घर में पौधे लगा रहे हैं? पहले जानिए किस दिशा में कौन-सा रंग माना जाता है शुभ!
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वास्तु शास्त्र की पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार, घर में पौधों के साथ सही दिशा और सही रंग के गमले का चयन भी महत्वपूर्ण माना जाता है. जानिए पूर्व, दक्षिण-पूर्व और दक्षिण दिशा में किस रंग का गमला शुभ माना जाता है और वास्तु विशेषज्ञ इसके बारे में क्या सलाह देते हैं. ध्यान रहे कि ये सभी दावे धार्मिक और पारंपरिक मान्यताओं पर आधारित हैं.
अंबाला: घर की सुंदरता बढ़ाने के लिए आजकल लगभग हर घर में इंडोर और आउटडोर पौधे लगाए जा रहे हैं.लेकिन वास्तु शास्त्र में केवल पौधे का चयन ही नहीं, बल्कि उसे किस दिशा में और किस रंग के गमले में लगाया गया है, इसे भी महत्वपूर्ण माना गया है. वास्तु से जुड़े जानकारों का कहना है कि यदि पौधों के साथ सही रंग के गमलों का चुनाव किया जाए, तो घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होने की मान्यता है. वहीं गलत रंग के गमले वास्तु के शुभ प्रभाव को कम कर सकते हैं.
हर दिशा किसी न किसी तत्व और ऊर्जा का प्रतिनिधित्व करती है
वहीं लोकल 18 को ज्यादा जानकारी देते हुए अंबाला के ज्योतिषाचार्य पंडित दीपलाल जयपुरी के अनुसार, हर दिशा किसी न किसी तत्व और ऊर्जा का प्रतिनिधित्व करती है. ऐसे में यदि उस दिशा के अनुरूप रंग के गमले का उपयोग किया जाए, तो वातावरण में संतुलन और सकारात्मकता बनाए रखने में मदद मिलने की पारंपरिक मान्यता है.हालांकि, ये सभी बातें वास्तु और ज्योतिष की मान्यताओं पर आधारित हैं.
कौन सी दिशा में कौन सा रंग का लगाएं गमला
पंडित दीपलाल जयपुरी बताते हैं कि घर की पूर्व (ईस्ट) दिशा को नई शुरुआत, प्रगति और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है. इस दिशा में यदि कोई पौधा लगाया जा रहा है, तो नीले रंग के गमले का उपयोग शुभ माना जाता है. ऐसी मान्यता है कि इससे करियर में उन्नति, नए अवसर और मानसिक स्पष्टता प्राप्त होती है.इसी तरह दक्षिण-पूर्व (साउथ-ईस्ट) दिशा को अग्नि तत्व और आर्थिक समृद्धि से जोड़कर देखा जाता है.वास्तु मान्यताओं के अनुसार, इस दिशा में लगाए गए पौधों के लिए हरे रंग का गमला उपयुक्त माना जाता है. कहा जाता है कि इससे आर्थिक स्थिति मजबूत होने, धन संबंधी बाधाओं में कमी आने और नए कार्यों के प्रति उत्साह बढ़ने की संभावना रहती है.
दक्षिण दिशा में लगाएं लाल रंग का गमला
वहीं वास्तु विशेषज्ञों के अनुसार, दक्षिण दिशा में पौधा लगाने पर लाल रंग का गमला शुभ माना जाता है. पारंपरिक मान्यता है कि यह आत्मविश्वास बढ़ाने, घर में सकारात्मक ऊर्जा बनाए रखने और नकारात्मक प्रभावों से बचाव में सहायक होता है. पंडित दीपलाल जयपुरी का कहना है कि यदि रविवार के दिन पौधे की मिट्टी में श्रद्धापूर्वक एक चम्मच शुद्ध घी अर्पित किया जाए, तो इसे भी शुभ माना जाता है. हालांकि इसे धार्मिक आस्था का हिस्सा समझना चाहिए.
विशेषज्ञों का यह भी कहना है कि पौधों की नियमित देखभाल, पर्याप्त धूप, समय पर पानी और स्वच्छ वातावरण किसी भी घर के लिए सबसे अधिक महत्वपूर्ण हैं. स्वस्थ और हरे-भरे पौधे न केवल घर की सुंदरता बढ़ाते हैं, बल्कि वातावरण को भी ताजगी प्रदान करते हैं. वहीं, वास्तु में विश्वास रखने वाले लोग अपनी आस्था के अनुसार दिशा और रंग का चयन कर सकते हैं. विशेषज्ञ का मानना है कि घर की सजावट और पौधों के चयन में सौंदर्य के साथ यदि पारंपरिक मान्यताओं का भी संतुलित रूप से ध्यान रखा जाए, तो रहने का वातावरण अधिक सुखद और सकारात्मक महसूस हो सकता है.हालांकि, वास्तु से जुड़े सभी दावे व्यक्तिगत आस्था और पारंपरिक मान्यताओं पर आधारित हैं.
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विवेक कुमार एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें मीडिया में 10 साल का अनुभव है. वर्तमान में न्यूज 18 हिंदी के साथ जुड़े हैं और हरियाणा, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की लोकल खबरों पर नजर रहती है. इसके अलावा इन्हें देश-…और पढ़ें


