्य होंगे सिद्ध और हमेशा रहेगी कृपा

You May Have Missed