निर्जला एकादशी कब है? पूरे साल क्यों रहता है इसका इंतजार, जानें तारीख, मुहूर्त, पारण
क्यों कठिन है निर्जला एकादशी?
निर्जला एकादशी के नाम से ही आप जान सकते हैं कि वो एकदशी व्रत, जो बिना जल का हो. निर्जला एकादशी के व्रत में पानी भी नहीं पीते हैं. अन्न, फल सब का त्याग करना होता है. पूरी एकादशी तिथि में बिना जल के उपवास करना होता है. एकादशी के सूर्योदय से लेकर अगले दिन के सूर्योदय तक यह उपवास रखा जाता है. यह भी व्रत भीषण गर्मी के समय में होता है, इस वजह से बड़ा कठिन हो जाता है.
निर्जला एकादशी का महत्व
जो लोग निर्जला एकादशी का व्रत रखते हैं, उनके समस्त पाप मिट जाते हैं. उन पर भगवान विष्णु की कृपा होती है, जिससे उनको मृत्यु के बाद मोक्ष की प्राप्ति होती है. जो व्यक्ति निर्जला एकादशी का व्रत रखता है, उसे पूरे साल के सभी एकादशी व्रतों का पुण्य लाभ एकसाथ प्राप्त हो जाता है. इस वजह से लोगों को निर्जला एकादशी व्रत का पूरे साल इंतजार रहता है.
निर्जला एकादशी 2026 तारीख
पंचांग के अनुसार, निर्जला एकादशी के लिए आवश्यक ज्येष्ठ शुक्ल एकादशी तिथि 24 जून बुधवार को शाम 6 बजकर 12 मिनट से शुरू होगी. यह तिथि 25 मार्च दिन गुरुवार को रात 8 बजकर 9 मिनट तक मान्य है. ऐसे में उदयातिथि के आधार पर निर्जला एकादशी का व्रत 25 जून को है.
निर्जला एकादशी 2026 मुहूर्त
निर्जला एकादशी पर शुभ-उत्तम मुहूर्त सुबह 05:25 ए एम से लेकर 07:10 ए एम तक है. इस समय में आप एकादशी पूजा कर सकते हैं. उस दिन का ब्रह्म मुहूर्त 04:05 ए एम से 04:45 ए एम तक और अभिजाीत मुहूर्त 11:56 ए एम से 12:52 पी एम तक रहेगा.
निर्जला एकादशी पर भगवान विष्णु की पूजा रवि योग में होगी. उस दिन रवि योग सुबह में 05:25 ए एम पर बनेगा और शाम को 04:29 पी एम तक रहेगा.
निर्जला एकादशी 2026 पारण समय
जो लोग 25 जून को निर्जला एकादशी का व्रत रखेंगे, वे पारण 26 जून को सुबह में 5 बजकर 25 मिनट से सुबह 8 बजकर 13 मिनट के बीच कर सकते हैं. उस दिन द्वादशी तिथि का समापन रात में 10 बजकर 22 मिनट पर होगा.


