सावन की शिवरात्रि कब है? जानें सही तिथि, पूजा विधि, शुभ मुहूर्त और उपाय
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Sawan Shivratri 2026: सावन की शिवरात्रि 11 अगस्त 2026 को मनाई जाएगी. ज्योतिषी पंडित मनीष उपाध्याय के अनुसार इस दिन सुबह स्नान कर शिवलिंग पर जल, दूध, दही, शहद, बेलपत्र और धतूरा अर्पित कर ‘ॐ नमः शिवाय’ का जाप करना चाहिए. रात्रि में चारों पहर में शिवलिंग का अभिषेक और जागरण करना बेहद फलदायी माना गया है. इस दिन जरूरतमंदों को दान करने और शिव-पार्वती की पूजा करने से मनोवांछित फल मिलता है और अविवाहितों को योग्य जीवनसाथी की प्राप्ति होती है. सावन शिवरात्रि पर महादेव की कृपा से सभी कष्ट दूर होते हैं.
Sawan Shivratri 2026 Date: सावन का पवित्र महीना भगवान शिव की आराधना के लिए वर्ष का सबसे खास समय माना जाता है. इस पूरे महीने में शिव भक्त महादेव को प्रसन्न करने के लिए व्रत, विशेष पूजा, जलाभिषेक और महामृत्युंजय मंत्र का जाप करते हैं. सावन के प्रत्येक सोमवार का जहां अलग महत्व होता है, वहीं सावन माह के कृष्ण पक्ष में आने वाली शिवरात्रि को भी बेहद फलदायी माना गया है. मान्यता है कि सावन की शिवरात्रि के दिन भगवान भोलेनाथ की विधि-विधान से पूजा करने और रात्रि में जागरण करने से अक्षय पुण्य और मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है.
इस बार सावन माह की शुरुआत 30 जुलाई 2026 से हो चुकी है. इस पूरे महीने में चार सावन सोमवार का शुभ संयोग बन रहा है, जिसे शिव भक्तों के लिए बहुत ही शुभ माना जा रहा है. करौली के प्रसिद्ध ज्योतिषी पंडित मनीष उपाध्याय के अनुसार इस वर्ष सावन माह की शिवरात्रि 11 अगस्त 2026 को मनाई जाएगी. इस दिन भक्त सुबह से ही मंदिरों में भगवान शिव की पूजा-अर्चना और जलाभिषेक कर सकते हैं. सावन शिवरात्रि पर रात्रि के चारों पहर में भगवान शिव की पूजा और अभिषेक करने का विशेष धार्मिक महत्व शास्त्र संमत बताया गया है.
जानिए सावन शिवरात्रि की सही पूजा विधि
सावन की शिवरात्रि के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें, स्वच्छ वस्त्र धारण करें और महादेव का ध्यान करते हुए व्रत का संकल्प लें. इसके बाद शिवलिंग पर जल, कच्चा दूध, दही, शहद और गंगाजल अर्पित कर पंचामृत अभिषेक करें. भगवान शिव को अतिप्रिय बेलपत्र, धतूरा, आंकड़े के फूल और सफेद पुष्प अर्पित करें. पूजा के दौरान निरंतर ‘ॐ नमः शिवाय’ मंत्र का जाप करते रहें. इसके अलावा रात्रि के समय शिव मंदिर जाकर चारों पहर में शिवलिंग का अभिषेक करना और भजन-कीर्तन व जागरण करना विशेष फलदायी माना जाता है.
सावन की शिवरात्रि पर करें ये विशेष उपाय
धर्मशास्त्रों में सावन को ‘सदा शिव प्रिय मास’ कहा गया है. पंडित मनीष उपाध्याय के अनुसार इस दिन शिवलिंग पर जल में थोड़ा सा गंगाजल मिलाकर और 11 बेलपत्र चढ़ाकर अर्पित करने से महादेव जल्द प्रसन्न होते हैं. पूजा के बाद किसी जरूरतमंद व्यक्ति को अन्न, वस्त्र या तिल का दान करना शुभ माना जाता है. इसके अतिरिक्त अविवाहित युवक-युवतियां मनभावन और योग्य जीवनसाथी की कामना के लिए भगवान शिव और माता पार्वती की संयुक्त पूजा कर सकते हैं. सच्चे मन, वचन और कर्म से की गई आराधना से साधक को आध्यात्मिक शांति और सुख-समृद्धि मिलती है.
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Vicky Rathore (born July 25, 1994) is a multimedia journalist and digital content specialist currently working with News18 Rajasthan. I have over 8 years of experience in digital media, where I specialize in cr…
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