नवरात्रि में करते हैं कन्या पूजा, जानें किस उम्र की कन्या में कौन सी देवी, क्या मिलता फल
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नवरात्रि में करें कन्या पूजा, जानें किस उम्र की कन्या में कौन सी देवी,क्या लाभ
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Kanya Puja 2026 Age of Girls: चैत्र नवरात्रि की दुर्गा अष्टमी और नवमी को कन्या पूजा करते हैं. इसमें 2 से 10 वर्ष तक की कन्याओं की पूजा होती है. कन्याओं को मां दुर्गा का स्वरूप मानते हैं. आइए जानते हैं कि 2 से 10 वर्ष तक की कन्याओं को किस देवी का स्वरूप मानते हैं और उनकी पूजा से क्या लाभ होते हैं?
कन्या पूजा 2026: किस उम्र की कन्या में कौन सी देवी होती हैं? (Photo: AI)
Kanya Puja 2026 kanya ki ayu: चैत्र नवरात्रि के समय में दुर्गा अष्टमी और महानवमी के दिन कन्या पूजा करते हैं. कन्या पूजा के समय आप 2 साल से लेकर 10 वर्ष तक की कन्याओं को आमंत्रित कर सकते हैं. कहा जाता है कि कन्याओं में देवी दुर्गा का स्वरूप होता है. 2 साल से लेकर 10 साल तक की कन्याओं को अलग-अलग देवी का स्वरूप माना जाता है. उनकी पूजा के अलग-अलग लाभ भी प्राप्त होते हैं. कन्या पूजा में 10 साल से बड़ी कन्याओं को शामिल नहीं करते हैं. आइए जानते हैं कि किस उम्र की कन्या कौन सी देवी का स्वरूप होती है और उनकी पूजा से क्या लाभ होते हैं.
2-10 वर्ष की कन्या में कौन सी देवी, क्या होते हैं लाभ
- यदि आप 2 वर्ष की कन्या की पूजा करते हैं, तो वे मां कुंआरी का स्वरूप होती हैं. उनकी कृपा से धन संकट दूर होता है. धन और वैभव प्राप्त होता है.
- 3 वर्ष की कन्या को देवी त्रिमूर्ति का स्वरूप कहा जाता है. जो व्यक्ति नवरात्रि में 3 साल की कन्या की पूजा करता है, जो उसका जीवन धन, धान्य और सकारात्मकता से भर जाता है.यह भी पढ़ें: Chaitra Navratri 2026 Kanya Puja: चैत्र नवरात्रि में कन्या पूजा कब है? जानें तारीख, मुहूर्त, नियम और महत्व
- 4 साल की बालिका को देवी कल्याणी का स्वरूप माना जाता है. इनकी पूजा करने से पूरे परिवार का कल्याण होता है. जीवन में सुख और शांति आती है.
- 5 वर्ष की कन्याओं को देवी रोहिणी का स्वरूप मानते हैं. यदि आप रोगी हैं या किसी कारण से अस्वस्थ रहते हैं तो नवरात्रि में इस उम्र की कन्याओं की पूजा करें, जल्द स्वास्थ्य लाभ होगा. इनकी पूजा से व्यक्ति आरोग्य का आशीर्वाद प्राप्त करता है.
- 6 साल की बालिकाओं को मां काली का स्वरूप माना जाता है. इनकी पूजा करने वाले को शत्रुओं पर विजय प्राप्त होती है. माता काली शक्ति और विजय का प्रतीक हैं.
- 7 वर्ष की कन्याओं को मां चंडिका का स्वरूप मानते हैं. ये मां दुर्गा का उग्र स्वरूप हैं. जो इनकी पूजा करता है, उसके धन, ऐश्वर्य, शक्ति, विजय, सबकुछ की प्राप्ति होती है.
- 8 साल की लड़कियों को मां शांभवी का स्वरूप मानते हैं. इनकी पूजा करने से कोर्ट केस, वाद विवाद आदि में सफलता मिलती है.
- 9 वर्ष की कन्या की पूजा मां दुर्गा के स्वरूप में करते हैं. उनकी कृपा से व्यक्ति की सभी शुभ कामनाएं पूर्ण होती हैं.
- 10 साल की कन्याओं को देवी सुभद्रा के रूप में पूजा की जाती है. इस देवी के आशीर्वाद से भी व्यक्ति को सफलता, शक्ति, आरोग्य, मोक्ष सबकुछ प्राप्त होता है.
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कार्तिकेय तिवारी
कार्तिकेय तिवारी Hindi News18 Digital में Deputy News Editor के पद पर कार्यरत हैं. वर्तमान में धर्म, ज्योतिष, वास्तु और फेंगशुई से जुड़ी खबरों पर काम करते हैं. पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. डिजि…और पढ़ें


