गायत्री जयंती कब है? बनेंगे 3 शुभ योग, लेकिन सुबह से भद्रा, जानें तारीख और मुहूर्त
गायत्री जयंती 2026 तारीख
वैदिक पंचांग के अनुसार, 24 जनवरी दिन बुधवार को शाम 6:12 बजे से ज्येष्ठ शुक्ल एकादशी तिथि की शुरूआत हो रही है. यह तिथि 25 जनवरी दिन गुरुवार को रात 8:09 बजे तक रहेगी. उदयातिथि की मान्यता के अनुसार, गायत्री जयंती 25 जून गुरुवार को है.
3 शुभ योग में गायत्री जयंती 2026
इस साल की गायत्री जयंती पर रवि योग, शिव योग और सिद्ध योग बनेंगे. उस दिन स्वाति नक्षत्र है. गायत्री जयंती पर शिव योग प्रात:काल से लेकर सुबह 10 बजकर 54 मिनट तक है, उसके बाद से सिद्ध योग है. ये दोनों ही योग जप, तप, साधना के लिए श्रेष्ठ हैं.
गायत्री जयंती पर रवि योग सुबह में 05 बजकर 25 मिनट पर बनेगा और इसका समापन शाम को 04 बजकर 29 मिनट पर होगा. इस योग में सूर्य का प्रभाव अधिक होता है, इससे इस योग में सभी दोष मिट जाते हैं. इन 3 शुभ योगों के अलावा गायत्री जयंती पर गुरुवार का दिन और एकादशी तिथि भगवान विष्णु से संबंधित हैं, हरि कृपा से मोक्ष की प्राप्ति होती है.
गायत्री जयंती 2026 मुहूर्त
गायत्री जयंती पर ब्रह्म मुहूर्त 04:05 ए एम से लेकर 04:45 ए एम तक है. इस समय में स्नान करें. फिर सूर्योदय 05:25 ए एम पर सूर्य देव को अर्घ्य दें. शुभ-उत्तम मुहूर्त सुबह 05:25 ए एम से लेकर सुबह 07:10 ए एम तक है. इस मुहूर्त में गायत्री मंत्र का जाप करें. गायत्री जयंती पर अभिजीत मुहूर्त 11:56 ए एम से दोपहर 12:52 पी एम तक है.
गायत्री मंत्र
ॐ भूर्भुवः स्व: तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि धियो यो नः प्रचोदयात्.
गायत्री माता का प्रकाट्य
पौराणिक कथा के अनुसार, ब्रह्म देव जब इस सृष्टि की रचना प्रारंभ करने वाले थे, तभी गायत्री मंत्र प्रकट हुआ. तब ब्रह्मा जी ने गायत्री माता का आह्वान किया और उनके मंत्र की व्याख्या की. गायत्री माता से ही चारों वेद, शास्त्र और श्रुतियां उत्पन्न हुईं. प्रारंभ में गायत्री मंत्र देवी और देवताओं तक ही सीमित था, लेकिन बाद में विश्वामित्र जी ने कठोर साधान से गायत्री मंत्र को सभी लोगों को उपलब्ध कराया.
गायत्री जयंती पर भद्रा कब से कब तक है?
गायत्री जयंती के दिन भद्रा सुबह में 07:08 ए एम से लगेगी और इसका समापन रात में 08:09 पी एम पर होगा. इस भद्रा का वास पाताल लोक में होगा. भद्रा में पूजा, मंत्र जाप आदि वर्जित नहीं है.
गायत्री जयंती का महत्व
गायत्री जयंती के दिन गायत्री माता का प्रकाट्य हुआ था. गायत्री माता की पूजा करने और गायत्री मंत्र का जाप करने से मानसिक शांति मिलती है, मन एकाग्र होता है, आत्मिक चेतना का विकास और आध्यात्मिक उन्नति होती है. बुद्धि और ज्ञान में बढ़ोत्तरी होती है. उनकी कृपा से पाप और नकारात्मकता का नाश होता है. स्मरण शक्ति बढ़ती है, वहीं कुछ शारीरिक समस्याओं में मंत्र जाप लाभदायक हो सकता है.


