Maha Kumbh 2025 Last Snan: आज महाशिवरात्रि पर महाकुंभ का अंतिम स्नान, जानें कुंभ में स्नान का शुभ मुहूर्त, स्नान विधि और महत्व

Maha Kumbh 2025 Last Snan: आज महाशिवरात्रि पर महाकुंभ का अंतिम स्नान, जानें कुंभ में स्नान का शुभ मुहूर्त, स्नान विधि और महत्व

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Kumbh Mela Last Snan Time: महाशिवरात्रि पर यानी आज ही महाकुंभ मेले का अंतिम स्नान किया जा रहा है और इसी के साथ कुंभ मेले का समापन भी हो जाएगा. आज शुभ मुहूर्त में कुंभ मेले में स्नान करने से भगवान शिव और माता पा…और पढ़ें

आज महाशिवरात्रि पर महाकुंभ का अंतिम स्नान

हाइलाइट्स

  • महाशिवरात्रि पर महाकुंभ का अंतिम स्नान आज है.
  • कुंभ स्नान से पापों का नाश और मोक्ष की प्राप्ति होती है.
  • शुभ मुहूर्त में स्नान करने से भगवान शिव की कृपा मिलती है.

आज देशभर में धूमधाम से महाशिवरात्रि का पर्व मनाया जा रहा है और आज ही महाकुंभ का अंतिम स्नान भी है. महाकुंभ में 6 अमृत स्नान थे और अब महाशिवरात्रि के दिन यानी आज अंतिम अमृत स्नान बचे हैं. महाशिवरात्रि पर ग्रह-नक्षत्रों का दुर्लभ संयोग बना हुआ है, जिससे आज के दिन महत्व और भी बढ़ गया है. मान्यता है कि त्रिवेणी संगम में स्नान करने से सभी पाप धुल जाते हैं और मृत्यु के बाद मोक्ष की प्राप्ति होती है. साथ ही ग्रहों के नकारात्मक प्रभाव से भी मुक्ति मिलती है. अगर आप भी महाशिवरात्रि पर महाकुंभ में स्नान करना चाहते हैं तो शुभ मुहूर्त में स्नान करने से कई फायदे मिलेंगे. आइए जानते हैं कुंभ स्नान करने का शुभ मुहूर्त, स्नान विधि और महत्व…

महाशिवरात्रि पर कुंभ स्नान का महत्व
हिंदू धर्म में महाशिवरात्रि के दिन किए जाने वाले अंतिम कुंभ मेले में स्नान का विशेष महत्व है. मान्यता है कि जो कोई भी व्यक्ति कुंभ मेले के अंतिम दिन स्नान करता है, उनको इस जन्म के साथ-साथ पूर्व जन्म के सभी पापों से छुटकारा मिलता है और मृत्यु के बाद मोक्ष की भी प्राप्ति होती है. इतना ही नहीं, महाशिवरात्रि के दिन कुंभ में स्नान करने से पितरों की आत्मा को शांति मिलती है और कुंडली से पितृदोष भी दूर होता है. यूं तो महाकुंभ में स्नान करने के लिए हर दिन महत्वपूर्ण होता है लेकिन महाशिवरात्रि के दिन अंतिम स्नान करने से अमरत्व की प्राप्ति होती है.

सहस्त्र कार्तिके स्नानं माघे स्नान शतानि च।
वैशाखे नर्मदाकोटिः कुंभस्नानेन तत्फलम्।।
अश्वमेघ सहस्त्राणि वाजवेयशतानि च।
लक्षं प्रदक्षिणा भूम्याः कुंभस्नानेन तत्फलम्।
अर्थात कार्तिक मास में किए जाने वाले हजारों स्नान, माघ मास में किए जाने वाले सौ स्नान, वैशाख मास में नर्मदा किनारे किए जाने वाले करोड़ों स्नान करने के बाद जो पुण्य फल की प्राप्ति होती है, उतना कुंभ में मात्र एक बार किए जाने वाले स्नान पर पुण्य फल मिलता है. इसके अलावा हजारों अश्वमेध यज्ञ, सैकड़ों वाजपेय यज्ञ और पृथ्वी की पूरी परिक्रमा करने के बाद जितना पुण्य फल प्राप्त होता है, उतना कुंभ के एक स्नान से पुण्य फल की प्राप्ति हो जाती है.

महाकुंभ के अंतिम दिन शुभ योग और मुहूर्त
महाशिवरात्रि पर महाकुंभ का अंतिम स्नान होना अपने आप में ही बहुत बड़ा संयोग है. इस दिन कुंभ में स्नान करने से भगवान शिव और माता पार्वती की कृपा प्राप्त होती है.
ब्रह्म मुहूर्त स्नान – 05:10 ए एम से 06:00 ए एम
अमृत काल स्नान – 07:28 ए एम से 09:00 ए एम
प्रातः सन्ध्या – 05:35 ए एम से 06:50 ए एम

शुभ योग
महाकुंभ के अंतिम दिन चतुर्दशी तिथि, बुधवार और श्रवण नक्षत्र का शुभ संयोग बन रहा है. चतुर्दशी तिथि के स्वामी स्वयं भगवान शिव. श्रवण नक्षत्र, जिसके स्वामी भगवान विष्णु और बुधवार, जिसके स्वामी प्रथम पूज्य भगवान गणेश हैं.
बुधादित्य योग
महाशिवरात्रि पर कुंभ राशि में सूर्य और बुध की युति बन रही है, जिससे बुधादित्य राजयोग का निर्माण हो रहा है.
त्रिग्रही योग
महाशिवरात्रि के दिन कुंभ राशि में सूर्य, बुध और शनि ग्रह की युति बन रही है, जिससे विशेष त्रिग्रही योग बन रहा है.
चतुर्ग्रही योग
महाशिवरात्रि के दिन सूर्य, चंद्रमा, शनि और बुध सभी चारों ग्रह एक ही राशि में गोचर करने वाले हैं, जिससे चतुर्ग्रही योग बन रहा है.
शिव योग
महाशिवरात्रि पर शिव नामक महायोग भी बन रहा है और छत्र जैसा दुर्लभ योग भी रहेगा.

महाशिवरात्रि पर महाकुंभ स्नान विधि
1- महाशिवरात्रि पर दिन के प्रथम प्रहर में स्नान करना बहुत शुभ माना जाता है. कुंभ में स्नान करने से पहले शरीर को साफ और पवित्र कर लें और फिर त्रिवेणी संगम को नमन करते हुए जल में घुटनों तक उतरें.
2- इसके बाद आचमन आदि से शुद्ध हो जाएं और हाथ में जल लेकर संकल्प करें और ‘गंगे च यमुने चैव गोदावरि सरस्वति, नर्मदे सिंधु कावेरी जलेस्मिन् सन्निधिं कुरू’ मंत्र का जप करें.
3- मंत्र जप करने के बाद कान और नाक बंद करके सूर्य की ओर मुख करें और फिर पांच बार जल में डुबकी लगाएं.डुबकी लगाने के बाद जल से तर्पण करें और सूर्यदेव को भी अर्घ्य दें.
4- कुंभ में स्नान करने के बाद जल से बाहर निकलने के बाद वस्त्र पहनें और फिर देवी देवताओं की पूजा करें. पूजा करने के बाद गरीब व जरूरमंद को दान करें.

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आज महाकुंभ का अंतिम स्नान, जानें कुंभ स्नान का मुहूर्त, स्नान विधि और महत्व

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