सीढ़ियों के नीचे इन्वर्टर और बिजली का मीटर लगाना पड़ सकता है भारी, जानिए वजह
फरीदाबाद: वास्तु शास्त्र में घर की हर दिशा और हर स्थान का अपना अलग महत्व माना गया है. कई बार लोग जगह बचाने के लिए सीढ़ियों के नीचे इन्वर्टर, बिजली का मीटर, जूता-चप्पल स्टैंड या कूड़ेदान रख देते हैं. देखने में यह सामान्य बात लगती है लेकिन वास्तु शास्त्र में इसे सही नहीं माना गया है. मान्यता है कि इस तरह की व्यवस्था घर की सकारात्मक ऊर्जा को प्रभावित करती है और परिवार के माहौल पर भी इसका असर पड़ सकता है.
घर में सीढ़ियां किस दिशा में होनी चाहिए
Local18 से बातचीत में महंत कामेश्वरानंद वेदांताचार्य बताते हैं कि सबसे पहले यह समझना जरूरी है कि घर में सीढ़ियां किस दिशा में होनी चाहिए. महंत कामेश्वरानंद वेदांताचार्य बताते हैं कि वास्तु के अनुसार सीढ़ियां नैऋत्य कोण यानी दक्षिण और पश्चिम दिशा के बीच वाले हिस्से में शुभ मानी जाती हैं. इसी के साथ सीढ़ियों के नीचे क्या रखा जाए और क्या नहीं…इसका भी विशेष ध्यान रखना चाहिए.
सीढ़ियों के नीचे क्या न करें
महंत कामेश्वरानंद वेदांताचार्य बताते हैं कि सीढ़ियों के नीचे इन्वर्टर, बिजली का मीटर, पूजा घर, बाथरूम या शौचालय नहीं बनाना चाहिए.
महंत कामेश्वरानंद वेदांताचार्य बताते हैं कि इस जगह पर भारी या ऊर्जा से जुड़े उपकरण रखने की बजाय हल्की और उपयोगी चीजें रखी जा सकती हैं. जगह हमेशा साफ-सुथरी होनी चाहिए. कूड़ेदान और चप्पल स्टैंड भी यहां नहीं रखने चाहिए… क्योंकि इससे नकारात्मक ऊर्जा बढ़ने की मान्यता है.
सीढ़ियों के नीचे इन्वर्टर या बिजली का मीटर न लगाएं
महंत कामेश्वरानंद वेदांताचार्य बताते हैं कि यदि सीढ़ियों के नीचे इन्वर्टर या बिजली का मीटर लगाया जाता है, तो घर में नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव बढ़ सकता है. महंत कामेश्वरानंद वेदांताचार्य बताते हैं कि इसके कारण घर में आलस्य बढ़ना, आर्थिक परेशानियां आना, धन की कमी महसूस होना और परिवार के सदस्यों के बीच मनमुटाव या झगड़े जैसी स्थितियां पैदा हो सकती हैं. इसलिए सीढ़ियों के नीचे का स्थान हमेशा खाली, साफ और व्यवस्थित रखना बेहतर माना गया है.
सीढ़ियों के नीचे पूजा घर भी न बनावाएं
महंत कामेश्वरानंद वेदांताचार्य बताते हैं कि कई लोग जगह की कमी के कारण सीढ़ियों के नीचे पूजा घर भी बना लेते हैं…लेकिन वास्तु में इसे भी उचित नहीं माना गया है. महंत कामेश्वरानंद वेदांताचार्य बताते हैं कि ऐसा करने से मानसिक और आर्थिक संतुलन प्रभावित होने की मान्यता है. सीढ़ियों के नीचे सिर्फ हल्की चीजें रखनी चाहिए और रोजाना वहां सफाई करनी चाहिए ताकि स्थान स्वच्छ बना रहे.
महंत कामेश्वरानंद वेदांताचार्य बताते हैं कि सीढ़ी को शरीर की रीढ़ की हड्डी की तरह माना जाता है. महंत कामेश्वरानंद वेदांताचार्य बताते हैं कि जैसे रीढ़ पर अनावश्यक दबाव या गंदगी ठीक नहीं होती…उसी तरह सीढ़ियों के नीचे भी अनावश्यक सामान या भारी उपकरण नहीं रखने चाहिए. यह स्थान जितना साफ और खुला रहेगा…उतना ही घर का वातावरण बेहतर माना जाता है.
कहां बनवाएं किचन
महंत कामेश्वरानंद वेदांताचार्य बताते हैं कि इन्वर्टर और बिजली का मीटर लगाने के लिए अग्नि कोण सबसे उपयुक्त माना गया है. पूर्व और दक्षिण दिशा के बीच का कोना अग्नि कोण कहलाता है. इसी दिशा में किचन, बिजली का मीटर और इन्वर्टर रखना वास्तु के अनुसार उचित माना जाता है. इससे घर की ऊर्जा का संतुलन बना रहता है और वास्तु के नियमों का भी पालन होता है.


