संतान प्राप्ति की है चाह, तो 27 जून का दिन फलदायी, 3 शुभ योग में करें यह उपाय

संतान प्राप्ति की है चाह, तो 27 जून का दिन फलदायी, 3 शुभ योग में करें यह उपाय

होमताजा खबरधर्म

संतान प्राप्ति की है चाह, तो 27 जून को करें यह उपाय, घर में गूंजेगी किलकारी!

Last Updated:

Shani Pradosh Vrat 2026 santan prapti upay: जिन लोगों का हाल ही में विवाह हुआ है या जो दंपत्ति संतान की चाह रखते हैं, उनके लिए 27 जून का दिन विशेष है क्योंकि इस दिन शनि प्रदोष व्रत है. 3 शुभ योग में आप एक उपाय से अपनी मनोकामना पूरी कर सकते हैं.

Zoom

शनि प्रदोष व्रत पर संतान प्राप्ति का उपाय. (Photo: AI)

Shani Pradosh Vrat 2026 santan prapti upay: जिन नवदंपत्तियों को संतान प्राप्ति की चाह है या जो काफी लंबे समय से प्रयास कर रहे हैं, लेकिन इसमें सफलता नहीं मिल रही है. उनके लिए 27 जून का दिन शुभ फलदायी है और इस दिन 3 शुभ योग भी बन रहे हैं. इस दिन शनि प्रदोष व्रत है, वो भी कृष्ण पक्ष का. पौराणिक कथाओं के अनुसार, जो लोग शनि प्रदोष व्रत रखकर महादेव की पूजा करते हैं, उनको संतान की प्राप्ति होती है. यह व्रत त्रयोदशी तिथि को रखा जाता है.

शनि प्रदोष 2026 मुहूर्त

ज्येष्ठ शुक्ल त्रयोदशी तिथि का प्रारंभ: 26 जून, रात 10 बजकर 22 मिनट से
ज्येष्ठ शुक्ल त्रयोदशी तिथि का समापन: 28 जून, 12:43 ए एम पर
शनि प्रदोष पूजा मुहूर्त: शाम 7:23 बजे से लेकर रात 9:23 बजे तक
रवि योग: रात 10:11 बजे से 28 जून को प्रात: 05:26 बजे तक
साध्य योग: प्रात:काल से लेकर दोपहर 12:32 बजे तक
शुभ योग: दोपहर 12:32 बजे से लेकर 28 जून को दोपहर 01:30 बजे तक

शनि प्रदोष पर संतान प्राप्ति के उपाय

  • शनि प्रदोष व्रत के दिन पति और पत्नी को ब्रह्म मुहूर्त 04:05 ए एम से 04:45 ए एम के बीच उठकर स्नान आदि से निवृत हो जाना चाहिए.
  • फिर दोनों को साथ में शनि प्रदोष व्रत और पूजा का संकल्प करना चा​हिए. बिना संकल्प के व्रत और पूजा का फल नहीं मिलता है.
  • शनि प्रदोष व्रत आप निर्जला या फलाहार के साथ कर सकते हैं. दिन में आप दैनिक पूजा पाठ कर लें. दिनभर भक्ति और भजन में समय व्यतीत करें.
  • सूर्यास्त के बाद पूजा की तैयारी करें और सभी सामग्री का प्रबंध कर लें. फिर शुभ मुहूर्त में पति और पत्नी एक साथ भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करें.
  • शिवलिंग या फिर माता पार्वती और भगवान शिव का गंगाजल, शहद और कच्चे दूध से अभिषेक करें. हर​सिंगार और धतूरे का फूल चढ़ाएं. फल, मिठाई, बेलपत्र, भांग, चंदन, अक्षत् अर्पित करें. धूप और दीप चढ़ाएं.यह भी पढ़ें: Chaturmas 2026 Start Date: चातुर्मास कब से शुरू हो रहा है? 4 महीने तक मांगलिक कार्यों पर लग जाएगी रोक, जानें ऐसा क्यों
  • अब एक आसन पर बैठकर शनि प्रदोष व्रत की कथा सुनें. उसके बाद रुद्राक्ष की माला से ओम नम: शिवाय मंत्र का जाप करें. इसे आप 5 या 11 माला कर सकते हैं.
  • पूजा के बाद भगवान शिव और माता पार्वती से संतान प्राप्ति के लिए प्रार्थना करें. अगले दिन सुबह उठकर स्नान-दान करें, फिर पारण करके व्रत को पूरा करें. शिव और गौरी की कृपा से आपकी मनोकामनाएं पूरी होंगी.

About the Author

authorimg

कार्तिकेय तिवारीDeputy News Editor

कार्तिकेय तिवारी Hindi News18 Digital में Deputy News Editor के पद पर कार्यरत हैं. वर्तमान में धर्म, ज्योतिष, वास्तु और फेंगशुई से जुड़ी खबरों पर काम करते हैं. धर्म में पचांग, पुराणों और शास्त्रों के आधार पर व्…और पढ़ें

Source link

You May Have Missed