4 शुभ संयोग में निर्जला एकादशी, सुबह से भद्रा, जानें तारीख, शुभ-उत्तम मुहूर्त, पारण समय
4 शुभ संयोग में निर्जला एकादशी, सुबह से भद्रा, जानें तारीख, शुभ-उत्तम मुहूर्त
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Nirjala Ekadashi 2026 June: इस साल निर्जला एकादशी का व्रत 4 शुभ संयोग में है. इसकी वजह से यह और भी महत्वपूर्ण हो गया है. इस एकादशी का लोग पूरे साल इंतजार करते हैं. निर्जला एकादशी पर सुबह से भद्रा है. निर्जला एकादशी की पूजा कब होगी और पारण कब होगा? आइए जानते हैं इसके बारे में सबकुछ.
4 शुभ संयोग में निर्जला एकादशी 2026.
Nirjala Ekadashi 2026 June: निर्जला एकादशी का व्रत जून में ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी को पड़ेगा. इस साल निर्जला एकादशी पर 3 शुभ योग बन रहे हैं, लेकिन सुबह से लेकर रात तक भद्रा रहेगी. इस भद्रा का वास पातल लोक में होगा. निर्जला एकादशी को पूरे दिन अन्न और जल का त्याग करते हैं, निराहर उपवास रखकर भगवान विष्णु की पूजा करते हैं और अगले दिन पारण करके व्रत का पूरा करते हैं. आइए जानते हैं निर्जला एकादशी किस तारीख को है? निर्जला एकादशी का मुहूर्त और पारण समय क्या है?
निर्जला एकादशी कब है?
वैदिक पंचांग के अनुसार, ज्येष्ठ शुक्ल एकादशी तिथि 24 जून को 06:12 पीएम से लेकर 25 जून को 08:09 पीएम तक है. निर्जला एकादशी व्रत के लिए उदयातिथि 25 जून गुरुवार को है. ऐसे में निर्जला एकादशी का व्रत 25 जून को रखा जाएगा.
पूरे साल क्यों रहता है निर्जला एकादशी का इंतजार?
दरअसल निर्जला एकादशी का व्रत सभी एकादशी व्रतों में उत्तम फलदायी होता है क्योंकि जो व्यक्ति पूरे वर्ष की सभी एकादशी व्रत नहीं कर सकता है, वह केवल निर्जला एकादशी का व्रत करके सभी 24 एकादशी व्रतों का पुण्य लाभ प्राप्त कर सकता है. इसके साथ ही उसे विष्णु कृपा से मोक्ष की प्राप्ति होती है. वेद व्यास जी की सलाह पर भीमसेन ने भी निर्जला एकादशी का व्रत रखा था, इसलिए इसे भीमसेनी एकादशी भी कहते हैं. इस एकादशी के पुण्य प्रभाव को देखकर ही पूरे वर्ष निर्जला एकादशी का इंतजार रहता है.
4 शुभ संयोग में निर्जला एकादशी 2026
25 जून की निर्जला एकादशी पर 4 शुभ संयोग बन रहे हैं, उसमें रवि योग, शिव और सिद्ध योग है. उस दिन रवि योग सुबह में 05:25 ए एम से ही बन जाएगा और शाम को 04:29 पी एम तक रहेगा. इस योग में सभी प्रकार के दोष मिट जाते हैं. वहीं शिव योग प्रात:काल से लेकर सुबह 10:54 ए एम तक रहेगा, उसके बाद से सिद्ध योग बनेगा, जो 26 जून के 11 बजकर 36 एएम तक है. इनके अलावा चौथा शुभ संयोग गुरुवार दिन का है. गुरुवार भगवान विष्णु की पूजा का दिन है, उस दिन एकादशी का होना और भी पुण्य फलदायी है.
निर्जला एकादशी पर भद्रा का समय
निर्जला एकादशी के दिन भद्रा भी है. उस दिन भद्रा सुबह में 07:08 ए एम लेकर रात 08:09 बजे तक है. इसका वास पाताल में होगा. बहुत से लोग इस भद्रा से परेशान हो सकते हैं कि ऐसे में निर्जला एकादशी की पूजा कैसे होगी? तो परेशान न हों, इसमें पूजा, पाठ, नाम जप, मंत्र जाप आदि की मनाही नहीं है.
निर्जला एकादशी 2026 मुहूर्त
निर्जला एकादशी पर पूजा के लिए शुभ-उत्तम मुहूर्त सुबह 05:25 ए एम से 07:10 ए एम तक है. इस समय में पूजा कर सकते हैं. नहीं तो लाभ-उन्नति मुहूर्त 12:24 पी एम से 02:09 पी एम भी है. उस दिन ब्रह्म मुहूर्त 04:05 ए एम से 04:45 ए एम और अभिजीत मुहूर्त 11:56 ए एम से 12:52 पी एम तक है. एकादशी पर राहुकाल दोपहर 02:09 पी एम से 03:53 पी एम तक रहेगा.
निर्जला एकादशी का पारण
निर्जला एकादशी व्रत का पारण 26 जून शुक्रवार को होगा. पारण सुबह 05:25 ए एम से लेकर सुबह 08:13 ए एम के बीच कर सकते हैं. पारण के दिन द्वादशी का समापन रात 10:22 पी एम पर होगा.
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कार्तिकेय तिवारी Hindi News18 Digital में Deputy News Editor के पद पर कार्यरत हैं. वर्तमान में धर्म, ज्योतिष, वास्तु और फेंगशुई से जुड़ी खबरों पर काम करते हैं. धर्म में पचांग, पुराणों और शास्त्रों के आधार पर व्…और पढ़ें


