ब्रह्म मुहूर्त में उठकर क्या करें और किन गलतियों से बचें? जानिए सुबह के बदलाव
Brahma Muhurat Benefits: ब्रह्म मुहूर्त दिन का वह खास समय होता है जो सूर्योदय से करीब डेढ़ घंटे पहले आता है. यह समय इतना शांत और सुकून भरा होता है कि मन अपने आप स्थिर हो जाता है और सोच साफ होने लगती है. पुराने समय से ही ऋषि मुनि इस समय को सबसे पवित्र और शक्तिशाली मानते आए हैं, क्योंकि इस वक्त वातावरण में शोर नहीं होता, दिमाग पर किसी तरह का दबाव नहीं होता और शरीर भी पूरी तरह आराम के बाद फ्रेश रहता है. आज के समय में भी अगर देखा जाए तो यह समय मानसिक हेल्थ, फोकस और प्रोडक्टिविटी के लिए बेहद फायदेमंद माना जाता है.
साइंस भी यह कहती है कि सुबह जल्दी उठने से दिमाग ज्यादा एक्टिव रहता है, स्ट्रेस कम होता है और दिन की शुरुआत पॉजिटिव होती है. यही वजह है कि जो लोग ब्रह्म मुहूर्त में उठने की आदत बना लेते हैं, उनकी लाइफस्टाइल धीरे धीरे बेहतर होती चली जाती है और उनका पूरा दिन ज्यादा एनर्जेटिक और बैलेंस्ड रहता है.
ब्रह्म मुहूर्त में क्या करना चाहिए
इस समय सबसे जरूरी है कि आप अपने मन और शरीर को सही दिशा दें. सुबह उठते ही कुछ देर शांत बैठना या मेडिटेशन करना बहुत फायदेमंद होता है. इससे दिमाग शांत रहता है और दिनभर के लिए क्लियर सोच मिलती है. इसके बाद प्राणायाम या हल्का योग करना चाहिए, जिससे शरीर एक्टिव हो जाता है और सांस लेने की प्रक्रिया बेहतर होती है. अगर आप धार्मिक या आध्यात्मिक चीजों में विश्वास रखते हैं, तो इस समय पूजा, मंत्र जाप या ध्यान करना और भी असरदार माना जाता है, क्योंकि माहौल शांत होता है और मन भटकता नहीं है.
इस समय पढ़ाई या कोई क्रिएटिव काम करना भी बहुत अच्छा माना जाता है, क्योंकि दिमाग में उस वक्त कोई डिस्टर्बेंस नहीं होती. स्टूडेंट्स के लिए यह समय खास तौर पर बेस्ट होता है, क्योंकि याद करने की क्षमता ज्यादा मजबूत होती है. इसके अलावा आप अपने दिन की प्लानिंग भी इसी समय कर सकते हैं. जब दिमाग शांत होता है, तब आप अपने काम को सही तरीके से सेट कर पाते हैं और दिनभर कम कन्फ्यूजन होता है.
ब्रह्म मुहूर्त में क्या नहीं करना चाहिए
इस समय कुछ गलतियां ऐसी होती हैं जो आपके पूरे दिन का असर खराब कर सकती हैं. सबसे पहली गलती है उठने के बाद दोबारा सो जाना. इससे आपका स्लीप साइकिल बिगड़ जाता है और शरीर सुस्त महसूस करता है. इसके अलावा सुबह उठते ही मोबाइल चलाना या नेगेटिव न्यूज देखना भी ठीक नहीं माना जाता, क्योंकि इससे दिमाग पर तुरंत स्ट्रेस आता है.
इस समय झगड़ा करना, गुस्सा करना या नेगेटिव सोच रखना भी नुकसानदायक होता है. दिन की शुरुआत जैसी होती है, वैसे ही पूरे दिन का मूड बनता है. इसलिए कोशिश करें कि पॉजिटिव और शांत रहें. बहुत भारी खाना भी इस समय नहीं खाना चाहिए, क्योंकि शरीर अभी एक्टिव मोड में नहीं होता और पाचन सही तरीके से काम नहीं करता.
आध्यात्मिक नजरिया और आधुनिक सोच
ब्रह्म मुहूर्त को कई लोग देवी देवताओं का समय मानते हैं और कहते हैं कि इस समय पूजा करने से विशेष फल मिलता है. कुछ मान्यताओं में यह भी कहा जाता है कि इस समय घर में दीपक जलाना और सफाई रखना लक्ष्मी को आकर्षित करता है. हालांकि यह बातें आस्था से जुड़ी हैं, लेकिन इनका एक प्रैक्टिकल पहलू भी है. जब आप सुबह जल्दी उठकर साफ सफाई करते हैं, ध्यान लगाते हैं और खुद को पॉजिटिव रखते हैं, तो इसका असर आपके दिमाग और लाइफस्टाइल पर जरूर पड़ता है. आधुनिक नजरिये से देखा जाए तो यह समय आपकी मेंटल हेल्थ के लिए गोल्डन टाइम है. इस दौरान किया गया ध्यान, एक्सरसाइज या प्लानिंग आपको दिनभर ज्यादा फोकस्ड और शांत बनाती है.
कैसे बनाएं ब्रह्म मुहूर्त की आदत
अगर आप इस समय उठने की आदत डालना चाहते हैं, तो धीरे धीरे अपने सोने का समय बदलें. रात में जल्दी सोने की कोशिश करें और सोने से पहले मोबाइल का इस्तेमाल कम करें. शुरुआत में आपको थोड़ी दिक्कत हो सकती है, लेकिन कुछ दिनों बाद आपका शरीर खुद इस रूटीन को अपनाने लगेगा. अलार्म लगाकर उठें और उठते ही बिस्तर से बाहर आ जाएं, ताकि दोबारा सोने का मन न करे. रोज थोड़ा थोड़ा अभ्यास करने से यह आदत आपकी लाइफ का हिस्सा बन जाएगी.
(Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य मान्यताओं पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.)


