आज का पंचांग: मंगलवार व्रत के साथ आज मासिक कालाष्टमी, हनुमान पूजन से मंगल ग्रह होंगे मजबूत
मंगलवार व्रत के साथ आज मासिक कालाष्टमी, पंचांग से जानें शुभ व अशुभ मुहूर्त
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Aaj Ka Panchang (आज का पंचांग), 7 2026: आज मंगलवार व्रत के साथ मासिक कालष्टमी की पूजा अर्चना की जाएगी. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मंगलवार को कालाष्टमी का संयोग होने पर भगवान काल भैरव और हनुमान जी की संयुक्त आराधना विशेष फलदायी मानी जाती है. माना जाता है कि श्रद्धा और नियमपूर्वक की गई पूजा से जीवन में आने वाली बाधाएं दूर होती हैं, आत्मविश्वास बढ़ता है और भगवान की कृपा प्राप्त होती है. इस दिन सुबह 5:51 बजे सूर्योदय और शाम 7:12 बजे सूर्यास्त होगा. वहीं, रात 11:58 बजे चन्द्रोदय और दोपहर 12:01 बजे चन्द्रास्त होगा. मंगलवार को अभिजित मुहूर्त दोपहर 12:05 बजे से दोपहर 12:58 बजे तक रहेगा. यह दिन का सबसे शुभ समय माना जाता है. पंचांग से जानें मंगलवार 7 जुलाई का शुभ व अशुभ मुहूर्त और योग के बारे में.
Aaj Ka Panchang (आज का पंचांग), 7 July 2026: आज आषाढ़ मास की सप्तमी तिथि है और इस तिथि को मासिक कालाष्टमी के नाम से जाना जाता है. कालाष्टमी के साथ आज मंगलवार का व्रत भी किया जा रहा है. मंगलवार का दिन भगवान हनुमान और मंगल ग्रह को समर्पित माना जाता है. पंचांग के अनुसार आज आषाढ़ मास के कृष्ण पक्ष की सप्तमी उपरांत अष्टमी तिथि, उत्तर भाद्रपद नक्षत्र, बव करण, शोभन योग, उत्तर का दिशाशूल है. साथ ही चंद्रमा मीन राशि में तो सूर्य मिथुन राशि में रहेंगे. कालाष्टमी पर भगवान शिव के रौद्र और उग्र अवतार काल भैरव की पूजा की जाती है. इसके साथ ही इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती की भी आराधना की जाती है. इस दिन काल भैरव के साथ उनके वाहन (सवारी) काले कुत्ते को भोजन कराना अत्यंत शुभ माना जाता है. मंगलवार को अमृत काल सुबह 11:31 बजे पर शुरू होकर दोपहर 1:08 बजे तक रहेगा. जबकि सुबह 4:15 बजे से 5:03 बजे तक ब्रह्म मुहूर्त रहेगा. ऐसे में काल भैरव और बजरंगबली की उपासना का यह दुर्लभ संयोग भक्तों के लिए अत्यंत शुभ माना जा रहा है. धार्मिक मान्यता है कि इस दिन विधि-विधान से पूजा करने पर भय, संकट और नकारात्मक शक्तियों से मुक्ति मिलती है तथा साहस, आत्मबल और सुख-समृद्धि का आशीर्वाद प्राप्त होता है.
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार मंगलवार के दिन व्रत रखकर बजरंगबली की पूजा करने से भय, रोग, शनि संबंधी कष्ट और नकारात्मक ऊर्जा से राहत मिलती है. साथ ही कुंडली में मंगल ग्रह की स्थिति मजबूत होती है. हनुमान चालीसा, बजरंग बाण और सुंदरकांड का पाठ करना विशेष पुण्यदायी माना गया है. सुबह ब्रह्म मुहूर्त या सूर्योदय के बाद स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें. सबसे पहले भगवान गणेश का स्मरण करें और फिर भगवान शिव, काल भैरव तथा हनुमान जी का ध्यान करें. भगवान हनुमान को सिंदूर, चमेली का तेल, लाल पुष्प और गुड़-चना अर्पित करें. इसके बाद हनुमान चालीसा और बजरंग बाण का श्रद्धापूर्वक पाठ करें. अगर संभव हो तो काल भैरव मंदिर में जाकर सरसों के तेल का दीपक जलाएं और उनकी आरती करें. पूजा के अंत में परिवार की सुख-समृद्धि, आरोग्य और मंगल की कामना करें. पंचांग से जानें आज के शुभ व अशुभ मुहूर्त…
आज का पंचांग (Aaj Ka Panchang), 7 जुलाई 2026
आज की तिथि- सप्तमी – 01:24 पी एम तक, अष्टमी तिथि
आज का नक्षत्र- उत्तर भाद्रपद – 04:24 पी एम तक, रेवती नक्षत्र
आज का करण- बव – 01:24 पी एम तक, बालव – 12:58 ए एम, 8 जुलाई तक
आज का योग- शोभन – 02:31 पी एम तक, अतिगण्ड योग
आज का पक्ष- कृष्ण पक्ष
आज का दिन- मंगलवार
चंद्र राशि- मीन राशि
सूर्योदय-सूर्यास्त और चंद्रोदय-चंद्रास्त का समय
सूर्योदय- 05:30 ए एम
सूर्यास्त- 07:23 पी एम
चन्द्रोदय- 11:53 पी एम
चन्द्रास्त- 11:56 ए एम
आज के शुभ योग और मुहूर्त 7 जुलाई 2026
ब्रह्म मुहूर्त: 04:09 ए एम से 04:50 ए एम
अभिजीत मुहूर्त: 11:59 ए एम से 12:55 पी एम
विजय मुहूर्त: 02:46 पी एम से 03:41 पी एम
गोधूलि मुहूर्त: 07:22 पी एम से 07:42 पी एम
अमृत काल: 11:33 ए एम से 01:10 पी एम
निशिता मुहूर्त: 12:07 ए एम से 12:47 ए एम, 8 जुलाई
सर्वार्थ सिद्धि योग: 05:30 ए एम से 04:24 पी एम
रवि योग: 05:30 ए एम से 04:24 पी एम
शिववास: श्मशान में – 01:24 पी एम तक, गौरी के साथ
आज के अशुभ मुहूर्त 7 जुलाई 2026
राहुकाल: 03:55 पी एम से 05:39 पी एम
यमगण्ड: 08:59 ए एम से 10:43 ए एम
गुलिक काल: 12:27 पी एम से 02:11 पी एम
आडल योग: 05:30 ए एम से 04:24 पी एम
दुर्मुहूर्त: 08:17 ए एम से 09:12 ए एम
गण्ड मूल: 04:24 पी एम से 05:31 ए एम, 8 जुलाई
पंचक काल: पूरे दिन
दिशाशूल: उत्तर
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पराग शर्मा Hindi News18 Digital में Chief Sub Editor के पद पर कार्यरत हैं. वर्तमान में धर्म, ज्योतिष, ग्रह-नक्षत्र, राशि और वास्तु से जुड़ी खबरों पर काम कर रहे हैं. भारतीय धार्मिक परंपराओं, ज्योतिष शास्त्र, मेद…और पढ़ें


