Ganesh Chaturthi 2025: आखिर क्यों मनाया जाता है 10 दिनों तक गणेश उत्सव, जानिए पूरी परंपरा और महत्व

Ganesh Chaturthi 2025: आखिर क्यों मनाया जाता है 10 दिनों तक गणेश उत्सव, जानिए पूरी परंपरा और महत्व

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10 Days Ganesh Chaturthi: गणेश चतुर्थी भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी से शुरू होकर 10 दिन तक चलती है. इसका धार्मिक कारण यह है कि गणेश जी को इन दिनों में घर पर विराजमान करके सुख-समृद्धि का आशीर्वाद लिया जाता है. ऐतिहासिक…और पढ़ें

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Ganesh Chaturthi 2025: आखिर क्यों मनाया जाता है 10 दिनों तक गणेश उत्सव, जानिएगणेश चतुर्थी कितने दिन की होती है?
10 Days Ganesh Chaturthi: गणेश चतुर्थी भारत का सबसे बड़ा और लोकप्रिय त्योहारों में से एक है जिसे पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया जाता है. यह पर्व हर साल भाद्रपद मास की चतुर्थी से शुरू होकर अनंत चतुर्दशी तक मनाया जाता है. यानी यह उत्सव कुल 10 दिनों तक चलता है. कहते हैं कि इन 10 दिनों तक घर घर में गणपति बप्पा की स्थापना होती है और भक्त पूरे मन से पूजा अर्चना करते हैं. पहले दिन गणपति की स्थापना और आखिरी दिन विसर्जन की परंपरा इस त्योहार को विशेष बनाती है. लेकिन सवाल यह है कि आखिर गणेश चतुर्थी को 10 दिन तक ही क्यों मनाया जाता है, न ज्यादा न कम. इसका संबंध धार्मिक मान्यताओं, ऐतिहासिक घटनाओं और समाज को जोड़ने वाली परंपराओं से है. यही कारण है कि आज भी यह त्योहार केवल महाराष्ट्र ही नहीं बल्कि पूरे देश और विदेशों में भव्य रूप से मनाया जाता है. इस बारे में विस्तार से बता रहे हैं ज्योतिषाचार्य रवि पाराशर.

10 दिन क्यों मनाई जाती है गणेश चतुर्थी?
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, गणपति जी को विध्नहर्ता और शुभारंभ का देवता माना गया है. जब भाद्रपद मास की चतुर्थी को उनकी स्थापना होती है तो ऐसा माना जाता है कि बप्पा इन 10 दिनों तक भक्तों के घर विराजमान होकर सुख, समृद्धि और सौभाग्य प्रदान करते हैं. पुराणों में वर्णन है कि भगवान गणेश का जन्म भी भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी को ही हुआ था. इसलिए इस दिन से शुरुआत होती है और 10वें दिन अनंत चतुर्दशी को विसर्जन किया जाता है.

10 दिनों के पीछे ऐतिहासिक कारण
इतिहासकारों का मानना है कि गणेश चतुर्थी को 10 दिन तक मनाने की परंपरा पेशवा काल से चली आ रही है. बाद में स्वतंत्रता सेनानी लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक ने इस उत्सव को जन आंदोलन और एकता का माध्यम बनाया. उन्होंने इसे निजी पूजा से निकालकर सार्वजनिक उत्सव का रूप दिया ताकि लोग बड़ी संख्या में एकत्र हों और सामाजिक एकजुटता बढ़े. तब से गणेश उत्सव 10 दिनों तक सार्वजनिक रूप से मनाया जाने लगा.

क्यों होता है 10वें दिन विसर्जन?
धार्मिक मान्यता यह है कि गणपति बप्पा अपने भक्तों के घर केवल अतिथि रूप में आते हैं. अतिथि को विदाई देना भी उतना ही जरूरी होता है जितना उनका स्वागत करना. इसलिए 10वें दिन विसर्जन किया जाता है. इसे प्रकृति के चक्र से भी जोड़ा जाता है. मिट्टी से बनी प्रतिमा जल में विलीन होकर पुनः मिट्टी बन जाती है और यह जीवन-मरण के चक्र का प्रतीक मानी जाती है.

क्यों कुछ लोग 1, 3, 5 या 7 दिन में करते हैं विसर्जन?
हर परिवार की परंपरा अलग होती है. कई लोग 1 दिन, 3 दिन, 5 दिन या 7 दिन तक गणपति को विराजमान करते हैं और फिर विसर्जन करते हैं. ऐसा इसलिए क्योंकि हर किसी के पास लंबे समय तक पूजा और मेहमाननवाजी करने की सुविधा नहीं होती. इसके अलावा कई घरों में पुरानी मान्यताओं के अनुसार ही छोटा उत्सव मनाया जाता है.

समाज और संस्कृति में महत्व
गणेश चतुर्थी के इन 10 दिनों में पूरे समाज में भक्ति और उत्सव का माहौल रहता है. पंडाल सजते हैं, सांस्कृतिक कार्यक्रम होते हैं और लोग मिलकर भक्ति गीत गाते हैं. यह सिर्फ धार्मिक पर्व नहीं बल्कि लोगों को जोड़ने वाला सामाजिक उत्सव भी है. यही कारण है कि गणेश चतुर्थी को 10 दिनों का उत्सव माना गया है.

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Ganesh Chaturthi 2025: आखिर क्यों मनाया जाता है 10 दिनों तक गणेश उत्सव, जानिए

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