Chhath Sandhya Arghya Samagri: छठ पूजा के तीसरे दिन संध्या अर्घ्य में इन सामग्री की पड़ेगी जरूरत, नोट करें पूरी लिस्ट

Chhath Sandhya Arghya Samagri: छठ पूजा के तीसरे दिन संध्या अर्घ्य में इन सामग्री की पड़ेगी जरूरत, नोट करें पूरी लिस्ट

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Chhath Sandhya Arghya Samagri: छठ पूजा के तीसरे दिन यानी संध्या अर्घ्य के दिन भक्त डूबते हुए सूर्य को जल अर्पित करते हैं. मान्यता है कि अस्तगामी सूर्य को अर्घ्य देने से मनुष्य अपने जीवन के उतार-चढ़ाव में संतुलन और धैर्य बनाए रखता है. इस आर्टिकल में छठ पूजा संध्या अर्घ्य सामग्री लिस्ट दी गई है, जो बिहार, झारखंड, पूर्वी यूपी और नेपाल में प्रचलित पारंपरिक विधि पर आधारित है.

Chhath Puja Sandhya Arghya Samagri List In Hindi: छठ पूजा के दिन तीसरे दिन अस्ताचलगामी यानी डूबते सूर्य को अर्घ्य दिया जाता है. हिंदू धर्म में सूर्य को साक्षात देवता माना गया है, जो जीवन, ऊर्जा और स्वास्थ्य के दाता है. छठ पूजा में छठी मैया और सूर्यदेव की पूजा आराधना की जाती है. तीसरे दिन जब सूर्य अस्त होने लगता है, तब भक्त उसे धन्यवाद देते हैं, दिनभर की रोशनी, ऊर्जा और जीवन देने के लिए. तीसरे दिन डूबते सूर्य का अर्घ्य कृतज्ञता का प्रतीक है. छठ पूजा में संध्या अर्घ्य के लिए जो सामग्री (पूजन सामग्री) तैयार की जाती है, वह बेहद पवित्र और विशेष मानी जाती है. छोटी से छोटी हर वस्तु का अपना धार्मिक और प्रतीकात्मक महत्व होता है. संघ्या अर्घ्य के समय आप कोई सामान ना भूल जाएं इसलिए पूरी लिस्ट नोट कर लें, ताकि पूजन में कोई विघ्न ना आए…

छठ पूजा संध्या अर्घ्य सामग्री लिस्ट | Chhath Puja 2025 Sandhya Arghya Samagri List

मुख्य पूजन सामग्री

  • सूप या दौरा (बांस का टोकरीनुमा पात्र) – अर्घ्य देने के लिए अनिवार्य
  • बांस की टोकरी (दो या चार) – फल, प्रसाद और पूजा सामग्री रखने के लिए
  • कलश (पीतल/तांबे का) – जल भरकर सूर्य देव को अर्पण के लिए
  • थाली (पीतल या कांसे की) – पूजा के दौरान सामग्री रखने के लिए
  • दीया (मिट्टी या पीतल का) – सूर्य अर्घ्य के समय जलाने के लिए
  • गंगाजल या शुद्ध जल – अर्घ्य देने के लिए
  • सूर्य कवच पाठ

फल और प्रसाद सामग्री

  • केला (12 या 24 पीस) – हर सूप में रखने की परंपरा
  • सेब, नारियल, अमरूद, नींबू, अनार, गन्ना – पंचफलों में गिने जाते हैं
  • शकरकंद – विशेष रूप से छठ प्रसाद का हिस्सा
  • डाब (कच्चा नारियल) – जल और पवित्रता का प्रतीक
  • कटहल, सुपारी और पान के पत्ते – शुभता का प्रतीक

प्रसाद (ठेकुआ और अन्य वस्तुएं)

  • ठेकुआ – छठ पूजा का प्रमुख प्रसाद (गेहूं का आटा, गुड़ और घी से बना)
  • रसीया खीर (गुड़ की खीर) – अर्घ्य से पहले तैयार की जाती है
  • चावल और दुधिया चावल (खिचड़ी या पुए-पकवान) – व्रती भोजन में उपयोगी
  • लड्डू, मिठाई (घर की बनी) – प्रसाद के रूप में

पौध और पूजा सामग्री

  • पांच प्रकार के फल एवं हरी सब्जियां – पंचतत्व का प्रतीक
  • सिंघाड़ा और अदरक – विशेष पूजन सामग्री मानी जाती है
  • गन्ना (पूरा डंठल सहित) – छठ घाट सजाने और पूजा में आवश्यक
  • नई फसल का धान (अन्न) – समृद्धि का प्रतीक
अन्य आवश्यक सामग्री

  • कपड़ा (नया साड़ी और धोती) – व्रती के स्नान और पूजन के लिए
  • रोली, चावल (अक्षत), सिंदूर, हल्दी, कुमकुम – पूजा के लिए
  • धूप, कपूर और अगरबत्ती – वातावरण शुद्ध करने के लिए
  • फूल (मुख्यतः गेंदे के) – सजावट और पूजा में
  • मिट्टी के दीपक और तेल – घाट पर सजाने के लिए
  • सुथनी, माटी का चौका, टोकरी में सजावट का कपड़ा
  • डोरी या सूत – कलश बांधने या दीपक सजाने के लिए

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Parag Sharma

मैं धार्मिक विषय, ग्रह-नक्षत्र, ज्योतिष उपाय पर 8 साल से भी अधिक समय से काम कर रहा हूं। वेद पुराण, वैदिक ज्योतिष, मेदनी ज्योतिष, राशिफल, टैरो और आर्थिक करियर राशिफल पर गहराई से अध्ययन किया है और अपने ज्ञान से प…और पढ़ें

मैं धार्मिक विषय, ग्रह-नक्षत्र, ज्योतिष उपाय पर 8 साल से भी अधिक समय से काम कर रहा हूं। वेद पुराण, वैदिक ज्योतिष, मेदनी ज्योतिष, राशिफल, टैरो और आर्थिक करियर राशिफल पर गहराई से अध्ययन किया है और अपने ज्ञान से प… और पढ़ें

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