पितृ दोष क्यों होता है? आपके ये 6 कर्म हैं जिम्मेदार, संतान को भी भोगना पड़ता है कष्ट

पितृ दोष क्यों होता है? आपके ये 6 कर्म हैं जिम्मेदार, संतान को भी भोगना पड़ता है कष्ट

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Pitra Dosh Kyu Hota Hai: यदि आपकी कुंडली में पितृ दोष होगा, तो आपको कोई संतान नहीं होगी. यदि संतान सुख मिलेगा, तो पितृ दोष के कारण उसे कई प्रकार के कष्ट भी भोगने पड़ेंगे. फाल्गुन अमावस्या के अवसर पर जानते हैं क…और पढ़ें

पितृ दोष लगने के कारण.

हाइलाइट्स

  • आज फाल्गुन अमावस्या है.
  • अमावस्या के दिन पितरों की पूजा, तर्पण, दान, श्राद्ध, पिंडदान आदि करते हैं
  • व्यक्ति कुछ ऐसे कर्म करता है, जिसकी वजह से उसे पितृ दोष लगता है.

Pitra Dosh Kyu Hota Hai: आज फाल्गुन अमावस्या है. आज अमावस्या के दिन पितरों की पूजा, तर्पण, दान, श्राद्ध, पिंडदान आदि करते हैं, ताकि पितृ दोष का​ निवारण हो. पितरों का आशीर्वाद मिले. यदि आपकी कुंडली में पितृ दोष होगा, तो आपको कोई संतान नहीं होगी. यदि संतान सुख मिलेगा, तो पितृ दोष के कारण उसे कई प्रकार के कष्ट भी भोगने पड़ेंगे. व्यक्ति अपने जीवन में कुछ ऐसे कर्म करता है, जिसकी वजह से उसे पितृ दोष लगता है. फाल्गुन अमावस्या के अवसर पर काशी के ज्योतिषाचार्य चक्रपाणि भट्ट से जानते हैं कि पितृ दोष क्यों होता है? पितृ दोष की वजह क्या है?

पितृ दोष लगने के कारण
1. धार्मिक शास्त्रों के अनुसार, जो व्यक्ति तामसिक वस्तुओं, मांस, मदिरा आदि का सेवन करता है और अपने धर्म का निर्वाह नहीं करता है, उसे पितृ दोष हो सकता है.

2. जो व्यक्ति जीवों की हत्या करता है या इस कार्य के लिए दूसरों को विवश करता है, उसे भी पितृ दोष लग सकता है. इसमें सांप, नाग आदि अन्य जीवों की हत्या शामिल है.

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3. जो व्यक्ति अपने पिछले जन्म में या फिर वर्तमान समय में अपने पितरों के लिए तर्पण, श्राद्ध, पिंडदान, ब्राह्मण भोज, दान, दक्षिणा आदि नहीं करता है. उसे भी पितृ दोष होता है.

4. ऐसे लोग, जो नवरात्रि, एकादशी, अमावस्या, पूर्णिमा, संक्रांति, दिवाली आदि जैसे दिनों में स्त्री के साथ समय व्यतीत करते हैं, उनके साथ संबंध बनाते हैं, उनको पितृ दोष का भागी बनना पड़ सकता है.

5. जो व्यक्ति अपने माता, पिता, दादा, दादी और अपने से पूज्य लोगों की जानबूझकर या अनजाने में अपमान करता है, अपने कर्मों से उनको कष्ट पहुंचाता है, उनकी उपेक्षा करता है, उसे भी पितृ दोष हो सकता है.

6. उस व्यक्ति को भी पितृ दोष होता है, जो हमेशा भोग और विलासिता में लिप्त रहता है. पावन पर्वों पर अपने इष्ट देवी, देवता, कुल देवता आदि का पूजन नहीं करता, अपने कुल के धर्म का त्याग कर देता है. पितरों का अनादर करता है.

पितृ दोष से क्या हानि होती है?
पितृ दोष होने से व्य​क्ति को शारीरिक और मानसिक कष्टों का सामना करना पड़ता है. उसके पास धन की कमी रहती है, वह दरिद्रता में जीवन व्यतीत करता है. परिवार में कलह, अशांति, धन की किल्लत, पत्नी से अलगाव या झगड़ा, संतान न होना, पुत्रहीन, व्यापार में घाटा होने को भी पितृ दोष से होने वाली हानियां हैं.

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पितृ दोष क्यों होता है? ये 6 कर्म हैं जिम्मेदार, संतान को भी भोगना पड़ता कष्ट

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