इस तिथि पर जन्मी लड़कियां ना केवल पिता के घर बल्कि ससुराल में भी बन जाती हैं सौभाग्य की दे
इस तिथि पर जन्मी लड़कियां पिता के घर के साथ-साथ ससुराल के लिए भी होती हैं लकी
Last Updated:
Birth Dates: परिवार की खुशहाली में महिलाओं का बहुत महत्व होता है. तमाम मुश्किलों के बावजूद, हम रोज ऐसी महिलाओं को देखते हैं जो मुस्कुराते हुए घरेलू जिम्मेदारियां निभाती हैं. हर महिला में एक तरह की ताकत होती है, लेकिन कुछ खास जन्मतिथियों पर जन्मी महिलाएं बेहद मजबूत होती हैं. ये जहां जाती हैं, उनके पीछे पीछे सौभाग्य भी चलता है. आइए जानते हैं किन तिथियों में जन्म लड़कियों को सौभाग्य की देवी कहा जाता है…
Birth Dates: अंक शास्त्र में जन्मतिथि को व्यक्ति के जीवन का पूरा ब्लूप्रिंट माना गया है, जो स्वभाव, जीवन के उद्देश्य, भाग्य और व्यक्तित्व को उजागर करता है. साथ ही यह आपके काम करने का तरीका और दूसरों के साथ आपके रिश्ते के बारे में भी बताता है. अक्सर महिलाओं को घर की भावनात्मक ताकत और चुपचाप सब कुछ संभालने वाली माना जाता है. आपने अपने आसपास सुना होगा कि यह लड़की तो घर की लक्ष्मी है, यह लड़की जब से घर में आई है, इनके तो वारे-न्यारे हो गए हैं. अंक शास्त्र के अनुसार, कुछ खास तिथियों में जन्मी लड़कियां ना केवल अपने पिता के घर बल्कि ससुराल में भी सौभाग्य की देवी के रूप में पहचान बनाती हैं. आइए जन्मतिथि के माध्यम से जानते हैं कि किन तिथियों में जन्मी लड़कियां बन जाती हैं सौभाग्य की देवी महालक्ष्मी…
किसी भी महीने की 1, 10, 19 और 28 तारीख को जन्मी लड़कियों का मूलांक 1 होता है और इस मूलांक के स्वामी ग्रहों के राजा सूर्यदेव हैं. सूर्य की कृपा से ही इन तारीख में जन्मी लड़कियां नेतृत्व करने के लिए बनी होती हैं. ये महिलाएं अक्सर बिना सोचे-समझे भी सही काम कर जाती हैं. जब परिवार में किसी को कोई समस्या होती है, तो लोग इन्हीं के पास सलाह लेने आते हैं. ये महिलाएं अपने फैसलों को लेकर स्पष्ट होती हैं और जो चाहिए, उसे पाने के लिए मेहनत करने से पीछे नहीं हटतीं.
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, मूलांक 3 वाली लड़कियां अपने पिता के लिए बहुत भाग्यशाली होती हैं. 3, 12, 21 और 30 तारीख को जन्म लेने वाली लड़कियां काफी भाग्यशाली मानी जाती हैं. मूलांक 3 का संबंध देवगुरु बृहस्पति हैं. इसलिए इस संख्या वाली लड़कियां काफी उत्साही होती हैं. ये अपने परिवार के साथ साथ ससुराल में भी काफी लोकप्रिय रहती हैं.
किसी भी महीने की 5, 14, 23 तारीख को जन्मी लड़कियों का मूलांत 5 होता है और इस मूलांक स्वामी ग्रहों के राजकुमार बुध हैं. इन तारीख में जन्मी लड़कियां बोलचाल के मामले में बेहद तेज होती हैं और अपनी हर बात तर्क के साथ रखती हैं इसलिए मूलांक 5 की लड़कियां काफी प्रभावशाली होती है.
मूलांक 5 वाली महिलाएं तेज दिमाग वाली और जल्दी सीखने वाली होती हैं. माना जाता है कि ये मानसिक और भावनात्मक रूप से मजबूत होती हैं, इसलिए परिवार की मुश्किल परिस्थितियों को भी संतुलित तरीके से संभाल लेती हैं. घर में झगड़े या ससुराल वालों से तनाव होने पर भी वे समस्याओं को बड़ी समझदारी से सुलझाती हैं.
किसी भी महीने की 8, 17 और 26 तारीख को जन्मी लड़कियों का मूलांक 8 होता है और इस मूलांक के स्वामी न्याय व कर्म के कारक ग्रह शनिदेव हैं. इन तारीख में जन्मी लड़कियां बहुत मजबूत होती हैं और मुश्किलें झेलने की उनमें गजब की ताकत होती है. शनि से प्रभावित होने की वजह से उनसे जीवन के अधिक सबक और अनुशासन सीखने को मिलते हैं.
मूलांक 8 वाली महिलाएं अपनी जिम्मेदारियों से कभी पीछे नहीं हटतीं. चाहे घर का बजट संभालने के लिए देर रात तक जागना हो, पति के करियर में सहयोग देना हो या परिवार में स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं हों, वे हमेशा सहारा बनकर खड़ी रहती हैं. परिस्थितियां कितनी भी कठिन क्यों ना हों, ये महिलाएं एक सुरक्षा कवच की तरह परिवार को टूटने से बचाती हैं. इनमें धैर्य और स्पष्टता होती है कि उन्हें क्या करना है.
जब परिवार की रक्षा की बात आती है, तो 9, 18 और 27 तारीख को जन्मे महिलाएं सबसे आगे होती हैं. इन तारीख में जन्मी महिलाओं का मूलांक 9 होता है और इस मूलांक के स्वामी ग्रहों के सेनापति मंगल देव हैं. मूलांक 9 वाली महिलाओं को दयालु और मददगार माना जाता है. ये अपने परिवार से बहुत प्यार करती हैं और उनमें गजब की हिम्मत होती है, जिससे वे अपने परिवार की रक्षा के लिए हर मुमकिन कोशिश करती हैं. इन्हें सही-गलत की अच्छी समझ होती है और ये डरती नहीं हैं. जब हालात मुश्किल होते हैं, तो ये दूसरों के लिए खड़ी हो जाती हैं.
मंगल देव साहस और पराक्रम के कारक ग्रह हैं इसलिए मूलांक 9 वाली महिलाएं काफी साहसी मानी जाती हैं. उनमें अपार भावनाएं होती हैं और वे दूसरों को समझने की क्षमता रखते हैं. अन्याय होने या उनके साथ गलत व्यवहार होने पर भी वे चुप नहीं बैठते. वे अपने बच्चों या परिवार के सदस्यों के लिए व्यवस्था के खिलाफ लड़ने को तैयार रहते हैं. जरूरत पड़ने पर प्यार जताने में और मुश्किलों का सामना करने पर गुस्सा दिखाने में वे पीछे नहीं हटते.
About the Author

पराग शर्मा एक अनुभवी धर्म एवं ज्योतिष पत्रकार हैं, जिन्हें भारतीय धार्मिक परंपराओं, ज्योतिष शास्त्र, मेदनी ज्योतिष, वैदिक शास्त्रों और ज्योतिषीय विज्ञान पर गहन अध्ययन और लेखन का 12+ वर्षों का व्यावहारिक अनुभव ह…और पढ़ें


