Dev Uthani Ekadashi: देवउठनी एकादशी पर तुलसी विवाह का भी शुभ मुहूर्त, Tulsi Maa से जुड़े ये 5 काम न किए तो व्रत करना बेकार!

Dev Uthani Ekadashi: देवउठनी एकादशी पर तुलसी विवाह का भी शुभ मुहूर्त, Tulsi Maa से जुड़े ये 5 काम न किए तो व्रत करना बेकार!

Dev Uthani Ekadashi 2024 Upay: कल देवउठनी एकादशी का व्रत रखा जाएगा. कल 12 नवंबर को रवि योग और सर्वार्थ सिद्धि योग बन रहा है. देवउठनी एकादशी में भगवान विष्णु की पूजा की जाती है. लोग व्रत रखते हैं. देवउठनी एकादशी की व्रत कथा सुनते हैं. पौराणिक और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस शुभ अवसर पर विष्णु भगवान चार महीने की योग निद्रा से जागते हैं और पुन: से सृष्टि की व्यवस्थाओं को संभालते हैं. सबसे महत्वपूर्ण बात तो ये है कि कल ही देवउठनी एकादशी के दिन तुलसी विवाह भी है. ऐसे में देवउठनी एकादशी पर तुलसी जी की भी पूजा की जाती है. साथ ही तुलसी मां के कुछ उपाय करने से शुभ फल की प्राप्ति भी होती है.

देवउठनी एकादशी शुभ मुहूर्त
कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि 11 नवंबर यानी आज शाम 6 बजकर 46 मिनट से शुरू होने वाली है. इसका समापन कल 12 नवंबर को शाम में 4 बजकर 4 मिनट पर होगा.

स्पिरीचुअल और मोटिवेशनल स्पीकर आनंद कृष्ण ठाकुर जी के अनुसार, देवउठनी एकादशी व्रत के बारे में भगवान स्वयं कहते हैं कि इस संसार में उसी मनुष्य का जीवन सफल है, जिसने देवउठनी एकादशी का व्रत कर लिया. जिसने अभी तक एकादशी का व्रत नहीं किया, उसके अभी तक जीवन में किए गए जितने भी पुण्य है, वे सभी व्यर्थ हैं. मन, वचन और कर्म तीनों प्रकार के पापों को नष्ट कर देता है ये व्रत. एकादशी व्रत के दिन सिर्फ एक बार ही फलाहार लें. द्वादशी के दिन सूर्य निकलने के बाद सबसे पहले तुलसी पत्र अपने मुंह में डालकर ही व्रत का पारण करें और फिर कुछ अन्न खाएं.

तुलसी के विवाह का दिन
आनंद कृष्ण ठाकुर जी कहते हैं कि 12 नवंबर को साल की सबसे बड़ी एकादशी है, देवउठनी एकादशी. इसी दिन तुलसी जी के विवाह का भी शुभ मुहूर्त होता है. ऐसे में ये तुलसी जी का भी दिन है. आप विष्णु भगवान की पूजा करने के साथ ही मां तुलसी की भी पूजा अवश्य करें. मां तुलसी का विवाह कराने से घर में सुख-समृद्धि, अखंड सौभाग्य आता है. तुलसी विवाह के शुभ मौके पर तुलसी जी से संबंधित नीचे बताए गए 5 उपाय अवश्य करें.

1. तुलसी मां की पूजा करते समय लाल कलावा जरूर बांधें.

2. तुलसी जी को लाल चुनरी अवश्य बांधें और पूजा करें.

3. तुलसी मइया को पीले धागे में 11 गांठ लगाकर अवश्य बांधे और उनसे प्रार्थना जरूर करें.

4. तुलसी जी की पूजा करते समय कच्चा दूध जरूर अर्पित करें और दीपक जलाकर उनकी आरती करें.

5. देवउठनी एकादशी के दिन कृष्ण भगवान को 11 तुलसी के पत्र अवश्य चढ़ाएं.

एकादशी व्रत में न करें ये 4 काम
– एकादशी व्रत में झूठ न बोलें वरना आपको ही उल्टा पाप चढ़ेगा.
-एकादशी व्रत से एक दिन पहले ही अपने बाल धो लें, क्योंकि एकादशी व्रत में बाल धोने का नियम ही नहीं है.
-एकादशी के दिन भगवान कृष्ण के चरण में कमल का फूल जरूर चढ़ाएं. इससे भगवान कृष्ण प्रसन्न होते हैं, जिससे आपका व्रत करना भी सफल हो जाएगा.
– जो लोग एकादशी का व्रत करें, उनके लिए दिन में सोना मना है, क्योंकि दिन में सोने से व्रत टूट सकता है.
-एकादशी व्रत में चाय-कॉफी न पिएं. यह सौ प्रतिशत मना है, क्योंकि इनमें कैफीन होता है और कैफीन से व्रत टूट जाता है.

इसे भी पढ़ें: Tulsi Vivah 2024 Niyam Vidhi: तुलसी विवाह के दिन है भद्रा और पंचक, जानें भगवान शालिग्राम से तुलसी विवाह कराने के नियम, विधि

Tags: Dharma Aastha, Religion, Tulsi vivah

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