गणेश कृपा प्राप्त करने के लिए बुधवार के कितने व्रत करने है विधान? जानिए व्रत नियम, पूजा वि

गणेश कृपा प्राप्त करने के लिए बुधवार के कितने व्रत करने है विधान? जानिए व्रत नियम, पूजा वि

होमताजा खबरधर्म

गणेश कृपा प्राप्त करने के लिए बुधवार के कितने व्रत करने है विधान? जानें नियम

Last Updated:

Budhwar Vrat 2026: अगर आप गणेश जी की विशेष कृपा पाना चाहते हैं, तो बुधवार का व्रत एक प्रभावी उपाय माना जाता है. लेकिन यह जानना जरूरी है कि कुल कितने बुधवार के व्रत करने चाहिए, उनका सही विधान क्या है और किन नियमों का पालन करना होता है. इस आर्टिकल में आप जानेंगे बुधवार व्रत की पूजा विधि, मंत्र, सावधानियां और इसके आध्यात्मिक व व्यावहारिक लाभ…

Zoom

Budhwar Vrat Kitne Hafte Tak Karna Chahiye? हिंदू धर्म में बुधवार का दिन बुध ग्रह और भगवान गणेश को समर्पित माना जाता है. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, बुध ग्रह बुद्धि, वाणी, व्यापार, शिक्षा और संचार का कारक है. मान्यता है कि बुधवार का व्रत रखने से बुध ग्रह की शुभता बढ़ती है और जीवन में सफलता, सुख-समृद्धि तथा मानसिक शांति प्राप्त होती है. अक्सर लोग यह सवाल पूछते हैं कि बुधवार को कितने व्रत करने चाहिए, शास्त्रों में कितने व्रत करने का विधान बताया गया है. माना जाता है कि नियमित रूप से बुधवार व्रत करने से व्यापार में लाभ, शिक्षा में सफलता और पारिवारिक सुख की प्राप्ति होती है. आइए जानते हैं बुधवार व्रत के नियम, पूजा विधि, मंत्र और फायदे…

बुधवार के कितने व्रत करने चाहिए?
शास्त्रों में बुधवार के 7, 11 या 21 व्रत करने का विधान बताया गया है. श्रद्धालु अपनी क्षमता, समय और संकल्प के अनुसार इनमें से किसी भी संख्या का चयन कर सकते हैं. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, बुधवार व्रत करने से बुद्धि और स्मरण शक्ति में वृद्धि होती है. विद्यार्थियों को शिक्षा के क्षेत्र में लाभ मिलता है, जबकि व्यापारियों को आर्थिक उन्नति के अवसर प्राप्त हो सकते हैं. इसके अलावा वाणी में मधुरता आती है, पारिवारिक संबंध मजबूत होते हैं और मानसिक तनाव में कमी महसूस होती है. बुधवार का व्रत करने से कुंडली में बुध ग्रह की स्थिति मजबूत होती है.

बुधवार व्रत के नियम
बुधवार व्रत करने वाले व्यक्ति को सुबह जल्दी उठकर स्नान आदि से निवृत्त होना चाहिए. इस दिन हरे रंग के वस्त्र पहनना शुभ माना जाता है. व्रत के दौरान सात्विक भोजन ग्रहण करना चाहिए और क्रोध, झूठ तथा नकारात्मक विचारों से बचना चाहिए. कई श्रद्धालु दिन में एक समय भोजन करते हैं, जबकि कुछ लोग फलाहार का पालन करते हैं.

बुधवार व्रत पूजा विधि
बुधवार के दिन भगवान गणेश और बुध देव की पूजा का विशेष महत्व है. पूजा स्थल को साफ कर भगवान गणेश की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें. उन्हें दूर्वा, हरे रंग के पुष्प, सिंदूर और मोदक अर्पित करें. इसके बाद बुध देव का ध्यान कर हरी मूंग, हरे फल या हरे वस्त्र अर्पित किए जा सकते हैं. पूजा के दौरान दीपक जलाकर आरती करें और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना करें.

बुधवार व्रत का मंत्र
ॐ गं गणपतये नमः
वक्रतुंड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ। निर्विघ्नम कुरु मे देव, सर्वकार्येषु सर्वदा॥
ॐ ब्रां ब्रीं ब्रौं सः बुधाय नमः
ॐ एकदंताय विद्महे, वक्रतुंडाय धीमहि, तन्नो दंती प्रचोदयात्॥
ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं ग्लौं गं गणपतये वर वरद सर्वजनं मे वशमानय स्वाहा॥

About the Author

authorimg

Parag SharmaChief Sub Editor

पराग शर्मा Hindi News18 Digital में Chief Sub Editor के पद पर कार्यरत हैं. वर्तमान में धर्म, ज्योतिष, ग्रह-नक्षत्र, राशि और वास्तु से जुड़ी खबरों पर काम कर रहे हैं. भारतीय धार्मिक परंपराओं, ज्योतिष शास्त्र, मेद…और पढ़ें



Source link

You May Have Missed