Kalava Rules: लाल, पीला, काला या हरा… कौन सा कलावा पहनना होता है शुभ
अंबाला: हिंदू धर्म में धार्मिक अनुष्ठानों और मांगलिक कार्यों के दौरान कलाई पर बांधा जाने वाला कलावा केवल एक परंपरा नहीं, बल्कि आस्था और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है. दरअसल मंदिरों, पूजा-पाठ और शुभ अवसरों पर बांधा जाने वाला यह रक्षासूत्र व्यक्ति को नकारात्मक शक्तियों से बचाने के साथ मानसिक और आध्यात्मिक मजबूती प्रदान करता है. बता दें कि ज्योतिष शास्त्र में अलग-अलग रंगों के कलावे को विभिन्न ग्रहों और ऊर्जा से जोड़कर देखा जाता है, जिसके कारण लोग अपनी जरूरत और ग्रह स्थिति के अनुसार इसे धारण करते हैं.
कलावा पहनते समय किन बातों का रखें ध्यान
वहीं इस बारे में लोकल 18 की टीम को ज्यादा जानकारी देते हुए ज्योतिषाचार्य पंडित दीपलाल जयपुरी ने बताया कि कलावा व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक प्रभाव बढ़ाने का कार्य करता है. उन्होंने बताया कि यदि सही रंग और विधि से कलावा धारण किया जाए तो यह मानसिक शांति, आत्मविश्वास और सौभाग्य में वृद्धि कर सकता है. वहीं गलत तरीके से धारण करने पर व्यक्ति को तनाव, आलस्य और नकारात्मकता का सामना भी करना पड़ सकता है.
कौन से दिन पहने कलावा
पंडित दीपलाल जयपुरी ने बताया कि लाल रंग का कलावा सबसे अधिक प्रचलित माना जाता है.यह मंगल ग्रह से जुड़ा होता है और साहस, शक्ति तथा सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है. उन्होंने कहा कि लाल कलावा पहनने से बुरी नजर से रक्षा होने के साथ हनुमान जी और मां दुर्गा की कृपा प्राप्त होती है. इसे विशेष रूप से मंगलवार, नवरात्रि या हनुमान जयंती के दिन धारण करना शुभ माना जाता है.
कौन से रंग का पहने कलावा
उन्होंने बताया कि काले रंग का धागा शनि ग्रह से संबंधित माना गया है.ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार यह बुरी नजर, नकारात्मक शक्तियों और काले जादू से रक्षा करता है. क्योंकि अक्सर छोटे बच्चों और बुजुर्गों को नजर दोष से बचाने के लिए काला धागा पहनाया जाता है,ओर शनि दोष से पीड़ित लोगों के लिए शनिवार के दिन काला धागा धारण करना लाभकारी माना जाता है. उन्होंने बताया कि पीले रंग का कलावा बृहस्पति ग्रह को मजबूत करने के लिए पहना जाता है.
कलावा पहनने से फायदे
मान्यता है कि इसे धारण करने से ज्ञान, बुद्धि और वाणी से जुड़ी परेशानियों में राहत मिलती है. गुरुवार के दिन पीला धागा पहनना शुभ माना जाता है. वहीं हरे रंग का कलावा बुध ग्रह से जुड़ा होता है ओर इसे पहनने से संचार क्षमता, बुद्धिमत्ता और स्वास्थ्य में लाभ मिलने की मान्यता है. उन्होंने कहा कि बुधवार को हरा धागा धारण करना शुभ माना गया है. इसके साथ ही सफेद रंग का कलावा शांति और पवित्रता का प्रतीक माना जाता है.
कलावा बांधने के कुछ विशेष नियम
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार यह चंद्रमा और शुक्र ग्रह को मजबूत करता है, जिससे मानसिक शांति और सकारात्मकता बढ़ती है. उन्होंने बताया कि ज्योतिष शास्त्र में कलावा बांधने के कुछ विशेष नियम भी बताए गए हैं, जिसमें धागा धारण करने से पहले उसे गंगाजल से शुद्ध करना चाहिए. इसके साथ ही पुरुषों को दाहिनी और महिलाओं को बाईं कलाई पर कलावा बांधने की सलाह दी जाती है.
कलावा बांधते समय गायत्री मंत्र का जाप करना शुभ माना गया है,साथ ही हर 21 दिन बाद पुराने धागे को बदलकर नया धागा पहनना चाहिए और पुराने धागे को सम्मानपूर्वक किसी पेड़ के नीचे या जल में विसर्जित करना चाहिए.


