कब है पौष विनायक चतुर्थी? 3 शुभ योग में होगी पूजा, जानें मुहूर्त, भद्रा, पंचक समय

कब है पौष विनायक चतुर्थी? 3 शुभ योग में होगी पूजा, जानें मुहूर्त, भद्रा, पंचक समय

पौष विनायक चतुर्थी नए साल 2025 की पहली चतुर्थी है. विनायक चतुर्थी का व्रत पौष माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को रखा जाएगा. इस दिन विघ्नहर्ता श्री गणेश जी की पूजा दिन में करते हैं. पौष विनायक चतुर्थी के दिन 3 शुभ योग बन रहे हैं और उस दिन भद्रा एवं पंचक भी लग रहे हैं. भद्रा का वास धरती पर ही है. भद्रा के समय में कोई भी शुभ कार्य करने की मनाही होती है. तिरुपति के ज्योतिषाचार्य डॉ. कृष्ण कुमार भार्गव से जानते हैं कि पौष विनायक चतुर्थी कब है? पौष विनायक चतुर्थी की पूजा का मुहूर्त, भद्रा समय, पंचक और महत्व क्या है?

पौष विनायक चतुर्थी 2025 तारीख
हिंदू कैलेंडर के अनुसार, पौष माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि 3 जनवरी शुक्रवार को 01:08 ए एम शुरू होगी. इस तिथि का समापन 3 जनवरी को ही रात 11 बजकर 39 मिनट पर होगा. उदयातिथि की मान्यता के अनुसार, पौष विनायक चतुर्थी का व्रत 3 जनवरी शुक्रवार को रखा जाएगा.

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3 शुभ योग में पौष विनायक चतुर्थी 2025
3 जनवरी को पौष विनायक चतुर्थी के दिन 3 शुभ योगों का निर्माण हो रहा है. उस दिन रवि योग, वज्र योग और सिद्धि योग बन रहे हैं. पौष विनायक चतुर्थी के दिन रवि योग सुबह 07 बजकर 14 मिनट से बनेगा और यह रात 10 बजकर 22 मिनट तक रहेगा.

व्रत के दिन वज्र योग प्रात:काल से लेकर दोपहर 12 बजकर 38 मिनट तक है. उसके बाद सिद्धि योग बनेगा, जो रात तक है. विनायक चतुर्थी पर धनिष्ठा नक्षत्र प्रात:काल से लेकर रात 10 बजकर 22 मिनट तक है. उसके बाद शतभिषा नक्षत्र है.

पौष विनायक चतुर्थी 2025 पूजा मुहूर्त
नए साल की पहली विनायक चतुर्थी के दिन गणेश पूजा का शुभ मुहूर्त दिन में 11 बजकर 23 मिनट से दोपहर 01 बजकर 28 मिनट तक है. ब्रह्म मुहूर्त 05:25 ए एम से 06:20 ए एम तक है. उस दिन का शुभ मुहूर्त या अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12 बजकर 05 मिनट से दोपहर 12 बजकर 46 मिनट तक है.

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पौष विनायक चतुर्थी 2025 भद्रा और पंचक
पौष विनायक चतुर्थी के दिन भद्रा दोपहर में 12 बजकर 25 मिनट से लगेगी और यह रात 11 बजकर 39 मिनट तक है. भद्रा में आप शुभ कार्य न करें. उस दिन पंचक सुबह में 10 बजकर 47 मिनट से शुरू होगा और यह अगले दिन 4 जनवरी को सुबह 7 बजकर 15 मिनट पर होगा.

विनायक चतुर्थी का महत्व
इस दिन व्रत रखकर भगवान गणेश जी की पूजा करने से कार्यों में सफलता प्राप्त होती है. काम में आने वाली बाधाएं दूर होती हैं. जीवन में शुभता बढ़ती है.

Tags: Dharma Aastha, Lord ganapati, Religion

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