Aaj ka Vrishchik Rashifal: दोपहर तक रहें सतर्क, दिन ढलते ही बदलेगी ग्रहों की चाल, ये उपाय कराएंगे बंपर लाभ
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Aaj ka Vrishchik Rashifal 06 November: वृश्चिक राशि वालों के लिए दिन के 2:30 बजे तक प्रतिकूलताएं की स्थिति बनी रहेगी. उसके बाद 2:30 बजे की बात चंद्रमा सप्तमस्त होने के कारण यानी सप्तम भाव में होने के कारण अनेक प्रकार से लाभ कारक योग बन रहा है. साथ ही धर्म कार्यों में प्रवृत्ति कारक योग बन रहा है. यानी आज के दिन वृश्चिक राशि के जातकों को 2:30 तक सतर्क होकर रहना चाहिए.
दरभंगा: ग्रहों की चाल हर दिन हमारे जीवन पर गहरा असर डालती है. कभी खुशियां लेकर आती है तो कभी चुनौतियों का सामना कराती है. 6 नवंबर 2025, दिन गुरुवार को वृश्चिक राशि के जातकों के लिए दिन मिला-जुला रहने वाला है. जिसमें दोपहर का समय विशेष सावधानी की मांग कर रहा है. क्या कहता है आपका भाग्य और किन उपायों से आप अपने दिन को बना सकते हैं बेहतर? इस पर कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालय के ज्योतिष विभागाध्यक्ष डॉ. कुणाल कुमार झा ने विस्तृत जानकारी दी है.
दोपहर 2:30 तक का समय चुनौतीपूर्ण
डॉ. कुणाल कुमार झा के अनुसार, वृश्चिक राशि वालों के लिए गुरुवार को दोपहर 2:30 बजे तक ग्रहों की स्थिति थोड़ी प्रतिकूल बनी रहेगी. इस दौरान किसी भी तरह के महत्वपूर्ण निर्णय लेने से बचें और अनावश्यक खर्चों पर नियंत्रण रखें. कार्यक्षेत्र में अधिकारियों से असहयोग मिल सकता है, इसलिए धैर्य और शांति से काम लें.
दोपहर 2:30 बजे के बाद चंद्रमा का गोचर आपकी राशि से सप्तम भाव में होगा. जो अत्यंत लाभकारी योग बना रहा है. यह स्थिति व्यापार और साझेदारी के लिए विशेष रूप से शुभ है. इस समय के बाद आपकी रुचि धार्मिक कार्यों में बढ़ेगी और आपको कई स्रोतों से लाभ मिलने की प्रबल संभावना है. रुके हुए काम पूरे होंगे और पारिवारिक सहयोग भी मिलेगा.
दिन को शुभ बनाने के अचूक उपाय
ज्योतिषाचार्य डॉ.झा के अनुसार, ग्रहों के नकारात्मक प्रभाव को कम करने और शुभ फलों में वृद्धि के लिए वृश्चिक राशि के जातक कुछ विशेष उपाय कर सकते हैं.
पीले वस्त्र धारण करें: गुरुवार का दिन भगवान विष्णु को समर्पित है, इसलिए पीला वस्त्र पहनना शुभ फलदायी होगा.
दान करें: किसी ब्राह्मण को पीले फल, पीला वस्त्र या पीली धातु (जैसे सोना या पीतल) का दान करने से ग्रह दोष शांत होते हैं.
इन स्त्रोतों का पाठ करें: दिन की शुभता बढ़ाने के लिए शिव सहस्त्रनाम स्त्रोत, वाल्मीकि कृत सुंदरकांड और दुर्गा सप्तशती के चतुर्थ अध्याय का पाठ अवश्य करें. इन उपायों को करने से न केवल दिन की प्रतिकूलता कम होगी, बल्कि घर में सुख, शांति और समृद्धि का वास भी होगा.
मैंने अपने 12 वर्षों के करियर में इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में काम किया है। मेरा सफर स्टार न्यूज से शुरू हुआ और दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, दैनिक भास्कर डिजिटल और लोकल 18 तक पहुंचा। रिपोर्टिंग से ले…और पढ़ें
मैंने अपने 12 वर्षों के करियर में इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में काम किया है। मेरा सफर स्टार न्यूज से शुरू हुआ और दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, दैनिक भास्कर डिजिटल और लोकल 18 तक पहुंचा। रिपोर्टिंग से ले… और पढ़ें
Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी, राशि-धर्म और शास्त्रों के आधार पर ज्योतिषाचार्य और आचार्यों से बात करके लिखी गई है. किसी भी घटना-दुर्घटना या लाभ-हानि महज संयोग है. ज्योतिषाचार्यों की जानकारी सर्वहित में है. बताई गई किसी भी बात का Local-18 व्यक्तिगत समर्थन नहीं करता है.


