सेशेल्स में इकलौते हिंदू मंदिर के पीएम मोदी ने किए दर्शन, जानिए कौन सा है वो मंदिर
सेशेल्स में इकलौते हिंदू मंदिर के PM मोदी ने किए दर्शन, कौन सा है वो मंदिर
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PM Modi Seychelles Visit: 29 जून 2026 को संपन्न हुई इस यात्रा के दौरान पीएम मोदी सेशेल्स के 50वें राष्ट्रीय दिवस यानी स्वर्ण जयंती समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए. इसी यात्रा के दौरान सेशेल्स की राजधानी विक्टोरिया स्थित अरुल मिहू नवशक्ति विनायगर मंदिर एक बार फिर सुर्खियों में आ गया. यह मंदिर न केवल देश का पहला और एकमात्र हिंदू मंदिर है, बल्कि भारतीय परंपरा और आस्था का जीवंत प्रतीक भी माना जाता है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सेशेल्स में विक्टोरिया के एकमात्र हिंदू मंदिर में किए दर्शन और पूजा (Image – Social Media)
PM Modi Seychelles Visit: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सेशेल्स यात्रा के दौरान एक ऐसा धार्मिक स्थल भी चर्चा में आया, जो विदेश में भारतीय संस्कृति और आस्था की पहचान बना हुआ है. पीएम मोदी ने सेशेल्स की राजधानी विक्टोरिया स्थित अरुल मिहू नवशक्ति विनायगर मंदिर का दौरा किया. यह मंदिर सेशेल्स का पहला और एकमात्र हिंदू मंदिर है, जो वहां बसे भारतीय समुदाय की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को दर्शाता है.
पीएम मोदी की इस यात्रा ने भारत और सेशेल्स के रिश्तों को नई मजबूती देने के साथ-साथ इस मंदिर को भी वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाई. यह मंदिर केवल पूजा का स्थान नहीं, बल्कि विदेश में भारतीय परंपराओं, तमिल संस्कृति और आध्यात्मिक जुड़ाव का प्रतीक माना जाता है.
पीएम मोदी जिस मंदिर गए, वह कौन सा है?
प्रधानमंत्री मोदी ने विक्टोरिया में स्थित अरुल मिहू नवशक्ति विनायगर मंदिर में दर्शन किए. भगवान गणेश को समर्पित इस मंदिर को दक्षिण भारतीय समुदाय ने अपनी आस्था और संस्कृति को बनाए रखने के लिए स्थापित किया था. यहां भगवान गणेश को तमिल परंपरा के अनुसार “विनायगर” नाम से पूजा जाता है. यह मंदिर सेशेल्स में रहने वाले भारतीय मूल के लोगों के लिए एक प्रमुख धार्मिक केंद्र है. खासतौर पर तमिल समुदाय के लोग यहां नियमित पूजा-पाठ, धार्मिक आयोजन और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में शामिल होते हैं.
1992 में हुआ था मंदिर का निर्माण
अरुल मिहू नवशक्ति विनायगर मंदिर का निर्माण वर्ष 1992 में सेशेल्स में बसे तमिल समुदाय द्वारा कराया गया था. छोटे से द्वीपीय देश में भारतीय संस्कृति की मौजूदगी को यह मंदिर मजबूती से दिखाता है. समय के साथ यह मंदिर केवल हिंदू श्रद्धालुओं के लिए ही नहीं, बल्कि पर्यटकों के लिए भी आकर्षण का केंद्र बन गया. यहां आने वाले लोग इसकी वास्तुकला और धार्मिक महत्व को करीब से देखने पहुंचते हैं.
दक्षिण भारतीय वास्तुकला की खूबसूरत झलक
इस मंदिर की सबसे खास पहचान इसका रंग-बिरंगा और आकर्षक गोपुरम है. मंदिर का प्रवेश द्वार दक्षिण भारत के द्रविड़ शैली के मंदिरों की याद दिलाता है. गोपुरम पर बनी देवी-देवताओं की मूर्तियां, नक्काशी और रंगों का संयोजन इसकी खूबसूरती को बढ़ाते हैं. यही वजह है कि यह मंदिर सेशेल्स में भारतीय स्थापत्य कला का एक अनोखा उदाहरण माना जाता है. विदेश की धरती पर बना यह मंदिर भारत की प्राचीन मंदिर परंपरा की झलक दिखाता है.
कहां स्थित है अरुल मिहू नवशक्ति विनायगर मंदिर?
यह मंदिर सेशेल्स की राजधानी विक्टोरिया में क्विंसी स्ट्रीट पर स्थित है. यह प्रसिद्ध सेल्विन-सेल्विन क्लार्क मार्केट के पास है, जिससे पर्यटकों के लिए यहां पहुंचना आसान हो जाता है. मंदिर में प्रवेश के लिए कुछ नियमों का पालन करना होता है. श्रद्धालुओं और पर्यटकों को जूते बाहर उतारने होते हैं और मंदिर की धार्मिक परंपराओं का सम्मान करना होता है.
भारतीय संस्कृति और प्रवासी भारतीयों की पहचान
विदेशों में बने मंदिर अक्सर केवल धार्मिक स्थल नहीं होते, बल्कि समुदाय को जोड़ने का काम भी करते हैं. अरुल मिहू नवशक्ति विनायगर मंदिर भी सेशेल्स में भारतीय समुदाय के लिए ऐसा ही केंद्र है. गणेश चतुर्थी, दीपावली, तमिल नववर्ष जैसे त्योहारों के दौरान यहां विशेष आयोजन किए जाते हैं. यह मंदिर नई पीढ़ी को भारतीय भाषा, संस्कृति और परंपराओं से जोड़ने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है. पीएम मोदी की सेशेल्स यात्रा के दौरान यह मंदिर फिर चर्चा में आया और दुनिया के सामने भारतीय संस्कृति की उस विरासत को दिखाया, जो हजारों किलोमीटर दूर एक छोटे से द्वीप देश में भी अपनी पहचान बनाए हुए है.
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मीडिया की दुनिया में मेरा सफर एक रेडियो जॉकी के रूप में शुरू हुआ था, जहां शब्दों की ताकत से श्रोताओं के दिलों तक पहुंच बनाना मेरी सबसे बड़ी उपलब्धि रही. माइक के पीछे की यह जादुई दुनिया ही थी जिसने मुझे इलेक्ट्र…और पढ़ें


