बना रहता है तनाव या बात-बात पर झगड़ा? घर के मंदिर में कहीं ऐसी मूर्तियां तो नहीं

बना रहता है तनाव या बात-बात पर झगड़ा? घर के मंदिर में कहीं ऐसी मूर्तियां तो नहीं

होमताजा खबरधर्म

बना रहता है तनाव या बात-बात पर झगड़ा? घर के मंदिर में ऐसी मूर्तियां तो नहीं

Last Updated:

Temple Vastu Tips : कई बार अनजाने में लोग घर के मंदिर में ऐसी मूर्तियां रख लेते हैं जिनसे माहौल भारी रहने लगता है. छोटी-छोटी बातों पर तनाव बढ़ने लगता है. मन अशांत रहने लगता है. वास्तु शास्त्र में माना गया है कि मंदिर में रखी हर मूर्ति का असर घर और परिवार पर पड़ता है. लोकल 18 से फरीदाबाद के महंत कामेश्वरानंद वेदांताचार्य बताते हैं कि एक ही भगवान की कई मूर्तियां घर में नहीं रखनी चाहिए. एक ही शिवलिंग रखें और उसी की पूजा करें.

फरीदाबाद. घर का मंदिर सिर्फ पूजा की जगह नहीं होता, लोग मानते हैं कि यहीं से घर में सुख-शांति और पॉजिटिव ऊर्जा आती है. लेकिन कई बार अनजाने में लोग ऐसी मूर्तियां रख लेते हैं जिनसे घर का माहौल भारी रहने लगता है. कहीं छोटी-छोटी बातों पर तनाव बढ़ने लगता है तो कहीं मन अशांत रहने लगता है. वास्तु शास्त्र में माना गया है कि मंदिर में रखी हर मूर्ति का असर घर और परिवार पर पड़ता है. ऐसे में ये जानना जरूरी है कि मंदिर में कौन सी मूर्ति रखनी चाहिए और कौन सी नहीं.

लोकल 18 से फरीदाबाद के महंत कामेश्वरानंद वेदांताचार्य बताते हैं कि सबसे पहले ये समझ लीजिए कि एक ही भगवान की कई मूर्तियां घर में नहीं रखनी चाहिए. लोग कहीं भी या तीर्थ पर जाते हैं तो वहां से शिवलिंग या दूसरी मूर्तियां ले आते हैं. जैसे रामेश्वरम गए तो वहां से शिवलिंग ले आए, काशी विश्वनाथ गए तो वहां से ले आए, केदारनाथ गए तो एक और ले आए. ऐसा नहीं करना चाहिए. एक ही शिवलिंग रखें और उसी की पूजा करें.

ये मूर्तियां घातक

कामेश्वरानंद वेदांताचार्य के मुताबिक, गणेश जी की शांत मुद्रा वाली प्रतिमा शुभ मानी जाती है. गणेश जी मोदक खाते हुए हों तो अच्छी बात है, लेकिन एक पैर पर नाचते हुए या एक पैर पर खड़े गणेश जी की मूर्ति घर में नहीं रखनी चाहिए. इसी तरह भगवान शिव के उग्र रूप जैसे महाकाल की मूर्ति भी घर के लिए सही नहीं मानी जाती. भैरव जी की उग्र प्रतिमा काली माता की गुस्से वाली मूर्ति, शनि देव और राहु-केतु की उग्र मूर्तियां भी घर में रखने से बचना चाहिए.

शेर का बंद मुंह

महंत कामेश्वरानंद वेदांताचार्य के मुताबिक, मां दुर्गा की मूर्ति रखें तो ध्यान रहे कि शेर का मुंह बंद हो. मंदिरों में शेर का मुंह खुला होता है क्योंकि वहां हर तरह के लोग आते हैं और माना जाता है कि नकारात्मकता वहीं खत्म हो जाती है. लेकिन घर में परिवार के लोग ही पूजा करते हैं इसलिए शेर का मुंह बंद होना शुभ माना जाता है. घर के मंदिर में बहुत बड़ी मूर्ति नहीं रखनी चाहिए. शास्त्रों के अनुसार मूर्ति करीब 6 इंच तक की होनी चाहिए. अगर घर में शिवलिंग रखें तो वह अंगूठे के आकार का होना चाहिए. बड़ी मूर्तियां घर के मंदिर के लिए उचित नहीं मानी जातीं.

प्लास्टिक वाली रख सकते हैं क्या

अगर शालिग्राम भगवान रखते हैं तो एक ही रखें. कई लोग दो-दो शालिग्राम रखते हैं लेकिन एक ही रखना बेहतर माना गया है. प्लास्टिक या आर्टिफिशियल मूर्तियां मंदिर में नहीं रखनी चाहिए. मिट्टी, पीतल, चांदी या सोने की मूर्तियां शुभ मानी जाती हैं. मान्यता है कि सही मूर्तियां रखने से घर में शांति बनी रहती है और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है.

About the Author

Priyanshu Gupta

प्रियांशु गुप्‍ता बीते 10 साल से भी ज्यादा समय से पत्रकारिता में सक्रिय हैं. 2015 में भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), दिल्ली से जर्नलिज्म का ककहरा सीख अमर उजाला (प्रिंट, नोएडा ऑफिस) से अपने करियर की शुरुआत की. य…और पढ़ें

Source link

You May Have Missed