Ganesh Jayanti 2026 Date: गणेश जयंती कब है? बनेगा रवि योग, लगेगी भद्रा, जानें तारीख, मुहूर्त, माघ विनायक चतुर्थी का महत्व

Ganesh Jayanti 2026 Date: गणेश जयंती कब है? बनेगा रवि योग, लगेगी भद्रा, जानें तारीख, मुहूर्त, माघ विनायक चतुर्थी का महत्व

Ganesh Jayanti 2026 Date: गणेश जयंती हर साल मा​घ माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को मनाई जाती है. इसे माघ विनायक चतुर्थी या गौरी गणेश चतुर्थी भी कहते हैं. इस साल गणेश जयंती पर रवि योग बन रहा है, लेकिन दोपहर से भद्रा भी लग रही है. इस भद्रा का वास धरती पर होगा, इस वजह से भद्रा काल में कोई शुभ कार्य नहीं होगा. इस दिन चंद्रमा का दर्शन करना भी वर्जित होता है. पंचांग से जानते हैं कि गणेश जयंती कब है? गणेश जयंती का मुहूर्त क्या है?

गणेश जयंती की तारीख

पंचांग के अनुसार, इस बार माघ शुक्ल चतुर्थी तिथि 22 जनवरी दिन गुरुवार को तड़के 2 बजकर 47 मिनट से शुरू होगी. इस ​तिथि का समापन 23 जनवरी दिन शुक्रवार को तड़के 2 बजकर 28 ए एम पर होगा. ऐसे में उदयातिथि के आधार पर गणेश जयंती 22 जनवरी गुरुवार को है.

गणेश जयंती मुहूर्त

इस साल गणेश जयंती पर पूजा का शुभ मुहूर्त 2 घंटे 8 मिनट तक है. इस दिन गणेश जी की पूजा 11 बजकर 29 एएम से शुरू कर सकते हैं, मुहूर्त का समापन दोपहर में 1 बजकर 37 मिनट पर होगा.

रवि योग में गणेश जयंती

गणेश जयंती के अवसर पर रवि योग सुबह में 07 बजकर 14 मिनट से बनेगा और यह दोपहर में 02 बजकर 27 मिनट तक रहेगा. यह एक शुभ योग हैं, जिसमें सभी प्रकार के दोष मिट जाते हैं. गणेश जयंती की पूजा रवि योग में होगी.

रवि योग के अलावा उस दिन वरीयान् योग प्रात:काल से लेकर शाम को 05 बजकर 38 मिनट तक है. उसके बाद से परिघ योग बनेगा. गणेश जयंती पर शतभिषा नक्षत्र प्रात:काल से लेकर दोपहर 02 बजकर 27 मिनट तक है. फिर पूर्व भाद्रपद नक्षत्र है.

गणेश जयंती पर भद्रा का साया

गणेश जयंती के दिन भद्रा का साया रहेगा, जिसकी वजह से शुभ काम नहीं हो पाएंगे, लेकिन पूजा में कोई बाधा नहीं होगी. पूजा मुहूर्त के बाद से भद्रा लग रही है. गणेश जयंती पर भद्रा दोपहर में 02 बजकर 40 मिनट से लगेगी और 13 जनवरी को तड़के 02 बजकर 28 मिनट तक रहेगी.

गणेश जयंती पर वर्जित चंद्र दर्शन समय

गणेश जयंती या शुक्ल पक्ष की चतुर्थी के अवसर पर चंद्रमा का दर्शन नहीं करते हैं. गणेश जयंती पर चंद्रमा 11 घंटे 57 मिनट तक उदित रहेगा. ऐसे में गणेश जयंती के दिन सुबह 9 बजकर 22 मिनट से रात 9 बजकर 19 मिनट तक चंद्र दर्शन वर्जित है. मान्यताओं के अनुसार इस दिन चंद्रमा देखने से कलंक लगता है.

गणेश जयंती या माघ विनायक चतुर्थी का महत्व

पौराणिक कथाओं के अनुसार गणेश जी का जन्म माघ शुक्ल चतुर्थी को हुआ था, इस वजह से इस तिथि को गणेश जयंती मनाई जाती है. इस दिन व्रत और गणेश पूजा करने से मनोकामनाएं पूरी होती हैं, संकट दूर होते हैं.

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