कल पहला बुढ़वा मंगल का व्रत, शुभ योग के साथ जानें शुभ व अशुभ मुहूर्त, इस बार ज्येष्ठ में 8
Bada Mangal 2026: कल यानी 5 जुलाई को पहला बुढ़वा मंगल का व्रत रखा जााएगा और इस शुभ दिन पर हनुमानजी की विशेष पूजा अर्चना की जाती है. ज्येष्ठ माह के हर मंगलवार को बुढ़वा मंगल या बड़ा मंगल के रूप में मनाया जाता है, जिसमें भक्त व्रत रखकर संकटमोचन की पूजा-अर्चना करते हैं. मान्यता है कि इस दिन हनुमान जी का व्रत रखकर विधि विधान के साथ पूजा-अर्चना से कष्टों का निवारण होता है और कुंडली में मौजूद मंगल दोष से भी राहत मिलती है. बुढ़वा मंगल के दिन मंदिरों में सुबह से ही भक्तों की लंबी कतारें लगनी शुरू हो जाती हैं और जगह-जगह भंडारे, हनुमान चालीसा पाठ और विशेष अनुष्ठान किए जाते हैं. आइए जानते हैं ज्येष्ठ मास के पहले बुढ़वा मंगल की पूजा किस मुहूर्त में करें…
बुढ़वा मंगल का महत्व
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, बुढ़वा मंगल का व्रत रखकर हनुमानजी की विधि-विधान से पूजा करने पर जीवन के संकट दूर होते हैं और मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं. साथ ही ग्रहों के अशुभ प्रभाव से मुक्ति मिलती है और सकारात्मक प्रभाव बढ़ता है. शनि, मंगल, कालसर्प आदि ग्रह व दोष से पीड़ित व्यक्तियों को ज्येष्ठ मास के हर मंगलवार का व्रत अवश्य करना चाहिए. खास बात यह है कि ज्येष्ठ के बड़े मंगल का संबंध सेवा और दान से भी जुड़ा हुआ है. जगह-जगह भंडारे, शरबत वितरण और प्रसाद सेवा का आयोजन किया जाता है, जिससे जरूरतमंदों की मदद हो सके.
बुढ़वा मंगल पूजा विधि 2026
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, ज्येष्ठ मास के मंगलवार के दिन ही भगवान राम और हनुमानजी की पहली बार मुलाकात हुई थी इसलिए ज्येष्ठ मास के हर मंगलवार का विशेष महत्व होता है. इस दिन भक्त प्रातःकाल स्नान के बाद हनुमान मंदिर जाकर हनुमान चालीसा और सुंदरकांड का पाठ करते हैं. इसके साथ ही लाल चोला, सिंदूर और चमेली के तेल से भगवान हनुमान का श्रृंगार किया जाता है. व्रत रखने वाले लोग दिनभर फलाहार करते हैं और शाम को आरती के बाद प्रसाद ग्रहण करते हैं. ज्येष्ठ का पहला बड़ा मंगल विशेष रूप से महत्वपूर्ण माना जाता है, क्योंकि यह पूरे महीने के व्रत और पूजा की शुरुआत का संकेत देता है.
पहला बुढ़वा मंगल पूजा मुहूर्त 2026
ब्रह्म मुहूर्त: 04:12 ए एम से 04:55 ए एम
अभिजित मुहूर्त: 11:51 ए एम से 12:45 पी एम
विजय मुहूर्त: 02:32 पी एम से 03:25 पी एम
गोधूलि मुहूर्त: 06:57 पी एम से 07:19 पी एम
पहला बुढ़वा मंगल शुभ योग 2026
कल यानी 5 मई को पहले बुढ़वा मंगल पर शिव और सिद्ध नामक शुभ योग बन रहे हैं. साथ ही इस दिन शुक्र के स्वराशि में होने से मालव्य राजयोग, सूर्य और बुध की युति से बुधादित्य योग बन रहा है, जिससे इस दिन का महत्व और भी बढ़ गया है. इन शुभ योग में हनुमानजी की पूजा अर्चना या हनुमान चालीसा का पाठ करना फलदायक माना गया है. शिव योग, सिद्ध योग, मालव्य राजयोग, बुधादित्य योग के बनना व्रत और पूजा करने वालों के लिए अच्छा रहने वाला है.
शुभ मुहूर्त 2026
ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4 बजकर 12 मिनट से 4 बजकर 55 मिनट तक, गोधूलि मुहूर्त शाम 6 बजकर 57 मिनट से 7 बजकर 19 मिनट तक रहेगा. इस दिन अभिजित मुहूर्त 11 बजकर 51 मिनट से दोपहर 12 बजकर 45 मिनट तक और विजय मुहूर्त दोपहर 2 बजकर 32 मिनट से 3 बजकर 25 मिनट तक है. अभिजित मुहूर्त को किसी भी शुभ कार्य के लिए उत्तम माना जाता है, जबकि विजय मुहूर्त में शुरू किया गया कार्य सफलता दिलाता है.
अशुभ मुहूर्त 2026
राहुकाल का समय दोपहर 3 बजकर 38 मिनट से शाम 5 बजकर 19 मिनट तक रहेगा. इस दौरान कोई शुभ या नया कार्य शुरू न करें. यमगंड सुबह 8 बजकर 58 मिनट से 10 बजकर 38 मिनट तक. गुलिक काल दोपहर 12 बजकर 18 मिनट से 01 बजकर 58 मिनट तक रहेगा. विडाल योग सुबह 05 बजकर 37 मिनट से 12 बजकर 55 मिनट तक.
बड़ा मंगल 2026 की तिथियां
पहला बड़ा मंगल – 5 मई 2026 – ज्येष्ठ कृष्ण चतुर्थी तिथि
दूसरा बड़ा मंगल – 12 मई 2026 – ज्येष्ठ कृष्ण दशमी तिथि
तीसरा बड़ा मंगल – 19 मई 2026 – ज्येष्ठ शुक्ल तृतीया तिथि
चौथा बड़ा मंगल – 26 मई 2026 – ज्येष्ठ शुक्ल दशमी तिथि
पाँचवाँ बड़ा मंगल – 2 जून 2026 – अधि. ज्येष्ठ कृष्ण द्वितीया तिथि
छठा बड़ा मंगल – 9 जून 2026 – अधि. ज्येष्ठ कृष्ण नवमी तिथि
सातवां बड़ा मंगल – 16 जून 2026 – शुद्ध ज्येष्ठ शुक्ल एकम-द्वितीया तिथि
आठवां बड़ा मंगल – 23 जून 2026 – शुद्ध ज्येष्ठ शुक्ल नवमी तिथि


