राशि बदलेगी तो पूजा का तरीका भी बदलेगा, सावन में ऐसे करें भगवान शिव को प्रसन्न
अयोध्या: सनातन धर्म में सावन का महीना भगवान शिव की आराधना के लिए सबसे पवित्र माना जाता है. मान्यता है कि इस पूरे महीने श्रद्धा, भक्ति और विधि-विधान से भोलेनाथ की पूजा करने से जीवन के कष्ट दूर होते हैं और सुख-समृद्धि का आशीर्वाद प्राप्त होता है. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार यदि व्यक्ति अपनी राशि और उसके स्वामी ग्रह के अनुरूप भगवान शिव की उपासना करे, तो पूजा का फल कई गुना बढ़ जाता है. राशि के अनुसार मंत्र जप, पूजन सामग्री और विशेष अर्पण करने से ग्रह दोष शांत होते हैं तथा रुके हुए कार्य पूरे होने की संभावना बढ़ती है.
अयोध्या के प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य पंडित कल्कि राम बताते हैं कि भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए लोग सावन में अनेक प्रकार के उपाय करते हैं, लेकिन यदि अपनी राशि के अनुसार मंत्र और पूजा विधि अपनाई जाए तो विशेष लाभ मिलता है. उनके अनुसार हर राशि का एक स्वामी ग्रह होता है और उसी के अनुरूप भगवान शिव की आराधना करने से सकारात्मक परिणाम प्राप्त होते हैं.
राशि अनुसार करें शिव उपासना
मेष राशि: भगवान शिव के पंचाक्षरी मंत्र “नमः शिवाय” का जप करें.पूजा में लाल चंदन, गुलाल और लाल पुष्प अर्पित करना शुभ माना जाता है.
वृषभ राशि: “ॐ नमः शिवाय” मंत्र का जप करें.सफेद चंदन, मिश्री और सफेद पुष्प अर्पित करने से विशेष कृपा प्राप्त होती है.
मिथुन राशि: भगवान शिव को दूर्वा, साबुत हरी मूंग और बेलपत्र अर्पित करें.साथ ही “ॐ नमः शिवाय” का श्रद्धापूर्वक जप करें.
कर्क राशि: कच्चे दूध, सफेद पुष्प और चावल अर्पित करें. शिवलिंग पर जलाभिषेक करते हुए पंचाक्षरी मंत्र का जप करना लाभकारी रहेगा.
सिंह राशि: लाल पुष्प, गुड़ और गंगाजल से अभिषेक करें.सूर्य से संबंधित दोषों की शांति के लिए शिव आराधना विशेष फलदायी मानी जाती है.
कन्या राशि: भगवान शिव को हरी मूंग, बेलपत्र और दूर्वा अर्पित करें.नियमित रूप से “ॐ नमः शिवाय” का जप करने से बुद्धि और कार्यक्षमता में वृद्धि होती है.
तुला राशि: तुला राशि के जातकों को महामृत्युंजय मंत्र का जप करना चाहिए. शिवलिंग पर इत्र, सफेद चंदन और सुगंधित पुष्प अर्पित करना शुभ रहेगा.
वृश्चिक राशि: “ॐ नमः शिवाय” मंत्र का जप करें. लाल चंदन, भस्म और जल से अभिषेक करने पर भगवान शिव की विशेष कृपा प्राप्त होती है.
धनु राशि: हल्दी मिश्रित जल, पीले पुष्प और चने की दाल अर्पित करें.शिव मंत्रों का जप जीवन में शुभता लाता है.
मकर राशि: महामृत्युंजय के लघु बीज मंत्र “ॐ हौं जूं सः” का जप करें. काले तिल, जल और बेलपत्र अर्पित करना शुभ माना गया है.
कुंभ राशि: महामृत्युंजय मंत्र का नियमित जप करें. शिवलिंग पर जल, काले तिल और शमी पत्र अर्पित करने से शनि संबंधी कष्ट कम हो सकते हैं.
मीन राशि: “ॐ हौं जूं सः” मंत्र का जप करें.केसर मिश्रित दूध, पीले पुष्प और बेलपत्र अर्पित करने से भगवान शिव की विशेष कृपा प्राप्त होती है.
सावन में इन बातों का रखें विशेष ध्यान
पंडित कल्कि राम के अनुसार सावन में प्रतिदिन ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें, शिवलिंग का जल, दूध और गंगाजल से अभिषेक करें, बेलपत्र, धतूरा, आक के पुष्प और भांग अर्पित करें.साथ ही अपनी राशि के अनुसार मंत्रों का नियमित जप करें.ऐसा करने से ग्रहों की अशुभता कम होती है, मानसिक शांति मिलती है, परिवार में सुख-समृद्धि आती है और लंबे समय से रुके हुए कार्य भी बनने लगते हैं. श्रद्धा, संयम और सच्ची भक्ति के साथ की गई शिव आराधना व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन ला सकती है.


