कामाख्या मंदिर 3 दिनों तक रहा बंद, आज से फिर खुलेगा देवी का दरबार, मिलेगा पवित्र अंगोदक

कामाख्या मंदिर 3 दिनों तक रहा बंद, आज से फिर खुलेगा देवी का दरबार, मिलेगा पवित्र अंगोदक

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कामाख्या मंदिर 3 दिनों तक रहा बंद, आज खुलेगा देवी का दरबार, मिलेगा अंगोदक

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Kamakhya Temple: गुवाहाटी का प्रसिद्ध शक्तिपीठ कामाख्या मंदिर 3 दिनों तक बंद रहने के बाद आज से फिर श्रद्धालुओं के लिए खुलेगा. उनको प्रसाद स्वरूप पवित्र अंगोदक और अंगवस्त्र मिलेगा.

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कामाख्या मंदिर का अंबुबाची मेला आज खत्म. (Photo: IANS)

Kamakhya Temple: असम के गुवाहाटी स्थित प्रसिद्ध कामाख्या मंदिर को वार्षिक अंबुबाची मेले के समापन के बाद शुक्रवार को श्रद्धालुओं के लिए दोबारा खोल दिया जाएगा. मंदिर तीन दिनों तक बंद रहा क्योंकि इस दौरान मां कामाख्या के वार्षिक रजस्वला काल से जुड़ी पारंपरिक धार्मिक मान्यताओं का पालन किया गया.

22 जून की रात बंद हुए कपाट
मंदिर के कपाट 22 जून की रात 9 बजकर 08 मिनट 42 सेकंड पर ‘प्रवृत्ति’ अनुष्ठान के साथ बंद किए गए थे. मान्यता है कि इस अवधि में मां कामाख्या वार्षिक रजस्वला अवस्था में रहती हैं. इसी कारण तीन दिनों तक मंदिर के गर्भगृह में श्रद्धालुओं का प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित रहा और नियमित पूजा-अर्चना भी स्थगित कर दी गई.

नित्य पूजा के बाद खुलेंगे मं​दिर कपाट
शुक्रवार सुबह नित्य पूजा के बाद मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए खोल दिए जाएंगे. इसके बाद भक्त मां कामाख्या के दर्शन कर सकेंगे और उनका आशीर्वाद प्राप्त करेंगे.

मंदिर प्रशासन ने देश-विदेश से आने वाले लाखों श्रद्धालुओं, साधु-संतों और पर्यटकों की सुविधा के लिए व्यापक इंतजाम किए हैं. सुरक्षा, यातायात, ठहरने और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं को भी मजबूत किया गया है.

अंबुबाची मेला
अंबुबाची मेला शक्ति उपासना से जुड़े सबसे महत्वपूर्ण धार्मिक आयोजनों में से एक माना जाता है. यह पर्व धरती माता की उर्वरता और सृजन शक्ति का प्रतीक है. धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस दौरान देवी कामाख्या, जो स्त्री शक्ति और सृजन की प्रतीक हैं, अपने वार्षिक रजस्वला काल से गुजरती हैं.

51 शक्तिपीठों में से एक कामाख्या मंदिर
गुवाहाटी के नीलाचल पर्वत पर स्थित कामाख्या मंदिर 51 शक्तिपीठों में से एक है और विशेष रूप से तांत्रिक परंपरा के अनुयायियों के लिए अत्यंत पवित्र तीर्थस्थल माना जाता है.

श्रद्धालुओं को मिलेंगे पवित्र अंगोदक और अंगवस्त्र
मंदिर के पुनः खुलने के बाद श्रद्धालुओं को पवित्र अंगोदक और अंगवस्त्र (अंगबस्त्र) भी वितरित किए जाएंगे, जिन्हें अत्यंत शुभ और पूजनीय माना जाता है.

हर वर्ष अंबुबाची मेले में लाखों श्रद्धालु, साधु-संत और आध्यात्मिक साधक शामिल होते हैं, जिससे गुवाहाटी धार्मिक आस्था का प्रमुख केंद्र बन जाता है. मंदिर प्रशासन और राज्य सरकार ने मेले के सफल और सुव्यवस्थित आयोजन के लिए व्यापक तैयारियां की हैं.p

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कार्तिकेय तिवारीDeputy News Editor

कार्तिकेय तिवारी Hindi News18 Digital में Deputy News Editor के पद पर कार्यरत हैं. वर्तमान में धर्म, ज्योतिष, वास्तु और फेंगशुई से जुड़ी खबरों पर काम करते हैं. धर्म में पचांग, पुराणों और शास्त्रों के आधार पर व्…और पढ़ें

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