Sawan 2026: सावन में मोती धारण करने से बदल सकती है किस्मत! जानिए क्यों खास है ये रत्न
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Sawan Me Moti Pehanne Ke Fayde: सावन का पवित्र महीना भगवान शिव की भक्ति, पूजा-पाठ और आध्यात्मिक साधना के लिए सबसे उत्तम समय माना जाता है. धार्मिक मान्यताओं के साथ-साथ ज्योतिष शास्त्र में भी सावन के महीने का विशेष महत्व बताया गया है. ऐसा माना जाता है कि इस पावन महीने में कुछ खास रत्न धारण करने से जातकों को बेहद शुभ परिणाम मिल सकते हैं. इन्हीं चमत्कारी रत्नों में से एक है मोती. जिसका सीधा संबंध चंद्र ग्रह से माना जाता है. आइए ऋषिकेश के प्रसिद्ध ज्योतिषी अखिलेश पांडेय से जानते हैं सावन में मोती पहनने के फायदे और इसे धारण करने की सही विधि.
ऋषिकेश: सावन का महीना भगवान शिव की भक्ति, पूजा-पाठ और आध्यात्मिक साधना के लिए सबसे पवित्र समय माना जाता है. इस पूरे महीने शिवालयों में भक्तों की भीड़ उमड़ती है और लोग जलाभिषेक, रुद्राभिषेक, व्रत और मंत्र जाप के माध्यम से भोलेनाथ का आशीर्वाद प्राप्त करने का प्रयास करते हैं. धार्मिक मान्यताओं के साथ-साथ ज्योतिष शास्त्र में भी सावन का विशेष महत्व बताया गया है. माना जाता है कि इस दौरान कुछ विशेष रत्न धारण करने से शुभ परिणाम प्राप्त हो सकते हैं. इन्हीं रत्नों में से एक है मोती. मोती का संबंध चंद्र ग्रह से माना जाता है, जो मन, भावनाओं और मानसिक संतुलन का कारक है.
लोकल 18 के साथ बातचीत के दौरान ज्योतिषी अखिलेश पांडेय ने बताया कि धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भगवान शिव के मस्तक पर विराजमान चंद्रमा मन की शांति और स्थिरता का प्रतीक है. चूंकि मोती का संबंध भी चंद्र ग्रह से माना जाता है, इसलिए इसे शिव भक्तों के लिए शुभ रत्न माना जाता है. ऐसा विश्वास है कि सावन में भगवान शिव की पूजा के साथ यदि योग्य व्यक्ति मोती धारण करता है तो उसे मानसिक शांति, सकारात्मक सोच और आत्मविश्वास में वृद्धि का अनुभव हो सकता है. यही कारण है कि सावन के दौरान मोती धारण करने की परंपरा का उल्लेख कई ज्योतिषीय मान्यताओं में मिलता है.
मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक
आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में तनाव, चिंता और मानसिक अस्थिरता आम समस्या बन चुकी है. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार मोती मन को शांत रखने और भावनात्मक संतुलन बनाए रखने में सहायक माना जाता है. ऐसा माना जाता है कि यह व्यक्ति के भीतर सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है और नकारात्मक विचारों को कम करने में मदद करता है. जिन लोगों का मन अक्सर बेचैन रहता है या निर्णय लेने में कठिनाई होती है, उनके लिए भी मोती को शुभ माना जाता है. हालांकि इसका प्रभाव व्यक्ति की जन्म कुंडली और ग्रहों की स्थिति पर निर्भर करता है.
सावन में मोती धारण करने की सही विधि
उन्होंने बताया कि मोती धारण करने के लिए सोमवार का दिन सबसे शुभ माना जाता है, विशेष रूप से यदि वह सावन का सोमवार हो. इसे धारण करने से पहले रत्न को गंगाजल और कच्चे दूध से शुद्ध किया जाता है. इसके बाद भगवान शिव का स्मरण करते हुए पूजा की जाती है और “ॐ सोम सोमाय नमः” मंत्र का जाप किया जाता है. मान्यता है कि इस विधि से धारण किया गया मोती अधिक शुभ फल प्रदान करता है. आमतौर पर इसे चांदी की अंगूठी में जड़वाकर छोटी उंगली में पहनने की सलाह दी जाती है.
किन लोगों के लिए हो सकता है लाभकारी
जिन लोगों की कुंडली में चंद्र ग्रह कमजोर होता है या चंद्र से जुड़े दोष होते हैं, उनके लिए मोती लाभकारी माना जाता है. यह मानसिक तनाव को कम करने, आत्मविश्वास बढ़ाने और भावनात्मक स्थिरता बनाए रखने में सहायक माना जाता है. वहीं कुछ राशियों और लग्न के लोगों के लिए भी यह शुभ फल देने वाला माना जाता है. लेकिन हर व्यक्ति की कुंडली अलग होती है, इसलिए केवल दूसरों को देखकर मोती धारण करना उचित नहीं माना जाता.
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सीमा नाथ 6 साल से मीडिया के क्षेत्र में काम कर रही हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत शाह टाइम्स में रिपोर्टिंग के साथ की जिसके बाद कुछ समय उत्तरांचल दीप, न्यूज अपडेट भारत के साथ ही लोकल 18 (नेटवर्क18) में काम …और पढ़ें


