क्या लड़के भी शादी की कामना के लिए कर सकते हैं सावन सोमवार व्रत? जानिए क्या कहते हैं शास्त
क्या लड़के भी शादी की कामना के लिए कर सकते हैं सावन सोमवार व्रत? जानिए नियम
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Sawan Somwar Marriage Vrat Men: सावन सोमवार व्रत आमतौर पर अविवाहित लड़कियों द्वारा अच्छे पति की कामना के लिए किया जाता है. लेकिन क्या लड़के भी अपनी पसंद की दुल्हन पाने या सुखी वैवाहिक जीवन के लिए यह व्रत कर सकते हैं? यह सवाल अक्सर उठता है कि क्या शास्त्रों में पुरुषों के लिए सावन सोमवार व्रत का कोई विधान है. इस विषय पर धार्मिक ग्रंथों और मान्यताओं का क्या कहना है, यह जानने के लिए आगे पढ़ें.
Sawan Somwar Marriage Vrat Men: भगवान शिव के प्रिय मास सावन शुरू हो चुका है और 2 अगस्त को सावन के पहले सोमवार का व्रत किया जाएगा. सनातन धर्म में सावन मास भगवान शिव को अत्यंत प्रिय माना गया है. मान्यता है कि इस पूरे महीने श्रद्धापूर्वक शिव आराधना करने से भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं. जहां अविवाहित कन्याएं मनचाहे वर की प्राप्ति के लिए सावन सोमवार का व्रत रखती हैं, वहीं धार्मिक ग्रंथों और शिव पुराण में पुरुषों के लिए भी भगवान शिव की उपासना का विशेष महत्व बताया गया है. अगर कोई अविवाहित युवक योग्य जीवनसंगिनी की कामना करता है तो वह भी श्रद्धा और नियमपूर्वक सावन सोमवार का व्रत रख सकता है.
पुरुष ऐसे करें शिव-पार्वती पूजन
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान शिव और माता पार्वती का दांपत्य जीवन आदर्श माना जाता है. इसलिए विवाह में आ रही बाधाओं को दूर करने और योग्य जीवनसाथी की प्राप्ति के लिए शिव-पार्वती की संयुक्त पूजा विशेष फलदायी मानी जाती है. व्रत का संकल्प प्रातः स्नान के बाद स्वच्छ वस्त्र धारण करके लेना चाहिए. इसके बाद शिवलिंग पर गंगाजल या शुद्ध जल, दूध, दही, शहद, घी और शक्कर से अभिषेक कर बेलपत्र, धतूरा, भांग, सफेद पुष्प, चंदन और अक्षत अर्पित करें. पूजन के दौरान ॐ नमः शिवाय मंत्र का कम से कम 108 बार जप करना शुभ माना जाता है. साथ ही शिव चालीसा, रुद्राष्टक या शिव महिम्न स्तोत्र का पाठ करने से भगवान शिव की विशेष कृपा प्राप्त होती है. विवाह की इच्छा रखने वाले युवक माता पार्वती का भी पूजन करें और सुखी वैवाहिक जीवन का आशीर्वाद मांगें.
शिव पूजन के नियम
धार्मिक नियमों के अनुसार, व्रत के दिन सात्विक आहार ग्रहण करें या अपनी क्षमता के अनुसार फलाहार अथवा निराहार व्रत रखें. क्रोध, असत्य, नशा, तामसिक भोजन और किसी का अपमान करने से बचना चाहिए. ब्रह्मचर्य का पालन, मन और वाणी की पवित्रता तथा जरूरतमंदों की सहायता करना भी इस व्रत का महत्वपूर्ण हिस्सा माना गया है.
आने वाली बाधाएं भी होती हैं दूर
शास्त्रों के अनुसार, केवल व्रत रखने से ही नहीं बल्कि सच्ची श्रद्धा, सदाचार और निष्काम भाव से भगवान शिव की उपासना करने से शुभ फल प्राप्त होते हैं. धार्मिक मान्यता है कि सावन सोमवार के व्रत और शिव-पार्वती की आराधना से विवाह में आने वाली बाधाएं दूर हो सकती हैं तथा योग्य जीवनसंगिनी मिलने का मार्ग प्रशस्त होता है. हालांकि, इसे धार्मिक आस्था और परंपरा का विषय माना जाता है और इसके फल व्यक्ति की श्रद्धा एवं विश्वास पर आधारित होते हैं.
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पराग शर्मा Hindi News18 Digital में Chief Sub Editor के पद पर कार्यरत हैं. वर्तमान में धर्म, ज्योतिष, ग्रह-नक्षत्र, राशि और वास्तु से जुड़ी खबरों पर काम कर रहे हैं. भारतीय धार्मिक परंपराओं, ज्योतिष शास्त्र, मेद…
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