16 जुलाई से रथ यात्रा, लाखों की भीड़ में दिखेंगे 3 विशाल रथ, कैसे पहचानें किस रथ में कौन?
16 जुलाई से रथ यात्रा, दिखेंगे 3 विशाल रथ, कैसे पहचानें किस रथ में कौन?
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Jagannath Rath Yatra 2026 chariots identification: 16 जुलाई से जगन्नाथ रथ यात्रा का शुभारंभ होने वाला है. पुरी में लाखों की भीड़ में 3 विशाल रथ निकलेंगे, जिन पर भगवान जगन्नाथ, उनके भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा सवार होंगे. लेकिन प्रश्न यह है कि आपको कैसे पता चलेगा कि किस रथ में भगवान जगन्नाथ हैं और किस रथ में उनके भाई-बहन? आपके रथों के रंग और विशेष चिह्नों से यह पता कर सकते हैं.
रथ यात्रा में भगवान जगन्नाथ, उनके भाई और बहन के रथ अलग-अलग रंग के होते हैं.
रंग और विशेष ध्वज से पहचानें जगन्नाथ जी का रथ
भगवान जगन्नाथ का रथ लाल और पीले रंग का होता है, जिस पर त्रिलोक्यमोहिनी ध्वज लहराता है. इस पर हनुमान जी का प्रतीक लगा होता है. इस रथ में 16 पहिए लगे होते हैं और यह तीनों रथों में सबसे बड़ा होता है. इसका नाम नंदीघोष है. इसे गरुड़ध्वज भी कहा जाता है. इस विशाल रथ पर सवार होकर भगवान जगन्नाथ अपनी मौसी के घर गुंडिचा मंदिर जाते हैं. लाल और पीले रंग के रथ को दूर से ही देखकर आप जान सकते हैं कि इसमें भगवान जगन्नाथ जी सवार हैं.
लाल और हरे रंग का होता है बलभद्र जी का रथ
भगवान जगन्नाथ जी के भाई बलभद्र जी का रथ लाल और हरे रंग का होता है. यह जगन्नाथ जी के रथ से थोड़ा छोटा होता है, इसमें 14 पहिए लगे होते हैं. इसे तालध्वज कहा जाता है. इस रथ पर उनानी ध्वज लगा होता है, जिस पर ताड़ के पेड़ का प्रतीक चिह्न होता है.
सबसे छोटा रथ बहन सुभद्रा का
इस रथ यात्रा में जगन्नाथ जी की बहन सुभद्रा का रथ तीनों में सबसे छोटा होता है. यह रथ लाल और काले रंग का होता है, जिसमें 12 पहिए लगे होते हैं. उनके रथ का नाम दर्पदलन है. इस पर नदंबिका ध्वज लहराता है, जिस पर कमल का प्रतीक चिह्न होता है.
अब आप जगन्नाथ रथ यात्रा में शामिल होने वाले तीनों रथों को उनके रंग के आधार पर दूर से ही पहचान सकते हैं. यदि आप जगन्नाथ रथ यात्रा में शामिल होते हैं और जगन्नाथ जी के रथ तक नहीं भी पहुंचते हैं तो दूर से ही उनके दर्शन करके आशीर्वाद ले सकते हैं.
कब से कब तक चलेगी रथ यात्रा?
जगन्नाथ रथ यात्रा 16 जुलाई को शुरू होगी. तीनों रथों को खींचकर गुंडिचा मंदिर ले जाया जाएगा. फिर 24 जुलाई शुक्रवार को बहुदा यात्रा यानि उल्टी रथ यात्रा प्रारंभ होगी. इसमें तीनों रथों को खींचकर वापस जगन्नाथ मंदिर लाया जाएगा. 27 जुलाई सोमवार को नीलाद्री बीजे अनुष्ठान के साथ रथ यात्रा का समापन होगा.
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कार्तिकेय तिवारी Hindi News18 Digital में Deputy News Editor के पद पर कार्यरत हैं. वर्तमान में धर्म, ज्योतिष, वास्तु और फेंगशुई से जुड़ी खबरों पर काम करते हैं. धर्म में पचांग, पुराणों और शास्त्रों के आधार पर व्…और पढ़ें


