छठ पूजा हर साल कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि को मनाई जाती है. चार दिनों तक चलने वाली छठ पूजा का प्रांरभ नहाय-खाय से होता है, जो कार्तिक शुक्ल
चतुर्थी को होती है, पंचमी के दिन खरना होता है और षष्ठी के दिन डूबते सूर्य को अर्घ्य देते हैं और सप्तमी के दिन सुबह में उगते सूर्य को जल देने कर पारण होता है. इसके साथ ही छठ पूजा का समापन हो जाता है. छठ पूजा में सूर्य देव और छठी मैय्या की पूजा करने का विधान होता है. छठ पूजा करने से सुख, शांति, संतान, धन, समृद्धि आदि की प्राप्ति होती है. छठ पूजा
दिवाली के छठे दिन होता है.
छठ पूजा की तारीख
दृक पंचांग के अनुसार, इस साल कार्तिक शुक्ल षष्ठी तिथि का शुभारंभ 27 अक्टूबर को सुबह 6 बजकर 4 मिनट से होने वाला है और यह तिथि अगले दिन 28 अक्टूबर को सुबह 7 बजकर 59 मिनट पर खत्म होगी. उदयातिथि के आधार पर छठ पूजा 27 अक्टूबर दिन सोमवार को है.
रवि योग में है छठ पूजा
इस साल की छठ पूजा पर रवि योग बन रहा है. छठ पूरा पर रवि योग दोपहर में 01 बजकर 27 मिनट पर लगेगा, जो 28 अक्टूबर को सुबह 06 बजकर 30 मिनट तक रहेगा. इसके अलावा उस दिन अतिगण्ड योग प्रात:काल से लेकी सुबह 07 बजकर 27 मिनट तक है, उसके बाद से सुकर्मा योग रहेगा.
छठ पूजा संध्या अर्घ्य समय
27 अक्टूबर को छठ पूजा पर संध्या अर्घ्य का समय शाम को 05 बजकर 40 मिनट पर है. इस समय व्रती नदी, तालाब के घाट पर जाते हैं, कमर तक पानी में खड़े होकर डूबते सूर्य को जल देते हैं.
छठ पूजा पर उगते सूर्य का अर्घ्य समय
छठ पूजा के अगले दिन यानि 28 अक्टूबर मंगलवार को उगते सूर्य को अर्घ्य देने का समय सुबह 06 बजकर 30 मिनट है. स्थान के आधार पर सूर्योदय और सूर्यास्त के समय में परिवर्तन संभव है. आप अपने स्थान के आधार पर समय देखकर अर्घ्य दे सकते हैं.
छठ पूजा का नहाय-खाय
इस साल छठ पूजा का नहाय-खाय 25 अक्टूबर शनिवार को है. उस दिन कार्तिक शुक्ल चतुर्थी तिथि है. चतुर्थी तिथि 25 अक्टूबर को 01:19 ए एम से लेकर 26 अक्टूबर को 03:48 ए एम तक है.
छठ पूजा का खरना
इस बार छठ पूजा का खरना 26 अक्टूबर रविवार को है. कार्तिक शुक्ल पचंमी तिथि 26 अक्टूबर को 03:48 ए एम से लेकर 27 अक्टूबर 27 को 06:04 ए एम तक है.
(Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य जानकारियों पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.)