अपराजिता का पौधा लगाने से पहले जान लें ये जरूरी बातें, तभी मिलेगा पूरा लाभ
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अपराजिता का पौधा वास्तुशास्त्र में शुभ और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है. मान्यता है कि इसे घर की पूर्व या उत्तर-पूर्व दिशा में लगाने से सुख-समृद्धि और उन्नति आती है. जानिए अपराजिता के पौधे की सही दिशा, देखभाल और धार्मिक महत्व.
इस पौधे के फूलों का रंग नीला होने के कारण यह हमेशा शांतिपूर्ण वातावरण बनाने में लोगों की मदद करता है. अपराजिता पौधे के नाम से ही स्पष्ट हो जाता है कि यह पौधा विजय का प्रतीक है. वास्तुशास्त्र की मानें तो इस पौधे को घर में लगाने से सकारात्मक ऊर्जा आकर्षित होती है. साथ ही यह बाधाओं और चुनौतियों पर विजय के प्रतीक के रूप में कार्य करता है.
लोकल 18 से बातचीत के दौरान आचार्य सुधांशु तिवारी बताते हैं कि अपराजिता फूल का पौधा यदि घर में लगाया जाए तो घर के लोग और पूरा परिवार दिन प्रतिदिन उन्नति के मार्ग पर अग्रसर रहता है. वास्तुशास्त्र में भी अपराजिता के पुष्प और पौधे के बारे में वर्णन किया गया है और इस पौधे के महत्व को बताया गया है.
जब भी आप अपराजिता फूल के पौधे को लगे तो इस बात पर ध्यान रखें कि पौधे कीचड़ मिट्टी को सही तरीके से पकड़ ली हो ताकि पौधा सूखे नहीं और जल्दी से विकसित हो जाए. इस पौधे को लगाने के बाद इसमें नियमित रूप से पानी देते रहें.
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अपराजिता के पौधे के गमले को ऐसी जगह पर रखें जहां धूप अच्छी तरह से आती हो. जिससे पौधे को रोजाना कम से कम 6 से 8 घंटे सूर्य की रोशनी मिल सके. इससे आपका पौधा खिला रहता है.
नर्सरी संचालक अशोक कुमार तिवारी बताते हैं कि कि समय-समय पर अपराजिता के पौधे की प्रूनिंग करना भी बहुत जरूरी है. इसके लिए मृत और मुरझाए फूल, सूखी पत्तियों और शाखाओं को पौधे से अलग करते रहें. अगर आप सूखे फूलों को पौधे में लगा छोड़ देते हैं तो उसमें बीज बनने लगते हैं, जिससे पौधे में फूल आने कम हो सकते हैं.
अगर आप घर में अपराजिता का पौधा लगाने की सोच रहे हैं तो आपको इसे वास्तु विशेषज्ञों द्वारा सही दिशा में लगाने की सलाह दी जाती है.वास्तुशास्त्र के अनुसार इसे घर की पूर्व या उत्तर-पूर्व दिशा में लगाना चाहिए क्योंकि पूर्व और उत्तर-पूर्व दिशाएं हमेशा नई शुरुआत और सकारात्मक ऊर्जा से जुड़ी होती हैं, इसलिए इस दिशा में यह पौधा लगाने से घर में हमेशा नई क्रियात्मक चीजों का आरंभ होता रहता है.
अपराजिता पौधे का फूल यदि भगवान भोलेनाथ को अर्पित किया जाता है, तो यह घर में हमेशा समृद्धि का कारक बनता है. धर्माचार्यों द्वारा इस पौधे को सोमवार के दिन शिवलिंग पर चढ़ाने की सलाह दी जाती है.
सिर्फ इतना ही नहीं नीले रंग का पुष्प भगवान विष्णु को भी अत्यंत प्रिय होता है.इसलिए इस पौधे को घर में किसी साफ स्थान पर ही लगाना चाहिए.इसके अलावा वायु को शुद्ध करने के लिए भी अपराजिता का पौधा घर में लगाने की सलाह दी जाती है.


